रायपुर, 3 अप्रैल 2025: छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा के शपथ ग्रहण समारोह में राज्य के अनेक संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और आध्यात्मिक संस्थाओं के साथ प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, रायपुर शांति सरोवर के सदस्यों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, संचालिका – रायपुर शांति सरोवर, ने “जीवन में राजयोग मेडिटेशन की आवश्यकता” विषय पर अपने प्रेरक विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि योग का वास्तविक अर्थ आत्मा का परमात्मा से मिलन है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आसन और प्राणायाम उपयोगी हैं, किंतु मन को शांत और विकारों से मुक्त रखने के लिए राजयोग मेडिटेशन अनिवार्य है।
दीदी ने समझाया कि जैसे बैटरी को शक्ति के लिए पावर हाउस से जुड़ना पड़ता है, वैसे ही आत्मा को शक्ति पाने के लिए परमात्मा से संबंध जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजयोग सकारात्मक सोच विकसित करने और आत्मशक्ति बढ़ाने का सर्वोत्तम मार्ग है।
समारोह में मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, मंत्रीगण और अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। अंत में ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने सभा में उपस्थित लगभग 500 लोगों को राजयोग मेडिटेशन का व्यावहारिक अनुभव भी कराया, जिससे वातावरण में शांति और सकारात्मकता का संचार हुआ।
























