आबूरोड (राजस्थान)। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के शांतिवन मुख्यालय में चल रहे वैश्विक शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन “एकता और विश्वास – आदर्श भविष्य के लिए प्रेरणा विषय पर विविध सत्र आयोजित हुए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि “विश्वभर में भारत को विश्वास के साथ देखा जा रहा है। भारत वह देश है जो सेवा, समर्पण और निस्वार्थ भाव से मानवता के लिए कार्य कर रहा है।” उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति विश्व में अद्वितीय है और यही हमें विश्व में हमारे स्वाभाविक स्थान तक पहुँचाएगी।
कार्यक्रम में आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री इंद्रेश कुमार ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्था चरित्र निर्माण का कार्य कर रही है, जो आज के युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और आचरण ही उसे विश्वगुरु बनाएंगे।
पंजाब के वित्त मंत्री श्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि विश्व में विश्वास और संवाद की भावना ही स्थायी शांति का आधार है। उन्होंने आग्रह किया कि संवाद को युद्ध से ऊपर और मानवता को राजनीति से ऊपर रखा जाए।
मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी ने अपने प्रेरक संदेश में कहा कि एकाग्रता और आत्मविश्वास से मन में शांति, आनंद और सद्भाव की अनुभूति होती है।
कार्यक्रम में देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर विश्व एकता, विश्वास और स्थायी शांति का संकल्प लिया।






























