गुरुग्राम, 1 अक्टूबर 2025 –
ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के भोराकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर (ओआरसी) में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम “संगम – गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन अभियान” के तहत संपन्न हुआ, जिसकी शुरुआत 17 अगस्त को भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार द्वारा की गई थी।
कार्यक्रम के मुख्य सत्र में ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने अपने प्रेरणादायक विचार साझा करते हुए कहा कि वृद्धावस्था संतुष्टि की आयु है, जिसमें इच्छाएं समाप्त होकर दान और सहयोग की भावना प्रबल होती है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के सकारात्मक विचार घर-परिवार के लिए सुरक्षा कवच बन जाते हैं। बुजुर्गों का घर में होना परिवार की शान और रौनक है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि बुजुर्गों का सम्मान करें, क्योंकि वही घर की वास्तविक नींव और खुशहाली का स्रोत हैं।
ओआरसी की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी विजय दीदी ने कहा कि उनकी आध्यात्मिक प्रगति बुजुर्गों के आशीर्वाद और शिक्षाओं का परिणाम है। उन्होंने बताया कि बुजुर्ग सदैव प्रेरणा के स्रोत होते हैं और जो उनका सम्मान करते हैं, उनके जीवन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती। उन्होंने संस्था के संस्थापक ब्रह्मा बाबा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे भी अनुभवी और बुजुर्ग होने के कारण ही इतने महान ईश्वरीय कार्य के आधार बने।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सेवानिवृत्त मुख्य महाप्रबंधक (विजिलेंस) श्री एम.के. तिवारी ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि राजयोग अभ्यास से उनका जीवन तनावमुक्त हुआ और स्वास्थ्य में अद्भुत सुधार आया।
कार्यक्रम में बीके विद्यात्री ने प्रेरणादायक गतिविधि के माध्यम से सभी को उत्साहित किया। बीके चांद ने गीत प्रस्तुत कर बुजुर्गों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं, जबकि बीके प्रीति ने कविता के माध्यम से सभी के हृदय को छुआ। उपस्थित कई बुजुर्गों ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कहा कि बुजुर्ग जीवन एक अनुभव की किताब और परिवार के लिए छायादार वृक्ष के समान होते हैं।
कार्यक्रम का संचालन राजयोग शिक्षिका बीके श्वेता ने किया, जिन्होंने सभी को राजयोग ध्यान के माध्यम से गहन शांति का अनुभव कराया। इस अवसर पर 150 से अधिक वृद्धजन एवं अन्य भाई-बहन उपस्थित रहे।




























