आबूरोड (राजस्थान), 12 अक्टूबर 2025: ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में चल रहे वैश्विक शिखर सम्मेलन के प्लेनरी सेशन में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके तथा मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सत्र का विषय था – अंतरराष्ट्रीय सहयोग और पारस्परिक विश्वास के माध्यम से युद्ध की रोकथाम: शांति एवं सद्भाव के उत्प्रेरक के रूप में मीडिया।
अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने कहा कि मानवता के कल्याण के लिए ऐसे आध्यात्मिक आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। आज का युद्ध केवल हथियारों का नहीं, बल्कि विचारों, मतभेदों और अविश्वास का युद्ध है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति, समाज या राष्ट्र संवाद की बजाय संदेह और स्वार्थ को प्राथमिकता देते हैं, तो संघर्ष उत्पन्न होते हैं। युद्ध कभी समाधान नहीं हो सकता; यह विकास और मानवीय संवेदनाओं को नष्ट करता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान का मूल संदेश एक परमात्मा की संतान होने का बोध है, जो विश्व को एक परिवार के रूप में जोड़ता है। यदि यह भावना अंतरराष्ट्रीय संबंधों का आधार बन जाए तो युद्ध की कोई आवश्यकता नहीं रहेगी।
मध्यप्रदेश के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि युद्ध का नाम सुनते ही सिहरन होती है। उन्होंने कहा कि यदि हम सब यह संकल्प लें कि हम आपस में भाई-भाई हैं, तो युद्ध की आवश्यकता नहीं रहेगी। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस उद्देश्य से उसका गठन हुआ था, उस पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य “वसुधैव कुटुम्बकम” है और ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था में कार्यरत समर्पित बहनें शक्तिपुंज हैं, जो विश्व को भाईचारे, शांति और सद्भाव का संदेश दे रही हैं।
सत्र में गुजरात के राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वल्लभभाई कथीरिया को “मानवता के संरक्षक पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विजयनगरम के सांसद श्री अप्पलानैदु कालीसेट्टी, चीन के शंघाई से अदानी समूह के प्रमुख श्री अक्षय माथुर, तथा संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बी.के. संतोष दीदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
जयपुर सबज़ोन की निदेशिका राजयोगिनी बी.के. सुषमा दीदी ने राजयोग ध्यान द्वारा उपस्थित जनसमूह को गहन शांति-अनुभूति कराई। इंदौर ज़ोन (मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़) की प्रभारी राजयोगिनी बी.के. हेमलता दीदी ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा प्रभाग की राष्ट्रीय समन्वयक बी.के. सुमन दीदी ने किया तथा आभार प्रदर्शन मेडिकल विंग के सचिव बी.के. डॉ. बनारसी भाई ने किया।
इस वैश्विक शिखर सम्मेलन में सैकड़ों प्रतिनिधियों ने भाग लिया और वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को आत्मसात करते हुए विश्व शांति एवं मानवीय एकता के संकल्प को दृढ़ किया।



























