तीव्र पुरुषार्थ - Fast Efforts

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17/05/1969“जादू मंत्र का दर्पण”16/06/1969“बड़े-से-बड़ा त्याग - अवगुणों का त्याग”25/10/1969“माला का मणका बनने के लिए विजयी बनो”25/01/1970“यादगार कायम करने की विधि”26/01/1970“याद के यात्रा की सम्पूर्ण स्टेज”23/03/1970“सच्ची होली मनाना अर्थात् बीती को बीती करना”05/04/1970“सर्व प्वॉइन्ट का सार प्वाइंट (बिन्दी) बनो”14/05/1970“समर्पण का गुह्य अर्थ”22/06/1971“तीव्र पुरुषार्थी की निशानियाँ”06/08/1972“वृत्ति चंचल होने का कारण - व्रत में हल्कापन”23/01/1977“महीनता ही महानता है”05/05/1977“वरदानी, महादानी और दानी आत्माओं के लक्षण”11/05/1977“सम्पन्न स्वरूप की निशानी - शुभ चिन्तन और शुभ चिन्तक”14/02/1978“समीप आत्मा की निशानियाँ”01/01/1979“नए वर्ष के लिए बाप द्वारा कराया गया दृढ़ संकल्प”02/01/1979“सम्पूर्णता की समीपता ही विश्व-परिवर्तन की घड़ी की समीपता है”10/01/1979“अब वेस्ट और वेट को समाप्त करो”21/01/1980“बाप को प्रत्यक्ष करने की विधि”23/01/1980“पवित्रता का महत्व”09/02/1980“मधुबन निवासियों की विशेषता”18/01/1981“‘स्मृति-स्वरूप' का आधार याद और सेवा”29/03/1981“ज्ञान का सार ‘मैं और मेरा बाबा’”15/04/1981“नम्बरवन तकदीरवान की विशेषताएं”29/10/1981“बाप और बच्चों का रुहानी मिलन”22/03/1982“राज्य-सत्ता और धर्म-सत्ता के अधिकारी बच्चों से बापदादा की मुलाकात”01/03/1983“विश्व के हर स्थान पर आध्यात्मिक लाइट और ज्ञान जल पहुँचाओ”07/03/1984“कर्मातीत, वानप्रस्थी आत्मायें ही तीव्रगति की सेवा के निमित्त”21/03/1985“स्वदर्शन चक्र से विजय चक्र की प्राप्ति”10/01/1988“मनन करने की विधि तथा मनन शक्ति को बढ़ाने की युक्तियां”07/11/1989“तीनों सम्बन्धों की सहज और श्रेष्ठ पालना”09/12/1989“योगयुक्त, युक्तियुक्त बनने की युक्ति”13/12/1989“दिव्य ब्राह्मण जन्म के भाग्य की रेखाएं”14/01/1990“पुरुषार्थ की तीव्रगति में कमी के दो मुख्य कारण”31/03/1990“रहमदिल और बेहद की वैराग वृत्ति”13/02/1991“विश्व परिवर्तन में तीव्रता लाने का साधन एकाग्रता की शक्ति एवं एकरस स्थिति”03/04/1991“सर्व हदों से निकल बेहद के वैरागी बनो”18/12/1991“हर कर्म में ऑनेस्टी (इमानदारी) का प्रयोग करना ही तपस्या है”31/12/1991“यथार्थ चार्ट का अर्थ है - प्रगति और परिवर्तन”12/11/1992“भविष्य विश्व-राज्य का आधार - संगमयुग का स्वराज्य”21/11/1992“कर्मों की गुह्य गति के ज्ञाता बनो”25/11/1993“सहज सिद्धि प्राप्त करने के लिए ज्ञान स्वरूप प्रयोगी आत्मा बनो”02/12/1993“नम्बरवन बनने के लिए गुण मूर्त बन गुणों का दान करने वाले महादानी बनो”09/12/1993“एकाग्रता की शक्ति से दृढ़ता द्वारा सहज सफलता की प्राप्ति”31/12/1993“नये वर्ष में सदा उमंग-उत्साह में उड़ना और सर्व के प्रति महादानी, वरदानी बन व्यर्थ को समाप्त करना”18/01/1997“अपनी सूरत से बाप की सीरत को प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”15/03/1999“कर्मातीत अवस्था तक पहुँचने के लिए कन्ट्रोलिंग पॉवर को बढ़ाओ, स्वराज्य अधिकारी बनो”30/03/1999“तीव्र पुरुषार्थ की लगन को ज्वाला रूप बनाकर बेहद के वैराग्य की लहर फैलाओ”31/12/1999“नई सदी में अपने चलन और चेहरे से फरिश्ते स्वरूप को प्रत्यक्ष करो”15/02/2000“मन को स्वच्छ, बुद्धि को क्लीयर रख डबल लाइट फरिश्ते स्थिति का अनुभव करो”25/11/2001“दुआयें दो दुआयें लो, कारण का निवारण कर समस्याओं का समाधान करो''18/01/2002“स्नेह की शक्ति द्वारा समर्थ बनो, सर्व आत्माओं को सुख-शान्ति की अंचली दो''24/02/2002“बाप को प्रत्यक्ष करने के लिए अपनी वा दूसरों की वृत्ति को पॉजिटिव बनाओ''30/11/2002“रिटर्न शब्द की स्मृति से समान बनो और रिटर्न-जर्नी के स्मृति स्वरूप बनो''31/12/2004“इस वर्ष के आरम्भ से बेहद की वैराग्य वृत्ति इमर्ज करो, यही मुक्तिधाम के गेट की चाबी है''15/12/2005“नये वर्ष में स्नेह और सहयोग की रूपरेखा स्टेज पर लाओ, हर एक को गुण और शक्तियों की गिफ्ट दो”31/12/2005“नये वर्ष में अपने पुराने संस्कारों को योग अग्नि में भस्म कर ब्रह्मा बाप समान त्याग, तपस्या और सेवा में नम्बरवन बनो''28/03/2006“विश्व की आत्माओं को दु:खों से छुड़ाने के लिए मन्सा सेवा को बढ़ाओ, सम्पन्न और सम्पूर्ण बनो”15/12/2006“स्मृति स्वरूप, अनुभवी मूर्त बन सेकण्ड की तीव्रगति से परिवर्तन कर पास विद ऑनर बनो''03/03/2007“परमात्म संग में, ज्ञान का गुलाल, गुण और शक्तियों का रंग लगाना ही सच्ची होली मनाना है”17/03/2007“श्रेष्ठ वृत्ति से शक्तिशाली वायब्रेशन और वायुमण्डल बनाने का तीव्र पुरुषार्थ करो, दुआ दो और दुआ लो”31/03/2007“सपूत बन अपनी सूरत से बाप की सूरत दिखाना, निर्माण (सेवा) के साथ निर्मल वाणी, निर्मान स्थिति का बैलेन्स रखना”30/11/2007“सत्यता और पवित्रता की शक्ति को स्वरूप में लाते बालक और मालिकपन का बैलेन्स रखो”15/12/2007“समय के महत्व को जान, कर्मों की गुह्य गति का अटेन्शन रखो, नष्टोमोहा, एवररेडी बनो”18/03/2008“कारण शब्द को निवारण में परिवर्तन कर मास्टर मुक्तिदाता बनो, सबको बाप के संग का रंग लगाकर समान बनने की होली मनाओ”02/04/2008”इस वर्ष चारों ही सब्जेक्ट में अनुभव की अथॉरिटी बनो, लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ”

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