
“जब मन भारी हो, कई अनकही बातें और भावनाएं अंदर दबा हो, और दिल को हल्का कर आत्मा की शांति चाहिए, तब इस मेडिटेशन को करें।”
इस मेडिटेशन के बाद एक गहरी भावनात्मक राहत महसूस होती है, जैसे हृदय का हर कोना जिसे बोझ ने जकड़ रखा था, अब खुलकर रोशनी से भर गया हो। उन सभी अनकही बातों, अधूरी भावनाओं को बाहर निकालकर, एक हल्कापन और आंतरिक स्वतंत्रता महसूस होती है।
जैसे-जैसे दिल के पत्थर एक-एक करके हटते जाते हैं, वैसे-वैसे आपके भीतर दिव्य, पवित्र ऊर्जा का संचार होता है।
How you want to feel
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Life stages
आज अपने मन से मुलाकात करते हैं। मेरा मन मेरा सदा का साथी है। हर अच्छा बुरा अनुभव इस मन के साथ ही है और समय के साथ-साथ इस मन ने बहुत सारा बोझ ले लिया है। कई वर्षों का बोझ है। चलो उसे हल्का करें।
गहरी श्वास लें रिलैक्स करें। और अपने हार्ट को विजुलाइज करें। जैसे हार्ट में बहुत सारी बातों के कंकर पत्थर जमा हो गए हैं। वह सच जो कह नहीं पाए या सुने नहीं गए, वह मिस अंडरस्टैंडिंग्स जो क्लियर नहीं हो पाए, वह आर्गुमेंट्स जो शांत नहीं हो पाए, वह फीलिंग्स जो एक्सप्रेस नहीं हो पाई। कई सारे लोग, कई सारी छोटी-छोटी बातें जिन्होंने मेरे हृदय में जगह ले रखी है। जिस वजह से मैं पूरी तरह हल्का महसूस नहीं कर पाता। चलो इनको खाली करें। ले चलें खुद को। खयालों की दुनिया में जहां कोई आवाज नहीं केवल विचार बह रहे हैं। लाइट के बादल हैं। लाइट के बादलों में खुद को बिल्कुल रिलैक्स्ड, शांत, सेफ महसूस करें और एक-एक करके उन सभी को अपने सामने इमर्ज करें जिनसे आपको कुछ कहना था। देखिए, सभी आपके सामने लाइन में खड़े हैं। और एक-एक करके सबसे अपने दिल की बात कहके अपने दिल का एक-एक पत्थर हल्का करते जाएं। रिकॉग्नाइज [recognize] करें। हर पत्थर, कौन सी बात का बोझ है? और एक-एक करके हल्का करते जाएं। अपनी भावनाओं को, शब्दों को जताएं और देखें सामने वाले भी उसको रिसीव कर रहे हैं। पर इस सारे दृश्य को साक्षी होकर देख रही है यूनिवर्सल पावर। सुप्रीम पावर, आप अपने मन को हल्का करते जाएं। और महसूस करें जैसे-जैसे एक-एक पत्थर खुलता जा रहा है, वैसे-वैसे मेरा हृदय, मेरा मन हल्का हो रहा है और उसके अंदर डिवाइन, प्योर, पॉजिटिव लाइट बढ़ती जा रही है। मेरे अंदर ब्राइट, प्योर लाइट बढ़ रही है। और सारे विचारों का, बातों का बोझ हल्का होता जा रहा है। मैं एकदम आज़ाद हूं। निश्चिंत हूं। सब प्रकार के बोझ से मुक्त हूं।
I am heald with the healing light of Supreme. No more Grudges, no frustration, no questions, no demands. I am full of divine, pure light, happy, satisfied.
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