मानसरोवर में दिनांक 14 मार्च 2025 को एक महत्वपूर्ण फायर सेफ्टी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आग से बचाव, फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले उपायों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनसामान्य को आग लगने की स्थिति में सतर्कता एवं सही तकनीक के प्रति जागरूक बनाना था।
कार्यक्रम के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग की विधि को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि एक्सटिंग्विशर को हमेशा सीधा रखना चाहिए, सील तोड़कर सेफ्टी पिन निकालना आवश्यक है, डिस्चार्ज होस को सही प्रकार से पकड़कर आग के स्रोत की जड़ पर लक्षित करना चाहिए तथा उपयोग के बाद लीवर तुरंत छोड़ देना चाहिए। साथ ही प्रेशर गेज की जांच के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
आग के विभिन्न वर्गों—क्लास ए (ठोस पदार्थ), क्लास बी (तरल पदार्थ), क्लास सी (गैस) एवं क्लास डी (विशेष धातुएं)—के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार की आग के अनुसार उचित नियंत्रण उपायों का ज्ञान प्राप्त हुआ।
फायर ट्रायंगल (ईंधन, ऑक्सीजन एवं ऊष्मा) की अवधारणा को समझाते हुए बताया गया कि इन तीनों में से किसी एक तत्व को हटाकर आग को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अंतर्गत स्टारवेशन (ईंधन हटाना), ब्लैंकेटिंग (ऑक्सीजन रोकना) एवं कूलिंग (तापमान कम करना) जैसे प्रमुख तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से यह चेतावनी दी गई कि बिजली के उपकरणों, तेल या गैस से लगी आग पर पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे खतरा और बढ़ सकता है। CO2 फायर एक्सटिंग्विशर के सुरक्षित उपयोग, उसके प्रभाव तथा सावधानियों पर भी विशेष मार्गदर्शन दिया गया।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से उपस्थित सभी लोगों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया तथा उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित एवं सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम ने सभी प्रतिभागियों में सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और सजगता की भावना को सुदृढ़ किया।





















