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विश्व नाटक में आत्मा की यात्रा (भाग–2)

विश्व नाटक में आत्मा की यात्रा (भाग–2)
Journey

कल के संदेश के आगे

लंबे समय तक इस विश्व रंगमंच पर अपना किरदार निभाते-निभाते, तुम्हारी पवित्रता और शक्ति धीरे-धीरे कम होने लगी। तुम यह भूल गए कि तुम शरीर नहीं, आत्मा हो। काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकारों ने तुम्हें जकड़ लिया। अपने मूल प्रेम और भाईचारे के स्वभाव को भूलकर, तुम आपस में लड़ने-झगड़ने लगे। इससे दुख बढ़ता गया और तुम मुझे याद करने लगे। दुख में तुमने मुझे इस भौतिक संसार में ढूँढ़ना शुरू कर दिया और

यह भूल गए कि मैं तुम्हारा पिता सोल वर्ल्ड (परमधाम) में रहता हूँ।

मेरी हल्की-सी याद के कारण कि मैं भी तुम जैसी एक ज्योति-बिंदु आत्मा हूँ, तुमने मंदिर बनाए और मेरे बिंदु स्वरूप को मेरी यादगार का चिन्ह बना दिया।

जैसे-जैसे तुम्हारा दुख बढ़ा, तुम्हारी पुकार भी तेज़ होती गई। तब मेरे कुछ पवित्र बच्चे—अब्राहम, गौतम बुद्ध, जीसस क्राइस्ट, मोहम्मद, महावीर, शंकराचार्य, गुरुनानक आदि—तुम्हें मार्ग दिखाने आए। वे तुम्हें सही जीवन जीना सिखाने और मुझे याद दिलाने आए थे। कुछ ने तुम्हें यह भी बताया कि,

मैं सुप्रीम सोल हूँ—ज्योति-बिंदु प्रकाश, पवित्रता और प्रेम का सागर, और सोल वर्ल्ड में रहता हूँ।

वे तुम्हें मुझसे जोड़ने आए थे, लेकिन पर तुमने मुझे उनमें ही ढूँढ़ना शुरू कर दिया।

समय के साथ तुम धर्म, पंथ और देश के नाम पर बँटते चले गए। मेरे मीठे बच्चे, तुमने मेरे नाम पर युद्ध तक करने शुरू कर दिए। तुमने अपने सतयुग और त्रेता युग के पूर्वजों—राधे-कृष्ण, लक्ष्मी-नारायण, राम-सीता जैसी दैवी आत्माओं की याद में मंदिर बनाए और मुझे उनमें देखने लगे। जैसे-जैसे तुम्हारी पुकार बढ़ी, तुम्हारी खोज भी तेज़ होती गई। तुमने मुझे प्रकृति में ढूँढ़ा, यहाँ तक कि यह मानने लगे कि मैं हर आत्मा में रहता हूँ। कुछ ने अपना पूरा जीवन मुझे खोजने में लगा दिया, फिर भी मुझे नहीं पा सके। और कुछ लोग विज्ञान और तकनीक में इतने उलझ गए कि उन्होंने मेरे अस्तित्व से ही इंकार कर दिया। यह सब द्वापर युग और कलयुग में घटित हुआ—जो सतयुग और त्रेतायुग के बाद लगभग 2500 वर्षों तक चला।

(कल भी जारी रहेगा)

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उत्थान से पतन… ज्ञान से अज्ञान… सुख से दुःख… विजय से पराजय… स्वतंत्रता से बंधन — हम यह सब अपनी आँखों के सामने होते देख रहे हैं। क्या हम इस अशांति के पात्र थे? और एक प्रेममय व शक्तिशाली परमात्मा दुःख को बढ़ने कैसे दे सकता है?

इन गहरे प्रश्नों का उत्तर जानिए विशेष एनिमेटेड फिल्म “THE SECRETS OF TIME” में। यह अनोखी प्रस्तुति समय के रहस्यों को उजागर करती है और वर्तमान कठिन परिस्थितियों को पार करने के लिए आवश्यक समझ और शक्ति प्रदान करती है।

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आज का अभ्यास

आत्मा की पवित्रता घटने के बाद क्या हुआ। इस भाग में परमात्मा की याद, धर्मगुरुओं का आगमन और भटकती मानवता की खोज को विश्व नाटक के क्रम में समझाया गया है।

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