ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय के शिपिंग, एविएशन एवं टूरिज्म (SAT Wing) द्वारा वर्ष 2025–26 को अत्यंत हर्ष और गर्व के साथ रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प लिया गया है। विगत 25 वर्षों में इस प्रभाग ने शिपिंग, एविएशन एवं पर्यटन क्षेत्रों में कार्यरत असंख्य आत्माओं तक विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से ईश्वरीय संदेश पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। भारत के लगभग सभी प्रमुख बंदरगाहों, एयरपोर्ट्स तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सफलतापूर्वक सेवाओं का विस्तार किया गया है।

इस विशेष वर्ष में, ब्रह्माकुमारीज़ के नवदशत्सव एवं प्रभाग की रजत जयंती के उपलक्ष्य में “मेरा देश, मेरी शान, मेरी संस्कृति, मेरी पहचान” अभियान के अंतर्गत एक नवीन थीम “एकता पर्व” का शुभारंभ किया गया है। इस पर्व को भारत के सभी राज्यों में आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर एकता, शांति और सद्भावना का संदेश प्रसारित किया जा सके।

एकता पर्व को तीन प्रमुख भागों में मनाया जाएगा—
- ज्ञान दिवस:
इस दिवस का उद्देश्य जन-जन तक ईश्वरीय ज्ञान पहुँचाना है। बाहरी ज्ञान शिक्षा से प्राप्त होता है, जबकि आंतरिक ज्ञान ध्यान, अनुभव और आत्मचिंतन से जागृत होता है। यह ज्ञान हमें जीवन के सत्य से परिचित कर कठिन परिस्थितियों में सही मार्गदर्शन प्रदान करता है।

- ध्यान दिवस:
ध्यान आत्मा की आंतरिक यात्रा है, जो नकारात्मक विचारों को समाप्त कर मन को शांत, शुद्ध और शक्तिशाली बनाता है। इस दिवस के माध्यम से आत्मचेतना जागृत कर शांति, प्रेम और सद्भावना को विश्वभर में फैलाने का संकल्प लिया जाएगा।

- समारोह दिवस:
भारतीय संस्कृति में समारोह एवं उत्सव आध्यात्मिक उत्थान, आत्मचिंतन एवं सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। यह दिवस आपसी संबंधों को सुदृढ़ करने, समाज में खुशी और समरसता बढ़ाने तथा आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम बनेगा।

भारत अपनी विविधता में एकता का अद्वितीय उदाहरण है—भिन्न-भिन्न भाषाएं, संस्कृतियाँ, परंपराएं, प्राकृतिक संपदाएं और जीवनशैली होते हुए भी देश एक सूत्र में बंधा हुआ है। एकता पर्व का मुख्य उद्देश्य “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को जागृत कर संपूर्ण विश्व में प्रेम, शांति और सद्भावना की स्थापना करना है।

बाबा की मुरलियों के अनुसार सेवाओं के साथ-साथ स्व-उन्नति पर ध्यान देना भी अत्यंत आवश्यक है। इसी भावना के साथ यह संकल्प लिया गया है कि सभी भाई-बहन मिलकर आध्यात्मिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।

हम सभी को पूर्ण विश्वास है कि आप सभी इस पावन परियोजना में सहभागी बनकर इसे सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे। आइए, हम सभी मिलकर उमंग और उत्साह के साथ “एकता पर्व” मनाएं और विश्व में शांति एवं एकता की नई लहर उत्पन्न करें।

“एकता में शक्ति है, एकता में शांति है, और एकता ही विश्व में प्रेम का आधार है।”






















