हिंदी Murlis — 1985
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02/01“सर्वोत्तम स्नेह, सम्बन्ध और सेवा”07/01“नये वर्ष का विशेष संकल्प - ‘मास्टर विधाता बनो’”09/01“श्रेष्ठ भाग्यवान आत्माओं की रूहानी पर्सनैलिटी”14/01“शुभ चिन्तक बनने का आधार स्वचिन्तन और शुभ चिन्तन”16/01“भाग्यवान युग में भगवान द्वारा वर्से और वरदानों की प्राप्ति”18/01“प्रतिज्ञा द्वारा प्रत्यक्षता (स्मृति दिवस पर विशेष)”21/01“ईश्वरीय जन्म दिन की गोल्डन गिफ्ट - ‘दिव्य बुद्धि’”23/01“दिव्य जन्म की गिफ्ट - दिव्य नेत्र”28/01“विश्व सेवा का सहज साधन मन्सा सेवा”30/01“मायाजीत और प्रकृतिजीत ही स्वराज्य-अधिकारी”16/02“हर श्वांस में खुशी का साज बजना ही इस श्रेष्ठ जन्म की सौगात है”18/02“संगमयुग - तन, मन, धन और समय सफल करने का युग”21/02“शीतलता की शक्ति”24/02“संगमयुग - सर्व श्रेष्ठ प्राप्तियों का युग”27/02“शिव शक्ति पाण्डव सेना की विशेषतायें”02/03“वर्तमान ईश्वरीय जन्म - अमूल्य जन्म”06/03“होली का रूहानी रहस्य”09/03“बाप और सेवा से स्नेह - यही ब्राह्मण जीवन का जीयदान है”12/03“सत्यता की शक्ति”15/03“मेहनत से छूटने का सहज साधन - निराकारी स्वरूप की स्थिति”18/03“सन्तुष्टता”21/03“स्वदर्शन चक्र से विजय चक्र की प्राप्ति”24/03“अब नहीं तो कब नहीं”27/03“कर्मातीत अवस्था”30/03“तीन-तीन बातों का पाठ”11/04“उदारता ही आधार स्वरूप संगठन की विशेषता है”02/09“हर कार्य में सफलता का सहज साधन स्नेह”11/11“दीपमाला - समीपता, सम्पन्नता और सम्पूर्णता का यादगार”13/11“संकल्प, संस्कार, सम्बन्ध बोल और कर्म में नवीनता लाओ”18/11“भगवान के भाग्यवान बच्चों के लक्षण”20/11“ब्राह्मणों का संगमयुगी न्यारा, प्यारा श्रेष्ठ संसार”25/11“निश्चय बुद्धि विजयी रत्नों की निशानियाँ”27/11“पुराना संसार और पुराना संस्कार भुलाने का उपाय”02/12“बन्धनों से मुक्त होने की युक्ति - रूहानी शक्ति”04/12“संकल्प की भाषा - सर्वश्रेष्ठ भाषा”09/12“बालक सो मालिक”11/12“सच्चे सेवाधारी की निशानी”14/12“वर्तमान समय की जीवन भविष्य का दर्पण”16/12“राइट हैण्ड कैसे बनें?”19/12“फॉलो फादर”23/12“कामजीत - सर्व हद की कामनाओं से परे”25/12“मधुरता द्वारा कड़ुवी धरनी को मधुर बनाओ”30/12“विशाल बुद्धि की निशानी”
