12 जनवरी 2026 को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) भिवाड़ी द्वारा आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय चिकित्सा सम्मेलन “राज मेडिकॉम 2026 – अमृतम” का आयोजन गुरुग्राम स्थित ब्रह्माकुमारी ओम शांति रिट्रीट सेंटर में शांत, सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से 850 से अधिक चिकित्सकों ने सहभागिता की।
उद्घाटन अवसर पर ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका बी के आशा दीदी ने कहा कि
चिकित्सा का उद्देश्य केवल रोग का उपचार नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा को भी सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि जब आधुनिक चिकित्सा के साथ राजयोग ध्यान, मानसिक संतुलन और सकारात्मक संकल्प शक्ति जुड़ती है, तब स्वास्थ्य संपूर्ण और स्थायी बनता है।
सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज, जयपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एम. एल. स्वर्णकार, पारस हेल्थ केयर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र नागर तथा आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. एस. ए. चुग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए राजस्थान के अध्यक्ष डॉ. एम. पी. शर्मा ने की।
दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में लगभग 35 वैज्ञानिक व्याख्यानों के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र के नवीन शोध, जीवनशैली रोग, कैंसर, हृदय रोग, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ। साथ ही राजयोग ध्यान के अनुभव सत्रों ने चिकित्सकों को आंतरिक शांति और नई ऊर्जा का अनुभव कराया।
समापन सत्र में बी के आशा दीदी को उनके आध्यात्मिक एवं समाज सेवा के योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने संदेश दिया—हैप्पी रहें, हेल्दी रहें, वेल्थी रहें और पेनलेस रहें। यह तभी संभव है, जब हम अपनी कमाई को ब्लेसिंग्स के रूप में देखें और प्रतिदिन यह संकल्प करें कि आज मैंने कितनी आत्माओं को शुभ भावना दी। यही भावना आत्मा को शक्ति प्रदान करती है।
ब्रह्माकुमारी ओम शांति रिट्रीट सेंटर में इस सम्मेलन का आयोजन और इसका नाम “अमृतम” रखना, चिकित्सा और आध्यात्म के सुंदर संगम का प्रतीक बना। यह सम्मेलन चिकित्सकों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि आत्मिक सशक्तिकरण और समाज सेवा की नई प्रेरणा देने वाला सिद्ध हुआ।



























