11 मार्च 2026 को गुरुग्राम स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर (ओआरसी) के शांत, सुंदर और हरियाली से भरपूर आध्यात्मिक परिसर में लैटिन अमेरिकन रिट्रीट 2026 का आयोजन किया गया। “प्रेम की परिवर्तनकारी शक्ति” विषय पर आधारित इस विशेष रिट्रीट में लैटिन अमेरिका सहित 12 देशों से आए लगभग 40 प्रतिभागियों, 37 गाइड्स तथा योजना व सहयोग टीम के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


रिट्रीट की शुरुआत लॉन में आयोजित स्वागत समारोह से हुई, जहाँ प्रतिभागियों का बहुत प्यार और सम्मान के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान जीवन मूल्यों और आत्मिक ज्ञान को कलात्मक प्रस्तुतियों, संवाद और अनुभव साझा करने के माध्यम से सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे सभी को आध्यात्मिकता को समझने और महसूस करने का अवसर मिला।

इस रिट्रीट में वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका एवं ओआरसी की निदेशिका बीके आशा दीदी ने अपने विशेष संदेश में कहा कि
ईश्वर का प्रेम सबसे बड़ी शक्ति है, जो हमारे जीवन को बदल सकता है। जब हम स्वयं को आत्मा समझकर परमात्मा से जुड़ते हैं, तब मन में शांति, शक्ति और सकारात्मकता का अनुभव होता है।
वरिष्ठ राजयोगी बीके केन भाई ने अपने संबोधन में कहा कि
जीवन की परिस्थितियों में स्थिर और खुश रहने का रहस्य आत्मिक जागरूकता और राजयोग ध्यान में छिपा है। जब हम अपने अंदर की शक्तियों को पहचानते हैं, तब हर परिस्थिति को सहजता से संभाल सकते हैं।
वहीं बीके मोयरा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि
प्रेम और क्षमा की भावना हमारे रिश्तों को मजबूत बनाती है। जब हम ईश्वर के प्रेम को महसूस करते हैं, तब हमारे अंदर स्वाभाविक रूप से दया, करुणा और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।

रिट्रीट के दौरान ध्यान, आत्मचिंतन और अनुभव सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों ने ईश्वर के प्रेम को गहराई से अनुभव किया। कई प्रतिभागियों ने साझा किया कि इस आध्यात्मिक वातावरण में उन्हें अंदरूनी शांति, अपनापन और एक वैश्विक आध्यात्मिक परिवार से जुड़ने का विशेष अनुभव हुआ।


इसके साथ ही प्रतिभागियों को ऐसे व्यवहारिक आध्यात्मिक सूत्र भी प्राप्त हुए, जो उन्हें जीवन की चुनौतियों और परिस्थितियों का सामना अधिक सहजता, स्थिरता और सकारात्मकता के साथ करने में सहायक होंगे।


यह रिट्रीट सभी के लिए एक यादगार आध्यात्मिक अनुभव बना, जिसने प्रतिभागियों के मन में गहरी आध्यात्मिक अनुभूतियाँ, नई प्रेरणा और जीवन के लिए अमूल्य सीख छोड़ दी। कार्यक्रम के अंत में सभी को ईश्वरीय सौगात भेंट कर इस प्रेरणादायक रिट्रीट का समापन किया गया।
























