ब्रह्माकुमारीज़ (RERF) धार्मिक प्रभाग की पूर्व चेयरपर्सन राजयोगिनी प्रेमलता दीदी के 9वें पुण्य स्मृति दिवस पर आयोजित भव्य एवं दिव्य कार्यक्रम में वर्ष 2026-27 की थीम ‘विश्व उत्कर्ष के लिए आध्यात्मिक जागृति’ का उत्तराखंड में राज्य स्तरीय शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष बहन ऋतु खण्डूरी, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, धर्मपुर विधायक भ्राता विनोद चमोली, ब्रह्माकुमारीज़ महिला विंग की राष्ट्रीय संयोजिका बीके शारदा दीदी, बीके मंजू दीदी, बीके मीना दीदी तथा बीके सुशील भाई ने राजयोगिनी प्रेमलता दीदी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि बहन ऋतु खण्डूरी ने कहा कि
वर्ष 1936 में स्थापित ब्रह्माकुमारीज़ संस्था आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी स्थापना के समय थी। उन्होंने कहा कि अध्यात्म का अर्थ स्वयं को जानना है। यदि हम आंतरिक सुख और शांति चाहते हैं तो सेवा के प्रति ईमानदारी और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन आवश्यक है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि
ब्रह्माकुमारीज़ केंद्रों पर आने से जीवन जीने की श्रेष्ठ कला सीखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि भौतिक प्रगति के बावजूद मनुष्य इसलिए सुखी नहीं है क्योंकि उसने अपने अंतर्मन की यात्रा करना छोड़ दिया है। उन्होंने उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसमें ब्रह्माकुमारीज़ के योगदान और सरकार के साथ चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान की सराहना की।
धर्मपुर विधायक भ्राता विनोद चमोली ने कहा कि
उनके क्षेत्र में ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र का होना सौभाग्य की बात है। यह संस्था व्यक्ति को स्वयं से परिचित कराकर जीवन को सही दिशा देती है।
राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी ने कहा कि
ब्रह्माकुमारीज़ नारी नेतृत्व का श्रेष्ठ उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अनुशासित और मूल्यनिष्ठ जीवन के लिए संस्था की शिक्षाएँ प्रेरणादायक हैं तथा भारत को विश्वगुरु बनाने में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।
ब्रह्माकुमारीज़ महिला विंग की राष्ट्रीय संयोजिका बीके शारदा दीदी ने प्रेमलता दीदी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि
उन्होंने अपनी सादगी, पवित्रता और ईश्वरीय सेवाओं से उत्तराखंड की धरती को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में अध्यात्म ही मानव को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का सशक्त मार्ग है।
बीके मंजू दीदी ने प्रेमलता दीदी की लगभग 60 वर्षों की ईश्वरीय सेवाओं को स्मरण करते हुए कहा कि
‘विश्व उत्कर्ष के लिए आध्यात्मिक जागृति’ की थीम समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनेगी।
बीके मीना दीदी ने सभी को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया। कार्यक्रम का संचालन बीके सुशील भाई ने किया। सभी अतिथियों का स्वागत ब्रह्माकुमारीज़ सब-ज़ोन प्रभारी बीके मंजू दीदी एवं अन्य बहनों ने अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। इस अवसर पर प्रेमलता दीदी की स्मृति में भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के भाई-बहनों तथा गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।






























