ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन, आबूरोड (राजस्थान) में शुक्रवार से वैश्विक शिखर सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर देश-विदेश से लगभग छह हजार नामी-गिरामी हस्तियां एकत्रित हुईं। सम्मेलन का मुख्य विषय एकता और विश्वास – आदर्श भविष्य के लिए प्रेरणा रखा गया, जिसके अंतर्गत धर्म, अध्यात्म, राजनीति, व्यापार, शिक्षा, समाजसेवा, प्रशासन और मीडिया जगत के प्रमुख प्रतिनिधि अपने विचार साझा कर रहे हैं।
स्वागत सत्र की प्रमुख झलकियां:
मुख्य अतिथि कर्नाटक के शिमोगा से सांसद श्री बी.वाई. राघवेंद्र ने कहा कि “पर्यावरण की सुरक्षा आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। ब्रह्माकुमारीज़ के शांतिवन परिसर पर्यावरण संरक्षण के अनुपम उदाहरण हैं।” उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से समाज में शांति और संतुलन का संदेश प्रसारित किया जा रहा है।
कर्नाटक के आबकारी मंत्री श्री आर.बी. तिम्मापुर ने कहा कि “आज के समाज में अध्यात्म और मेडिटेशन की अत्यंत आवश्यकता है और ब्रह्माकुमारीज़ का यह योगदान सराहनीय है।”
पर्यावरण संरक्षण पर प्रेरक विचार:
जर्मनी से आए वरिष्ठ राजयोगी एवं पर्यावरणविद् गोलो जे. पिल्ज ने इंडिया वन सोलार थर्मल पावर प्लांट को नवीनीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मिसाल बताया। उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती तथा सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं।
आध्यात्मिक दृष्टिकोण से एकता का संदेश:
जयपुर से आई वरिष्ठ पत्रकार दीप्ति कोठारी ने अर्द्धनारीश्वर सिद्धांत पर अपने प्रेरक विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “पुरुष और नारी, अग्नि और सोम एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों की एकता से ही सृष्टि का निर्माण होता है।”
सम्मान समारोह:
राजस्थान पत्रिका समूह संपादक श्री गुलाब कोठारी को ‘राष्ट्र चेतना पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया, जिसे उनके प्रतिनिधि के रूप में निदेशक दीप्ति कोठारी ने ग्रहण किया।
आकाश चौरासिया (प्राकृतिक खेती प्रशिक्षक, मध्यप्रदेश) और के.वी. दयाल (महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, केरल) को ‘गार्डियन ऑफ ह्यूमैनिटी अवार्ड’ प्रदान किया गया।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में योग के प्रति जनजागरूकता फैलाने हेतु इंडिया टीवी की वरिष्ठ एंकर मीनाक्षी जोशी को भी ‘राष्ट्र चेतना पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
विशेष संबोधन:
वरिष्ठ एंकर मीनाक्षी जोशी ने कहा, एकता और विश्वास समाज के कल्याण की धुरी हैं। सस्टेनेबल मन और सस्टेनेबल शरीर के लिए योग आवश्यक है। हमें ‘नो प्लास्टिक यूज’ को अपनाना चाहिए।
नेपाल के सुप्रसिद्ध गायक आनंद कार्की ने कहा कि मेडिटेशन के अभ्यास से मन में सदा सकारात्मकता और सेवा भावना बनी रहती है।
अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने स्वागत भाषण में कहा कि शांतिवन का सोलार किचन, जहां प्रतिदिन 30,000 लोगों का भोजन सौर ऊर्जा से तैयार होता है, ऊर्जा संरक्षण का अद्भुत उदाहरण है।
संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके सुदेश दीदी और राजयोगिनी बीके चक्रधारी दीदी ने भी अपने उद्बोधनों में अध्यात्म और एकता का संदेश दिया।
संस्कृतिक झलकियां:
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के उज्जैन के मालव लोक कला केंद्र, पुणे के आकार कथक डांस ग्रुप तथा आंध्रप्रदेश के तड़ीपत्री वंदना डांस अकादमी के कलाकारों ने स्वागत गीत और नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सभी अतिथियों का स्वागत डॉ. बीके मृत्युंजय भाई द्वारा माला एवं पगड़ी पहनाकर किया गया।
कार्यक्रम का संचालन आरजे बीके श्रीनिधि भाई ने किया और आभार पीआरओ बीके कोमल भाई ने व्यक्त किया।
यह सम्मेलन न केवल एकता और विश्वास के सूत्र को सशक्त बनाता है, बल्कि पर्यावरणीय, सामाजिक और आध्यात्मिक संतुलन की दिशा में सामूहिक चिंतन का सुंदर मंच भी प्रदान करता है। शांतिवन में आरंभ हुआ यह आयोजन विश्व में एकता, शांति और सतत विकास के प्रेरक स्वरूप के रूप में उभरा है।































