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दिलतख्तनशीन - Intoxlcant of Gods heart throne - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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दिलतख्तनशीन - Intoxlcant of Gods heart throne
दिलतख्तनशीन - Intoxlcant of Gods heart throne
30 unique murli dates in this topic
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30 murlis in हिंदी
13/11/1969
“बापदादा की उम्मीदें - क्वान्टिटी के बजाए क्वालिटी वाले बनो और बनाओ”
22/01/1971
“दिलतख्त नशीन आत्मा की निशानी”
20/08/1971
“सबसे श्रेष्ठ तख्त और ताज”
06/06/1973
“समानता और समीपता”
11/07/1974
“मुरली में दी गई डायरेक्शन से ही सर्व कमियों से छुटकारा”
02/09/1975
“दिल रूपी तख्त-नशीन ही सतयुगी विश्व के राज्य का अधिकारी”
28/05/1977
“बापदादा के सदा दिल तख्तनशीन, समान बच्चों के लक्षण”
10/01/1979
“अब वेस्ट और वेट को समाप्त करो”
19/12/1979
“सहज याद का साधन - स्वयं को खुदाई खिदमतगार समझो”
09/01/1980
“अलौकिक ड्रेस और अलौकिक श्रृंगार”
09/03/1981
“मेहनत समाप्त कर निरन्तर योगी बनो”
15/03/1981
“स्वदर्शन चक्रधारी तथा चक्रवर्ती ही विश्व-कल्याणकारी”
26/04/1982
“बापदादा के दिलतख्तनशीन बनने का सर्व को समान अधिकार”
25/05/1983
“ब्रह्मा बाप की बच्चों से एक आशा”
15/03/1985
“मेहनत से छूटने का सहज साधन - निराकारी स्वरूप की स्थिति”
18/03/1985
“सन्तुष्टता”
11/04/1986
“श्रेष्ठ तकदीर की तस्वीर बनाने की युक्ति”
18/01/1988
“‘स्नेह’ और ‘शक्ति’ की समानता”
23/03/1988
“दिलाराम बाप के दिलतख्त-जीत दिलरूबा बच्चों की निशानियाँ”
31/12/1989
“वाचा सेवा के साथ मन्सा सेवा को नेचुरल बनाओ, शुभ भावना सम्पन्न बनो”
10/04/1991
“दिलतख्तनशीन और विश्व तख्तनशीन बनने के लिए सुख दो और सुख लो”
21/11/1992
“कर्मों की गुह्य गति के ज्ञाता बनो”
31/12/1992
“सफलता प्राप्त करने का साधन - सब कुछ सफल करो”
07/03/1993
“होली मनाना अर्थात् हाइएस्ट और होलीएस्ट बनना”
31/12/1993
“नये वर्ष में सदा उमंग-उत्साह में उड़ना और सर्व के प्रति महादानी, वरदानी बन व्यर्थ को समाप्त करना”
25/01/1994
“ब्राह्मणों की नेचर विशेषता की नेचर है - इसे नेचुरल स्मृति स्वरूप बनाओ”
18/02/1994
“स्वमान की स्मृति का स्विच ऑन करने से देह भान के अंधकार की समाप्ति”
30/11/2002
“रिटर्न शब्द की स्मृति से समान बनो और रिटर्न-जर्नी के स्मृति स्वरूप बनो''
05/03/2004
“कमजोर संस्कारों का संस्कार कर सच्ची होली मनाओ तब संसार परिवर्तन होगा''
28/03/2006
“विश्व की आत्माओं को दु:खों से छुड़ाने के लिए मन्सा सेवा को बढ़ाओ, सम्पन्न और सम्पूर्ण बनो”