नवा रायपुर स्थित शांति शिखर के भव्य सभागार में अखिल भारतीय उद्योगपति एवं व्यापारी महासम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का विषय था—“Conscious Capitalism – Profit with Purpose in a Distracted World”। कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापारियों, व्यवसायियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता हरिकृष्णा एक्सपोर्ट्स, सूरत के फाउंडर एवं पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध हीरा व्यापारी सौजी भाई ढोलकिया ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि
व्यवसाय को केवल लाभ कमाने का माध्यम न मानकर उसमें धर्म, सेवा और सामाजिक सरोकार को जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “हम जो देते हैं, वही हमें मिलता है—यह प्रकृति का नियम और कुदरत का कानून है।” उन्होंने व्यवसाय के साथ प्रेम, सेवा और सहयोग की भावना को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
सौजी भाई ढोलकिया ने कहा कि
व्यक्ति को बाहरी उपलब्धियों के साथ-साथ अपने भीतर भी निवेश करना चाहिए। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नियमित ध्यान से जीवन और कार्यशैली में सकारात्मक परिवर्तन महसूस किया जा सकता है। उन्होंने सभी धर्मों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए परमात्मा से अपना आध्यात्मिक कनेक्शन जोड़ने और नियमित मेडिटेशन के माध्यम से अपनी “बैटरी चार्ज” करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ के संस्थापक पिता श्री प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि
वे अपने समय के सफल हीरा व्यापारी थे, लेकिन जीवन की सफलता के सर्वोच्च शिखर पर होते हुए भी उन्होंने आत्म-परिवर्तन का मार्ग चुना और “स्व परिवर्तन से विश्व परिवर्तन” का दिव्य संदेश दिया।
विराज प्रोफाइल्स प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई के चेयरमैन नीरज राजा कोचर ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए
Conscious Capitalism की अवधारणा को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि व्यवसाय केवल व्यक्तिगत विकास के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसा होना चाहिए जिससे वेंडर, पार्टनर, कॉन्ट्रैक्टर, ग्राहक और कर्मचारी—सभी के लिए विन-विन सिचुएशन बने और सफलता समावेशी हो।
उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ के आध्यात्मिक वातावरण में प्राप्त अनुभव के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि
दान केवल धन का ही नहीं, बल्कि समय, धन, शरीर और बुद्धि का भी किया जा सकता है। इन चारों का सदुपयोग व्यक्ति को स्वस्थ और समाज को सशक्त बनाने में सहायक होता है।
वरिष्ठ आयोजक शिक्षिका बी.के. क्रीना ने बताया कि
ब्रह्माकुमारीज़ के संस्थापक पिता श्री प्रजापिता ब्रह्मा बाबा स्वयं एक सफल हीरा व्यापारी थे। उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि वास्तविक सफलता केवल भौतिक उपलब्धियों में नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और समाज के कल्याण में है।
कार्यक्रम में रायपुर संचालिका बी.के. सविता दीदी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। सम्मेलन को छत्तीसगढ़ राज्य केंद्रीय औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुंबई के बी.के. हरीश, अविनाश ग्रुप के आनंद सिंघानिया, भिलाई सेवा केंद्रों की निदेशिका बी.के. आशा दीदी, सारडा मिनरल्स के चेयरमैन कमल सारडा, गोयल ग्रुप के वीरेंद्र गोयल तथा कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने संबोधित किया।
सम्मेलन में व्यवसाय के साथ आध्यात्मिकता, नैतिक मूल्यों, सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी को जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जब व्यापार में उद्देश्य, मानवीय संवेदना और सकारात्मक सोच का समावेश होता है, तब आर्थिक प्रगति के साथ समाज में शांति और सद्भाव का भी निर्माण होता है।
ब्रह्माकुमारीज़ का यह महासम्मेलन उद्योग और व्यापार जगत के लिए केवल लाभ से आगे बढ़कर उद्देश्यपूर्ण, मूल्यनिष्ठ और समाजहितकारी व्यवसाय की दिशा में एक प्रेरणादायी संदेश लेकर आया।

























