सिरसा स्थित ब्रह्माकुमारीज़ आनंद सरोवर सेवा केंद्र में प्रशासक सेवा प्रभाग के तत्वावधान में “बेहतर प्रशासन के लिए मूल्य एवं आध्यात्मिकता” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, न्यायपालिका से जुड़े प्रतिनिधियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर सुशासन में आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों की भूमिका पर सार्थक मंथन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका बीके आशा बहन ने कहा कि
आध्यात्मिकता ही सशक्त प्रशासन का वास्तविक आधार है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासक स्वयं के मूल्यों, आत्म-जागरूकता और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करते हैं, तभी वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का श्रेष्ठ निर्वहन कर सकते हैं।
मुख्य अतिथि हिसार मंडल की आयुक्त श्रीमती गीता भारती ने कहा कि
श्रेष्ठ मूल्य और संस्कार ही कुशल प्रशासन की नींव हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में संवेदनशीलता, ईमानदारी और नैतिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. विजय कुमार, सिरसा के अतिरिक्त उपायुक्त श्री अर्पित सिंघल तथा डीएसपी श्री राजेश कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों के बिना सकारात्मक और जनकल्याणकारी प्रशासन की कल्पना संभव नहीं है। वक्ताओं ने श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित निमित्त भाव, अनासक्त वृत्ति और साक्षी दृष्टा जैसे सिद्धांतों को कर्मयोग का आधार बताते हुए जीवन एवं प्रशासन में उनके महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ आनंद सरोवर सेवा केंद्र की निदेशिका बीके बिंदु बहन ने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं पर शासन करना सीख लेता है, वही समाज का श्रेष्ठ प्रशासक बन सकता है।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, आध्यात्मिक चिंतन एवं ईश्वरीय अनुभूति के माध्यम से उपस्थित सभी अतिथियों को सकारात्मक जीवन मूल्यों एवं आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर न्यायपालिका, प्रशासन, शिक्षा, सामाजिक क्षेत्र तथा विभिन्न संस्थानों से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

















