गुरुग्राम, 02 नवम्बर 2025 — ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के ग्राम विकास प्रभाग द्वारा ओम शांति रिट्रीट सेंटर (ओआरसी) में भारतीय कृषि दर्शन एवं सम्पूर्ण ग्राम विकास विषय पर एक दिवसीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दादी प्रकाशमणी सभागार में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों एवं ग्रामीण जनों ने भाग लिया और यौगिक खेती के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री माननीय बचन सिंह आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि वे ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान से पिछले 32 वर्षों से जुड़े हैं और संस्थान का पवित्र जीवन उन्हें सदैव आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि राजयोग हमें पवित्र और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आगे कहा कि यौगिक खेती सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक श्रेष्ठ कदम है। मंत्री जी ने कहा कि जैसा अन्न होगा, वैसा ही मन होगा, और हमें अपने द्वारा उगाए गए शुद्ध कृषि उत्पादों का सेवन करना चाहिए।
ग्राम विकास प्रभाग की अध्यक्षा राजयोगिनी सरला दीदी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि भारत की संस्कृति स्वर्णिम और आत्मनिर्भर रही है, परंतु आज रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से धरती की उर्वरक शक्ति कम होती जा रही है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम प्राचीन भारत की प्राकृतिक कृषि पद्धति को अपनाएं और यौगिक खेती के माध्यम से धरती की शक्ति को पुनर्जीवित करें।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एन. वी. कुंभारे ने कहा कि बिना कृषि के विकास के देश का विकास संभव नहीं है, और इसके लिए प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है।
कृभको के संयुक्त महाप्रबंधक दिनेश कुमार यादव ने कहा कि वर्तमान स्वास्थ्य समस्याओं की जड़ प्रदूषण है, जिसे शाश्वत यौगिक खेती से कम किया जा सकता है।
ओआरसी की वरिष्ठ शिक्षिका राजयोगिनी विजय दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि किसान अन्नदाता हैं, और उनकी समृद्धि पूरे समाज की समृद्धि है। राजयोग और यौगिक खेती के माध्यम से हम किसानों को सशक्त बना सकते हैं।
बीके राजेंद्र, बीके चंद्रेश, और बीके सतबीर ने ग्राम विकास प्रभाग की सेवाओं, उद्देश्यों और गोकुल ग्राम संकल्पना की जानकारी साझा की।
राजयोगिनी राजकुमारी दीदी, मजलिस पार्क सेवाकेंद्र प्रभारी, ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके उर्मिल ने राजयोग अभ्यास के माध्यम से सभी को गहन शांति की अनुभूति कराई।
बीके भीम, ओआरसी प्रबंधक, ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में जयपुर, जहोता गांव के सरपंच श्याम जहोता, स्थानीय पार्षद अंजू रानी, एवं भोराकलां के सरपंच मनबीर सिंह ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर विशेष रूप से नए गीत हम धरती पुत्रों ने दिल में ये ठाना है..का शुभारंभ हुआ, जिसे सुप्रसिद्ध गायक हरीश मोयल और चांद ने अपने मधुर स्वर प्रदान किए।
बीके महिमा ने अपने स्वागत गीत से वातावरण को मधुरता से भर दिया।
कार्यक्रम का संचालन बीके सपना और बीके महिमा ने किया।
इस आयोजन से लगभग कई सौ किसान और ग्रामीण जन लाभान्वित हुए।
यह सम्मेलन ग्राम विकास प्रभाग के उस संकल्प को और सशक्त बनाता है, जिसके माध्यम से भारत को पुनः आत्मनिर्भर, स्वच्छ और शाश्वत कृषि संस्कृति की ओर अग्रसर किया जा रहा है।





























