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समर्पित पांडव - surrendered pandavas - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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समर्पित पांडव - surrendered pandavas
समर्पित पांडव - surrendered pandavas
43 unique murli dates in this topic
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43 murlis in हिंदी
03/10/1969
“सम्पूर्ण समर्पण की निशानियां”
16/10/1969
“परखने की शक्ति को तीव्र बनाओ”
05/03/1970
“जल चढ़ाना अर्थात् प्रतिज्ञा करना”
10/06/1971
“सेवा की धरनी तैयार करने का साधन - सर्चलाइट”
19/09/1975
“शक्तियों एवं पाण्डवों की विशेषतायें”
15/10/1975
“आत्मघाती महापापी न बनकर डबल अहिंसक बनने की युक्तियाँ”
21/05/1977
“संगमयुगी ब्राह्मण जीवन का विशेष गुण और कर्तव्य”
29/05/1977
“पुरुषार्थ की रफ्तार में रुकावट का कारण और उसका निवारण”
05/06/1977
“अलौकिक जीवन का कर्तव्य ही है - विकारी को निर्विकारी बनाना”
28/06/1977
“वेस्ट (Waste) मत करो और वेट (Weight) कम करो”
29/03/1981
“ज्ञान का सार ‘मैं और मेरा बाबा’”
08/10/1981
“ब्रह्मा बाप की एक शुभ आशा”
21/03/1983
“भारत माता शक्ति अवतार द्वारा विश्व का उद्धार”
17/04/1983
“कर्मातीत स्थिति के लिए समेटने और समाने की शक्तियों की आवश्यकता”
02/05/1983
“माया को दोषी बनाने के बजाए मास्टर रचता, शक्तिशाली बनो”
30/07/1983
“जहाँ सच्चा स्नेह है वहाँ दु:ख की लहर नहीं”
27/02/1985
“शिव शक्ति पाण्डव सेना की विशेषतायें”
18/01/1987
“कर्मातीत स्थिति की निशानियां”
23/01/1987
“सफलता के सितारे की विशेषतायें”
01/10/1987
“ईश्वरीय स्नेह - जीवन परिवर्तन का फाउण्डेशन है”
21/10/1987
“दीपराज और दीपरानियों की कहानी”
06/01/1988
“दिल के ज्ञानी तथा स्नेही बनो और लीकेज को बन्द करो”
03/02/1988
“ब्रह्मा मात-पिता की अपने ब्राह्मण बच्चों के प्रति दो शुभ आशाएं”
24/02/1988
“वरदाता से प्राप्त हुए वरदानों को वृद्धि में लाने की विधि”
23/11/1989
“वरदाता को राज़ी करने की सहज विधि”
05/12/1989
“सदा प्रसन्न कैसे रहें?”
22/02/1990
“सेवा करना - उत्साह से उत्सव मनाना”
07/03/1990
“रूलिंग तथा कन्ट्रोलिंग पॉवर से स्वराज्य की प्राप्ति”
03/11/1992
“रूहानी रॉयल्टी सम्पन्न आत्माओं की निशानियां”
18/11/1993
“संगमयुग के राजदुलारे सो भविष्य के राज्य अधिकारी”
31/12/1993
“नये वर्ष में सदा उमंग-उत्साह में उड़ना और सर्व के प्रति महादानी, वरदानी बन व्यर्थ को समाप्त करना”
10/01/1994
“एक ‘पॉइन्ट’ शब्द को तीन रूपों से स्मृति वा स्वरूप में लाना - यही सेफ्टी का साधन है”
18/01/1994
“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”
14/12/1997
“व्यर्थ और निगेटिव को अवाइड कर अवार्ड लेने के पात्र बनो”
04/11/2001
“सत्यवादी बनो और समय प्रमाण रहमदिल बन बेहद की वृत्ति, दृष्टि और कृति बनाने के दृढ़ संकल्प का दीप जलाओ''
25/11/2001
“दुआयें दो दुआयें लो, कारण का निवारण कर समस्याओं का समाधान करो''
15/12/2001
“एकव्रता बन पवित्रता की धारणा द्वारा रूहानियत में रह मन्सा सेवा करो”
31/12/2001
“इस नये वर्ष में सफलता भव के वरदान द्वारा बाप और स्वयं की प्रत्यक्षता को समीप लाओ''
28/02/2003
“सेवा के साथ-साथ अब सम्पन्न बनने का प्लैन बनाओ, कर्मातीत बनने की धुन लगाओ''
30/11/2003
“चारों ही सबजेक्ट में अनुभव की अथॉरिटी बन समस्या को समाधान स्वरूप में परिवर्तन करो''
18/01/2008
“सच्चे स्नेही बन, सब बोझ बाप को देकर मौज का अनुभव करो, मेहनत मुक्त बनो”
18/03/2008
“कारण शब्द को निवारण में परिवर्तन कर मास्टर मुक्तिदाता बनो, सबको बाप के संग का रंग लगाकर समान बनने की होली मनाओ”
02/04/2008
”इस वर्ष चारों ही सब्जेक्ट में अनुभव की अथॉरिटी बनो, लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ”