आबूरोड, राजस्थान – ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मेडिकल विंग द्वारा "नशामुक्त भारत अभियान" के अंतर्गत मान सरोवर परिसर में 11 जुलाई 2025 से एक राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में देशभर से आए 300 से अधिक डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा प्रतिनिधि और राजयोग शिक्षक भाग ले रहे हैं।
इस शिविर का उद्देश्य प्रतिभागियों को नशे से ग्रसित व्यक्तियों की सहायता हेतु आध्यात्मिक, मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण देना है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी काउंसलिंग कर सकें।
प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के अतिरिक्त महासचिव बीके करुणा भाई ने कहा कि आज नशा एक राष्ट्रीय समस्या बन चुकी है, लेकिन मेडिकल विंग के निरंतर प्रयासों से अब जागरूकता गांवों तक पहुँच रही है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग के माध्यम से हजारों लोगों ने नशा छोड़कर सकारात्मक जीवनशैली अपनाई है।
इस अवसर पर बीके डॉ. मृत्युंजय भाई, अतिरिक्त महासचिव, ने बताया कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्था ने चार करोड़ लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई है। उन्होंने कहा कि जीवनमूल्य स्थापित करने में संस्था का योगदान सराहनीय है और यह अभियान अब एक जन-आंदोलन का स्वरूप ले चुका है।
प्रशिक्षण के संयोजक व मेडिकल विंग के सचिव डॉ. बनारसी लाल साह ने कहा कि यह अभियान केवल एक चिकित्सा पहल नहीं, बल्कि एक सामाजिक परिवर्तन की क्रांति बन गया है।
राजस्थान राज्य के तंबाकू नियंत्रण के नोडल अधिकारी डॉ. एसएन धौलपुरिया ने कहा कि बिना सामूहिक प्रयासों के समाज को नशामुक्त करना कठिन है। ब्रह्माकुमारीज़ का मेडिकल विंग इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
प्रशिक्षण शिविर में व्याख्यान, प्रेरक सत्र, इंटरैक्टिव वर्कशॉप एवं आत्मबोध (Self-Realization) की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दिल्ली से डॉ. स्वप्न गुप्ता, मुंबई से डॉ. सचिन परब और सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार सहित कई प्रमुख विशेषज्ञों ने भी विचार साझा किए। संचालन बीके डॉ. मनीषा बहन ने किया।
यह प्रशिक्षण न केवल व्यक्तियों को नशे से मुक्त करने का माध्यम है, बल्कि समाज को एक नए सकारात्मक मार्ग पर अग्रसर करने की प्रेरणा भी है।



























