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कार्य और जीवन के बीच संतुलन बनाए रखें

December 26, 2023

कार्य और जीवन के बीच संतुलन बनाए रखें

जीवन एक प्रवाह या धारा है, इसलिए हमें अपने कार्यक्षेत्र में अपनी सभी जिम्मेदारियों को कुशलता से निभाते हुए जीवन के हर पहलू पर ध्यान देने की जरूरत है। क्या आपने कभी महसूस किया है कि, आपका झुकाव किसी एक ओर थोड़ा ज्यादा है? कभी अपने उद्देश्य की तरफ, कभी स्वयं और कभी अपने परिवार की अपेक्षाओं को पूरा करते हुए, हम स्वयं इतना गुम हो जाते हैं कि, उसका असर हमारे प्रदर्शन पर पड़ता है। कार्य और जीवन के बीच संतुलन बनाना बहुत ही जरूरी है। जब हम अपने कार्य पर पूरा ध्यान केंद्रित करते हैं और दूसरी चीजों से खुद को अलग कर लेते हैं, तब हम अपना समय और ऊर्जा दोनों ही बचा पाते हैं। तो, आइए जानें कैसे हम खुद को, परिवार को और अपने काम को महत्व दें, ताकि हम सुखद जीवन का निर्वाह कर सकें। हमारी प्रायोरिटी होनी चाहिए कि, अपने मन का ध्यान रखना और शरीर के लिए व्यायाम करना, क्योंकि इससे ही हमें सुख की प्राप्ति होती है और ऐसा करने पर हम पाएंगे कि, एक नए उत्साह के साथ हम अपने कार्यक्षेत्र में कदम रख सकते हैं। जब हमारा मन और शरीर दोनों ही प्रसन्न होते हैं तब सब कुछ आसान हो जाता है। तो आइए, जो जरूरी है वह करें और जो जरूरी न हो, उस पर रोक लगाएं। जैसे कि – परिवार के साथ होने पर कोई ऑफिस कॉल नहीं लेना, खाना खाते समय कहीं और ध्यान नहीं भटकाना, सोने के समय के साथ कोई समझौता नहीं करना। ये सब अनुशासन हमारे जीवन में संतुलन लाते हैं। साथ ही, यह कला हमें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाती हैं। स्वयं को याद दिलाएं – मेरे पास अपनी पर्सनल और वर्क लाइफ, अपने परिवार और दोस्तों के बीच बैलेंस बनाने की कला है। 

जीवन के अलग अलग पहलुओं को संतुलित करने की कला को थोड़े से अभ्यास और दृढ़ता से प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि, जब जीवन में किसी एक चीज़ की प्राथमिकता लगने लगे, तो हमें दूसरी चीजों को पूरी तरह से न छोड़ने का विचार भी दृढ़ता से करना चाहिए। कभी कभी हमारे ऑफिस के एक क्वार्टर में हमारे प्रोजेक्ट्स में बहुत डिमांडिंग टारगेट्स हो सकते हैं जिसके लिए मेरा पूरा ध्यान मेरे कार्य पर ही होना चाहिए। तो इसका मतलब होगा कि अगले 3 महीने या फिर 90 दिनों के लिए हम जल्दबाजी, चिंता और अशांति की एनर्जी से घिरे होंगे। उतने समय के लिए, हम अपने स्वास्थ्य, परिवार और  सोशल लाइफ़ पर ध्यान ही नहीं दे पाते और फिर 3 महीनों बाद हो सकता है कि, हमारे अगले प्रोजेक्ट्स भी उतने ही चैलेंजिंग हों। इससे हमारे जीवन में असंतुलन क्रिएट होता है जहां हम अपना ज्यादातर समय और एनर्जी कैरियर की तरफ झुका लेते हैं। इसलिए सभी एस्पेक्ट्स को प्राथमिकता देना जरूरी है। तो आइए, सुनिश्चित करें कि, जीवन के हर पहलू पर बराबर ध्यान दिया जाए।

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