ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मनमोहिनीवन स्थित ग्लोबल ऑडिटोरियम में दो दिवसीय रॉयल फैमिली स्प्रीचुअल रिट्रीट का शुभारंभ प्रातः 10 बजे दीप प्रज्जवलित कर हुआ। इस विशेष अवसर पर देशभर के राजा-महाराजा घरानों के वंशज और शाही परिवारों के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी का स्वागत परंपरागत राजस्थानी पगड़ी पहनाकर शाही अंदाज में किया गया। स्वागत सत्र में रॉयल हैरीटेज, रॉयल फ्यूचर शीर्षक से विशेष वीडियो प्रस्तुति दी गई, जिसमें स्वर्णिम युग की झलक दिखाई गई।
उद्घाटन सत्र में ब्रह्माकुमारीज़ की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी ने कहा कि जीवन अमूल्य है, इसे परमात्मा की याद और सेवा में सफल बनाना चाहिए। सबसे पहले आत्म स्वरूप को पहचानकर जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझना आवश्यक है। अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके जयंती दीदी ने कहा कि भारत शीघ्र ही स्वर्णिम भारत बनेगा और विश्वगुरु के स्थान पर प्रतिष्ठित होगा। उन्होंने कहा कि परमपिता शिव परमात्मा सभी आत्माओं को राजयोग मेडिटेशन की शिक्षा दे रहे हैं, जिससे आत्मबल बढ़ाकर स्वराज्य की अनुभूति की जा सकती है। राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी ने सभी शाही परिवारों का स्वागत करते हुए कहा कि यह परमात्मा का घर है, यहां आकर सभी आत्माएं आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर सकती हैं।
अतिरिक्त महासचिव बीके करुणा भाई ने कहा कि स्व परिवर्तन से विश्व परिवर्तन ही संस्थान का मुख्य उद्देश्य है। जब व्यक्ति स्वयं में बदलाव लाएगा तो विश्व में भी दिव्य परिवर्तन संभव होगा। अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने शाही परिवारों की उपस्थिति पर खुशी व्यक्त की और कहा कि भयमुक्त जीवन का अनुभव ब्रह्माकुमारीज़ की शिक्षाओं से ही संभव है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रताप मिड्ढा ने भी अपने विचार साझा किए। दोपहर में सभी अतिथियों ने शांतिवन परिसर, शिव भोलानाथ का भंडारा और सोलर थर्मल पावर प्लांट का भ्रमण किया।
इस रिट्रीट में देश के विभिन्न शाही घरानों के सदस्यों ने अपने विचार रखे। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री एवं डोंडाइचा के जयकुमार रावल ने कहा कि उनका राजपरिवार समाज कल्याण के कार्यों में सदैव ब्रह्माकुमारीज़ के साथ है। उदयपुर के महाराजा विश्वराज सिंह बहादुर ने कहा कि संस्थान 1937 से आज 140 देशों तक पहुंचा है और आध्यात्मिक जागरण की दिशा में कार्य कर रहा है। छत्तीसगढ़ के महाराज त्रिभुनानेश्वर शरण सिंह देव ने कहा कि संस्थान द्वारा युवाओं में नैतिकता और अध्यात्म के मूल्यों का विकास किया जा रहा है। इसी प्रकार रामपुर के नवाब सैय्यद मोहम्मद काज़िम अली खान, हैदराबाद के निज़ाम नवाब रौनक यार खान, बूंदी के महाराव राजा वंशवर्धन सिंह, किशनगढ़ की महारानी मीनाक्षी देवी, सिरोही के महाराज देवव्रत सिंह बहादुर, राजपिपला के युवराज मानवेंद्र सिंह गोहिल सहित अनेक शाही परिवारों ने अपनी श्रद्धा और शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।
इसके अलावा राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के कई राजघरानों के राजा-महाराज और महारानियाँ भी इस अवसर पर मौजूद रहीं। सभी ने अनुभव साझा करते हुए ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह संस्था वास्तव में विश्व को एक परिवार बनाने की दिशा में अग्रसर है।
यह दो दिवसीय रिट्रीट Awakening the Inner Sovereign विषय पर आधारित है और इसमें आत्मिक जागृति, राजयोग ध्यान तथा शांति अनुभव से जुड़े अनेक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
फोटो विवरण:
फोटो- 01,02- दीप प्रज्जवलित कर रिट्रीट का शुभारंभ करते शाही परिवारों के राजा- महाराजा।
फोटो- 03, 04- रिट्रीट में मौजूद शाही परिवार के सदस्य व ब्रह्माकुमारीज़ के पदाधिकारी।
फोटो- 05- ग्लोबल ऑडिटोरियम के बाहर ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा शाही परिवारों को शाही अंदाज में स्वागत किया गया।
फोटो- 06, 07- रिट्रीट में मौजूद शाही परिवार के राजा-महाराजा।






























