हिंदी Murlis — 1981
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18/01“‘स्मृति-स्वरूप' का आधार याद और सेवा”20/01“मन, बुद्धि, संस्कार के अधिकारी ही वरदानी मूर्त”07/03“शान्ति स्वरूप के चुम्बक बन चारों ओर शान्ति की किरणें फैलाओ”09/03“मेहनत समाप्त कर निरन्तर योगी बनो”11/03“सफलता के दो मुख्य आधार”13/03“डबल रूप से सेवा द्वारा ही आध्यात्मिक जागृति”15/03“स्वदर्शन चक्रधारी तथा चक्रवर्ती ही विश्व-कल्याणकारी”17/03“इस सहज मार्ग में मुश्किल का कारण और निवारण”18/03“मुश्किल को सहज करने की युक्ति ‘सदा बाप को देखो’”19/03“विश्व के राज्य-अधिकारी कैसे बने?”21/03“सच्ची होली कैसे मनायें?”23/03“फर्स्ट या एयरकण्डीशन में जाने का सहज साधन”25/03“महानता का आधार - संकल्प, बोल, कर्म की चेकिंग”27/03“बाप पसन्द, लोक पसन्द, मन पसन्द कैसे बनें?”29/03“ज्ञान का सार ‘मैं और मेरा बाबा’”03/04“ज्ञान मार्ग की यादगार भक्ति मार्ग”05/04“समर्थ कर्मों का आधार - ‘धर्म’”07/04“मनन शक्ति द्वारा सर्वशक्तियों के स्वरूप की अनुभूति”11/04“सत्यता की शक्ति से विश्व परिवर्तन”13/04“रूहे-गुलाब की विशेषता”15/04“नम्बरवन तकदीरवान की विशेषताएं”02/10“सदा मिलन के झूले में झूलने का आधार”04/10“संकल्प शक्ति का महत्व”06/10“ज्ञान सूर्य बाप की मास्टर ज्ञान सूर्य बच्चों को सेवा की बधाई”08/10“ब्रह्मा बाप की एक शुभ आशा”09/10“अन्तर्मुखी ही सदा बन्धनमुक्त और योगयुक्त”12/10“वर्तमान ही भविष्य का आधार”14/10“सर्व खजानों की चाबी एक शब्द - ‘बाबा’”17/10“सभी परिस्थितियों का समाधान उड़ता पंछी बनो”19/10“हर ब्राह्मण चैतन्य तारा मण्डल का श्रृंगार”22/10“सदा दाता के बच्चे दाता बनो”24/10“सच्चे आशिक की निशानी”27/10“दीपावली के शुभ अवसर पर अव्यक्त बापदादा के उच्चारे हुए महावाक्य”29/10“बाप और बच्चों का रुहानी मिलन”01/11“सेवा के सफलता की कुन्जी”03/11“योद्धा नहीं दिलतख्तनशीन बनो”06/11“विशेष युग का विशेष फल”08/11“अन्तर सम्पन्न करने का साधन ‘तुरन्त दान महापुण्य’”11/11“बिन्दु का महत्व”13/11“परखने और निर्णय शक्ति का आधार - साइलेन्स की शक्ति”16/11“विजयमाला में नम्बर का आधार”18/11“सम्पूर्णता के समीपता की निशानी”21/11“छोड़ो तो छूटो”23/11“त्याग का भी त्याग”26/11“सहयोगी ही सहजयोगी”28/11“आप पूर्वजों से सर्व आत्माओं की आशाएं”29/12“दूरदेशी बच्चों से दूर देशी बापदादा का मिलन”31/12“निर्बल को बल देने वाले महाबलवान बनो”
