
महिला सशक्तिकरण का अनूठा कार्य
प्रकृति का शाश्वत नियम है रात के बाद दिन और दिन के बाद रात आने का। ठीक उसी तरह जब-जब मानव अपने धर्म-कर्म-मर्यादाओं से गिर जाता है तब-तब कोई न
प्रसन्नचित्त
गुणग्राहकता
खुशी
दृढ़ता
ईमानदारी
सुंदरता
वफादार
संतुष्टता
क्षमाशील
प्रेम
उत्साह
शान्ति
दयालु
साहस
सहयोग

प्रकृति का शाश्वत नियम है रात के बाद दिन और दिन के बाद रात आने का। ठीक उसी तरह जब-जब मानव अपने धर्म-कर्म-मर्यादाओं से गिर जाता है तब-तब कोई न

भ्राता जगदीश चन्द्र के रूहानी क्षण ब्रह्मा बाबा के साथ 1953 में माउंट आबू में घटित वह दिव्य अनुभव है, जहाँ बाबा की मुस्कान, स्नेह और योग ने आत्मा को गहन शांति दी। यह अनुभव शब्दों से परे है

Whilst in Karachi, Brahma Baba taught knowledge to the growing family of children, teaching through example as much as through precept. And with the power of meditation (yoga), the souls

हम हृदयंगम करते (दिल से कहते ) हैं कि भगवान हमारा साथी है। भगवान हमारा साथी बना, उसने कब, कैसे साथ दिया यह अनुभव सबको है। एक है सैद्धान्तिक ज्ञान