ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग द्वारा आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय राजनीतिज्ञ सम्मेलन का शुभारंभ दिनांक 13 सितंबर 2025 को संस्था के आबू मुख्यालय स्थित आनंद सरोवर परिसर में भव्य रूप से किया गया। “समाज में नैतिकता और आध्यात्मिकता – एक स्वर्णिम युग की ओर” विषय पर आधारित इस सम्मेलन में देशभर से एक हजार से अधिक जनप्रतिनिधि, नेता एवं विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में ORC की निदेशिका राजयोगिनी बीके आशा दीदी ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा कि _"भारत देश की शक्ति और शौर्य आध्यात्मिकता में ही निहित है। जब समाज में नैतिकता और आध्यात्मिक मूल्यों का पुनर्स्थापन होगा, तभी सच्चे अर्थों में रामराज्य की स्थापना संभव है।"_ उन्होंने मातृशक्ति के योगदान को रेखांकित करते हुए भारत की सांस्कृतिक विरासत की महिमा का गुणगान किया।
नेपाल की सांसद गंगा कुमारी वेल्वासे ने कहा कि यदि राजनेता नैतिक और चरित्रवान बनें, तो समाज में स्वतः ही एकता, शांति और सुशासन स्थापित होगा।
हैदराबाद के पूर्व विधायक गंगाराम सौदागर ने अपनी जीवनगाथा साझा करते हुए बताया कि कैसे ब्रह्माकुमारीज़ संस्था से जुड़ने के बाद उनका जीवन पूर्ण रूप से परिवर्तित हो गया। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन को अपनाकर नकारात्मकताओं से मुक्ति पाई और सात्विक जीवनशैली को अपनाया।
मैसूर सबज़ोन की निदेशिका बीके लक्ष्मी दीदी ने कहा कि "समाज को दिशा देने वाले नेताओं को पहले स्वयं अपने जीवन में मूल्यों को आत्मसात करना चाहिए। राजयोग मेडिटेशन से आत्मबल और नेतृत्व क्षमता दोनों का विकास होता है।" बीके सपना दीदी ने सम्मेलन की विस्तृत जानकारी दी तथा बीके धानेश्वरी दीदी ने सभी प्रतिभागियों को राजयोग ध्यान द्वारा शांति की अनुभूति कराई।
यह सम्मेलन न केवल राजनेताओं के आंतरिक परिवर्तन का मंच बनेगा, बल्कि संपूर्ण समाज को नैतिकता व अध्यात्म के पथ पर अग्रसर करने की प्रेरणा भी देगा।































