मुख्यालय स्थित ज्ञान सरोवर, आबू राज के यूनिवर्सल हार्मोनी हॉल में ब्रह्माकुमारीज़ के चिकित्सा प्रभाग द्वारा एमवीएम कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया। सम्मेलन में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ आध्यात्मिकता, सकारात्मक सोच और मानवीय मूल्यों के समन्वय द्वारा चिकित्सा सेवाओं को अधिक मानवीय एवं मूल्यनिष्ठ बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। ज्ञान सरोवर की सहनिदेशिका बी.के. प्रभा दीदी ने आशीर्वचन प्रदान किए। ब्रह्माकुमारीज़ के महासचिव बी.के. करुणा भाई एवं अतिरिक्त महासचिव बी.के. मृत्युंजय भाई ने प्रेरणादायक विचार साझा करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में आध्यात्मिकता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि
आधुनिक चिकित्सा मानव जीवन को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके साथ आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक सोच का समन्वय व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने चिकित्सकों को श्रेष्ठ एवं मूल्यनिष्ठ समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन में मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी, जोधपुर के कुलपति डॉ. महेंद्र कुमार असेरी, हरियाणा मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. मंदीप सजदेवा, हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री के वरिष्ठ निजी सचिव जोगा सिंह, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, वित्त मंत्रालय, ग्वालियर के नारकोटिक्स कमिश्नर डॉ. दिनेश बिसैन, एनसीबी राजस्थान के जयपुर एवं जोधपुर जोनल यूनिट के जोनल निदेशक घनश्याम सोनी, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कोटा के अतिरिक्त आयुक्त नरेश बुंदेल तथा सहायक नारकोटिक्स कमिश्नर जे.एस. राजपुरोहित सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की।
संस्था के कार्यकारी सचिव एवं मेडिकल विंग के सचिव बी.के. डॉ. बनारसी लाल भाई ने स्वागत उद्बोधन दिया। मेडिकल विंग के अध्यक्ष बी.के. डॉ. अशोक मेहता ने सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। ब्रह्माकुमारीज़ के अतिरिक्त महासचिव एवं मेडिकल विंग के उपाध्यक्ष बी.के. डॉ. प्रताप मिड्ढा भाई ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ आध्यात्मिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा
कि दवाइयों, सर्जरी, आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों और इमेजिंग उपकरणों ने चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्रदान की हैं। वहीं मन की चेतना में सकारात्मक परिवर्तन और आध्यात्मिक स्वास्थ्य भी व्यक्ति के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
उद्घाटन से पूर्व ब्रह्माकुमारीज़ की अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता बी.के. शिवानी दीदी ने
“द साइलेंट हीलिंग पावर फॉर सेल्फ केयर” विषय पर विशेष सत्र लिया। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों के लिए ध्यान एवं आध्यात्मिक जागरूकता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता, सकारात्मक चिंतन और मानवीय मूल्यों के समन्वय की दिशा में विचारों का आदान-प्रदान किया।
ईश्वरीय समाचारों की इस यात्रा में आज बस इतना ही। शांति और संस्कार से जुड़ी खबरों के लिए देखते रहिए ब्रह्माकुमारीज़ मधुबन न्यूज़।



















