ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं पुण्यतिथि के पावन अवसर पर न्यू पलासिया स्थित ज्ञानशिखर सेवाकेंद्र इंदौर पर विशाल रक्तदान शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस सेवा कार्य का मूल संदेश था – "रक्तदान जीवनदान है – यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।"
इस सेवा आयोजन में कुल 200 क्रॉस यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जो एक महान मानवीय सेवा का प्रतीक बनकर समाज में एक सकारात्मक संदेश फैलाने वाला कदम सिद्ध हुआ।
सांसद श्री शंकर लालवानी ने इस अवसर पर कहा कि दादीजी का जीवन समाज सेवा को समर्पित था और उनकी प्रेरणा आज भी सभी के साथ है।
बीके हेमलता दीदी ने बताया कि यह शिविर भारत और नेपाल में चल रहे ब्रह्माकुमारीज़ के रक्तदान महाअभियान का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य 1 लाख यूनिट रक्त एकत्र करना है। डॉ. साधना सोडाणी ने रक्तदान को श्रेष्ठ सेवा बताया, वहीं बीके जयंती दीदी ने वर्तमान समय में रक्त की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
डॉ. नरेंद्र वर्मा ने कहा कि एक यूनिट रक्त तीन लोगों की जान बचा सकता है और यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। कार्यक्रम में डॉ. अरविंद घनघोरिया, डॉ. अशोक यादव, डॉ. दिनेश बिसेन समेत कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
समापन पर दादीजी को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संचालन डॉ. शिल्पा देसाई ने किया तथा बीके उषा बहन ने सभी का आभार व्यक्त किया।





























