ब्रह्माकुमारीज़ के समाज सेवा प्रभाग के लिए वर्ष 2025-26 अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक रहा। इस स्वर्णिम सेवा वर्ष के दौरान देश-विदेश में अनेक सामाजिक, आध्यात्मिक और जनजागरण कार्यक्रमों का व्यापक रूप से आयोजन किया गया, जिनका उद्देश्य समाज में शांति, सहयोग, आत्मबल और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देना रहा।
इस वर्ष के दौरान पूरे भारत में 6000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें रक्तदान अभियान, “संगम – वरिष्ठ नागरिक सम्मान” कार्यक्रम, हरित भारत स्वच्छ भारत अभियान, स्वर्णिम समाज के लिए ईश्वरीय योजना, डिजिटल व्यसन मुक्ति अभियान, आपदा राहत सेवा तथा राजयोग शिविर जैसे अनेक सेवा कार्य शामिल रहे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों लोगों को प्रेरणा और लाभ प्राप्त हुआ।

समाज सेवा प्रभाग द्वारा “संगम – गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन” अभियान भी प्रारंभ किया गया। यह अभियान भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के साथ हुए ऐतिहासिक समझौते (MoU) के अंतर्गत शुरू हुआ। इस समझौते पर माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रपति भवन में हस्ताक्षर किए गए। इस अभियान के माध्यम से देशभर में वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान, आत्मबल और आध्यात्मिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

इसी क्रम में देश के विभिन्न स्थानों पर संत समागम एवं राष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किए गए। अयोध्या में “सनातन धर्म के संवाहक प्रभु श्रीराम” संत सम्मान समारोह, आबूरोड में राष्ट्रीय सम्मेलन तथा पुणे, हिसार, आगरा और बीड सहित कई स्थानों पर समाजसेवी सम्मान कार्यक्रम संपन्न हुए। इन कार्यक्रमों का मुख्य संदेश रहा कि स्व-परिवर्तन के माध्यम से ही विश्व-परिवर्तन संभव है और आध्यात्मिकता ही श्रेष्ठ समाज की आधारशिला है।

22 से 25 अगस्त 2025 तक भारत और नेपाल में 2000 से अधिक ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केन्द्रों पर “विश्व बंधुत्व रक्तदान महाअभियान” का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अभियान में कुल 88,378 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जिसे OMG Book of Records द्वारा विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता प्राप्त हुई। इस अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा जी द्वारा गुरुग्राम स्थित ओआरसी में किया गया।

समाज सेवा प्रभाग की सेवाएँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तारित हुईं। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एवं “Unity and Trust” अभियान आयोजित किया गया, मॉस्को में “Digital Age में Emotional Stability” विषय पर संगोष्ठी हुई तथा नेपाल के चितवन और रत्ननगर में पर्यावरण संरक्षण एवं राजयोग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वभर में शांति और समरसता का संदेश प्रसारित हुआ।

देशभर में वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह, विभिन्न संस्थाओं के साथ 100 से अधिक समझौते (MoU), तथा हिसार में 2000 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों का भव्य सम्मान किया गया। इसके साथ-साथ शिक्षकों, समाजसेवियों और विभिन्न संगठनों का भी सम्मान किया गया। “संगम” अभियान ने समाज की विभिन्न पीढ़ियों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम प्रस्तुत किया।

युवाओं के लिए भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें राजयोग शिविर, कॉलेज मेडिटेशन कोर्स, नशामुक्ति और डिजिटल संतुलन जागरूकता कार्यक्रम, कार रैली, सांस्कृतिक संध्या और सार्वजनिक संगोष्ठियाँ शामिल रहीं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं और नागरिकों को मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और मूल्यनिष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा दी गई

समाज सेवा प्रभाग की प्रत्येक पहल — चाहे वह रक्तदान हो, वृद्ध सम्मान हो या जनजागरण — मानवता, करुणा और विश्व बंधुत्व की भावना को मजबूत करने का एक प्रयास रही है। समाज सेवा प्रभाग आगे भी ईश्वरीय सेवा के संकल्प के साथ समाज में शांति, सहयोग और आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।





















