आबू रोड। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के शांतिवन परिसर स्थित डायमंड हॉल में साइंटिस्ट, इंजीनियरिंग और आर्किटेक्ट विंग द्वारा चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन एवं 3E एक्सपो का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन 12 से 16 सितम्बर 2025 तक चलेगा, जिसमें देशभर से पाँच हजार से अधिक वैज्ञानिक, इंजीनियर, आर्किटेक्ट तथा निर्माण क्षेत्र से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी भाग ले रहे हैं।
शुक्रवार को केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने 3E एक्सपो का उद्घाटन किया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि इस एक्सपो से लोगों को एनर्जी, एनवायर्मेंट और इम्पॉवरमेंट का सशक्त संदेश मिलेगा। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं अध्यात्म-विज्ञान के समन्वय की सराहना की।
सम्मेलन के स्वागत सत्र में दुर्गापुर स्टील प्लांट के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर श्री निलोपत रॉय ने कहा कि कार्य और जीवन में श्रेष्ठ संतुलन से ही श्रेष्ठ उपलब्धि मिल सकती है। उन्होंने साझा किया कि राजयोग अभ्यास से उनके जीवन में शांति और परिवर्तन आया है।
कर्नाटक बेलगाव के वेगा ग्रुप के सहसंस्थापक श्री सुभाष चांडक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ से जुड़ने पर उन्होंने दिव्यता की अनुभूति की और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से आंतरिक शांति का अनुभव किया।
ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने कहा कि भारत विश्वगुरु तभी बनेगा जब प्रत्येक व्यक्ति का जीवन आदर्श और गरिमामय बने। विंग के अध्यक्ष बीके मोहन सिंघल भाई ने बल देते हुए कहा कि बिना कार्य-जीवन संतुलन के सुख-शांति संभव नहीं।
विंग की उपाध्यक्ष भिलाई की बीके आशा दीदी ने कहा कि बैलेंस से ही ब्लेसिंग मिलती है और ब्लेसिंग के बिना जीवन में ऊँचाई प्राप्त नहीं की जा सकती। नेपाल के एनएसईटी अध्यक्ष प्रो. अमोदमनी दीक्षित ने भी अपने संबोधन में कहा कि अध्यात्म आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और नई खोजों का आधार भी अध्यात्म ही है।
इस अवसर पर नृत्यश्री नृत्यालय, कर्नाटका की बालिकाओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को आनंदित किया।
इस चार दिवसीय आयोजन में सभी प्रतिभागियों को ज्ञान, ध्यान एवं अनुभव से समृद्ध करने वाले अनेक सत्र और गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।
































