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Hardwork-मेहनत - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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Hardwork-मेहनत
Hardwork-मेहनत
66 unique murli dates in this topic
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65 murlis in हिंदी
13/11/1969
“बापदादा की उम्मीदें - क्वान्टिटी के बजाए क्वालिटी वाले बनो और बनाओ”
25/12/1969
“अनासक्त बनने के लिए तन और मन को अमानत समझो”
02/07/1970
“साइलेन्स बल का प्रयोग”
06/08/1970
“बन्धनमुक्त आत्मा की निशानी”
21/01/1972
“निरन्तर योगी बनने की सहज विधि”
20/05/1972
“सार-स्वरूप बनने से संकल्प और समय की बचत”
12/06/1972
“रिफाइन स्थिति की पहचान”
24/06/1972
“एवररेडी बन अन्तिम समय का आह्वान करो”
11/07/1972
“निर्णय शक्ति को बढ़ाने की कसौटी - ‘साकार बाप के चरित्र'”
12/07/1972
“मरजीवापन की स्मृति से गृहस्थी वा प्रवृत्ति की विस्मृति”
13/09/1974
“मुरब्बी बच्चे बन अपनी स्टेज को योग-युक्त व युक्ति-युक्त बनाओ”
07/01/1977
“विश्व-कल्याणकारी कैसे बनें?”
10/01/1977
“जैसा लक्ष्य वैसा लक्षण”
19/05/1977
“आत्म ज्ञान और परमात्म ज्ञान में अन्तर”
07/06/1977
“संगमयुग (धर्माऊ युग) को विशेष वरदान - ‘चढ़ती कला सर्व का भला’”
01/02/1979
“मनन-शक्ति ही माया जीत बनने का साधन”
06/02/1980
“अशरीरी बनने की सहज विधि”
18/01/1981
“‘स्मृति-स्वरूप' का आधार याद और सेवा”
09/03/1982
“होली मनाने और जलाने की अलौकिक रीति”
17/03/1982
“संगमयुग का विशेष वरदान - ‘अमर भव’”
02/05/1982
“विशेष जीवन कहानी बनाने का आधार - सदा चढ़ती कला”
15/01/1983
“सहजयोगी और प्रयोगी की व्याख्या”
21/04/1983
“संगमयुगी मर्यादाओं पर चलना ही पुरूषोत्तम बनना है”
10/11/1983
“सहज शब्द की लहर को समाप्त कर साक्षात्कार मूर्त बनो”
23/12/1983
“डबल लाइट की स्थिति से मेहनत समाप्त”
29/12/1983
“संगमयुग - सहज प्राप्ति का युग”
29/04/1984
“ज्ञान सूर्य के रुहानी सितारों की भिन्न-भिन्न विशेषताएं”
09/05/1984
“सदा एकरस उड़ने और उड़ाने के गीत गाओ”
28/11/1984
“संकल्प को सफल बनाने का सहज साधन”
15/03/1985
“मेहनत से छूटने का सहज साधन - निराकारी स्वरूप की स्थिति”
21/03/1985
“स्वदर्शन चक्र से विजय चक्र की प्राप्ति”
18/01/1987
“कर्मातीत स्थिति की निशानियां”
18/03/1987
“सच्चे रूहानी आशिक की निशानियां”
07/11/1989
“तीनों सम्बन्धों की सहज और श्रेष्ठ पालना”
21/12/1989
“त्रिदेव रचयिता द्वारा वरदानों की प्राप्ति”
31/12/1989
“वाचा सेवा के साथ मन्सा सेवा को नेचुरल बनाओ, शुभ भावना सम्पन्न बनो”
13/03/1990
“संगम पर परमात्मा का आत्माओं से विचित्र मिलन”
19/03/1990
“उड़ती कला का आधार उमंग-उत्साह के पंख”
31/03/1990
“रहमदिल और बेहद की वैराग वृत्ति”
31/12/1990
“तपस्या ही बड़े ते बड़ा समारोह है, तपस्या अर्थात् बाप से मौज मनाना”
13/10/1992
“नम्बरवन बनना है तो ज्ञान और योग को स्वरूप में लाओ”
03/11/1992
“रूहानी रॉयल्टी सम्पन्न आत्माओं की निशानियां”
20/12/1992
“आज्ञाकारी ही सर्व शक्तियों के अधिकारी”
18/01/1994
“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”
18/02/1994
“स्वमान की स्मृति का स्विच ऑन करने से देह भान के अंधकार की समाप्ति”
14/04/1994
“स्नेह का रिटर्न है - स्वयं को टर्न (परिवर्तन) करना”
31/12/1996
“नये वर्ष में अनुभवी मूर्त बन सबको अनुभवी बनाओ”
18/01/1997
“अपनी सूरत से बाप की सीरत को प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”
06/03/1997
“शिव जयन्ती की गिफ्ट - मेहनत को छोड़ मुहब्बत के झूले में झूलो”
18/01/1998
“सकाश देने की सेवा करने के लिए लगावमुक्त बन बेहद के वैरागी बनो”
30/03/1998
“सर्व प्राप्तियों की स्मृति इमर्ज कर अचल स्थिति का अनुभव करो और जीवन मुक्त बनो”
30/03/2000
“मन को दुरुस्त रखने के लिए बीच-बीच में 5 सेकेण्ड भी निकाल कर मन की एक्सरसाइज करो”
04/11/2001
“सत्यवादी बनो और समय प्रमाण रहमदिल बन बेहद की वृत्ति, दृष्टि और कृति बनाने के दृढ़ संकल्प का दीप जलाओ''
28/03/2002
“इस वर्ष को निर्माण, निर्मल वर्ष और व्यर्थ से मुक्त होने का मुक्ति वर्ष मनाओ”
15/12/2002
“समय प्रमाण लक्ष्य और लक्षण की समानता द्वारा बाप समान बनो”
17/03/2003
“इस वर्ष - स्वमान में रहना, सम्मान देना, सबका सहयोगी बनना और समर्थ बनाना''
17/10/2003
“पूरा वर्ष - सन्तुष्टमणि बन सदा सन्तुष्ट रहना और सबको सन्तुष्ट करना''
15/10/2004
“एक को प्रत्यक्ष करने के लिए एकरस स्थिति बनाओ, स्वमान में रहो, सबको सम्मान दो''
07/03/2005
“सम्पूर्ण पवित्रता का व्रत रखना और मैं पन को समर्पित करना ही शिवजयन्ती मनाना है''
25/03/2005
“मास्टर ज्ञान सूर्य बन अनुभूति की किरणें फैलाओ, विधाता बनो, तपस्वी बनो''
21/10/2005
“सम्पूर्ण और सम्पन्न बनने की डेट फिक्स कर समय प्रमाण अब एवररेडी बनो”
15/11/2005
“सच्चे दिल से बाप व परिवार के स्नेही बन मेहनत मुक्त बनने का वायदा करो और फायदा लो''
30/11/2005
“समय की समीपता प्रमाण स्वयं को हद के बन्धनों से मुक्त कर सम्पन्न और समान बनो”
31/10/2006
“सदा स्नेही के साथ अखण्ड महादानी बनो तो विघ्न-विनाशक, समाधान स्वरूप बन जायेंगे''
18/01/2008
“सच्चे स्नेही बन, सब बोझ बाप को देकर मौज का अनुभव करो, मेहनत मुक्त बनो”