विश्व नाटक में आत्मा की यात्रा (भाग 4)

महाशिवरात्रि 15 फरवरी पर विशेष आध्यात्मिक संदेश : कल के संदेश के आगे
मीठे बच्चे,
अब अपने मूल स्वरूप को पहचानो और मुझसे संबंध जोड़ो। मुझे याद करो और अपनी शांति, पवित्रता, आनंद, शक्ति और प्रेम की विरासत को पुनः प्राप्त करो।
मैं तुम्हें फिर से शक्ति देने आया हूँ ताकि हम साथ में मिलकर एक नए विश्व का निर्माण कर सकें, एक ऐसा विश्व जहां:
- शांति ही धर्म हो
- प्रेम की भाषा हो
- हर संबध करुणाभाव के साथ हो
- हर कर्म में सच्चाई हो और
- खुशी ही जीवन का आधार हो
एक नया संसार, एक नई सुबह....जो तुम्हारा सपना था… जो बहुत जल्दी रिएलिटी बनने वाला है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर परमात्मा का हम सभी के लिए एक विशेष संदेश है। ब्रह्माकुमारीज़ में उनके साथ के अनुभव कुछ इस तरह व्यक्त किए जाते हैं—परमात्मा मुझसे रोज़ बात करते हैं। वे मुझसे बहुत प्रेम करते हैं। उन्होंने मेरे जीवन के कष्ट दूर किए हैं। वे मुझे प्रतिदिन पढ़ाते और मार्गदर्शन देते हैं। मुझे पता है कि यह सुनना, विश्वास करना आसान नहीं लगता।
लेकिन यह सत्य है कि वे इस धरती पर आ चुके हैं।
तो क्या आप उनसे जुड़ना चाहेंगे? क्या आप उनसे अपने सभी संबंध निभाना चाहेंगे? वे यहीं हैं। वे जितने मेरे हैं, उतने ही आपके भी हैं। आख़िरकार, वे आ गए हैं। आइए… और स्वयं अनुभव कीजिए।
एनीमेशन मूवी देखने के लिए : द सीक्रेट ऑफ टाईम हमें समय के युगचक्र - संगमयुग की समझ देकर बताती है कि दुनिया की स्थिति आत्मा की स्थिति का प्रतिबिंब है। देह-अभिमान से आत्म-अभिमान, परमात्मा की याद और राजयोग के द्वारा स्व-परिवर्तन होता है—और वही स्वर्णयुग के नए भविष्य की रचना बनता है।
आज का अभ्यास
क्या आप परमात्मा से संबंध जोड़ना चाहते हैं। यह भाग आत्मा की पूर्ण यात्रा, नए विश्व के स्वप्न और परमात्मा के सान्निध्य का प्रत्यक्ष अनुभव करने की प्रेरणा देता है।
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