दिनांक 8 जुलाई 2026 को हिसार में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित दो दिवसीय “डिजिटल वेलनेस – ट्रेन द ट्रेनर्स” प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बी. आर. कम्बोज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं श्री विजेन्द्र सिंह (जिला परियोजना समन्वयक), श्री ललित कुमार (सहायक परियोजना समन्वयक) तथा श्री लक्ष्मण श्योराण (सीटीएम कार्यालय) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का ब्रह्माकुमारीज़ परिवार द्वारा ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता बीके नेहा ने
आधुनिक डिजिटल युग में मानसिक संतुलन, डिजिटल अनुशासन एवं जागरूक डिजिटल जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीक का सदुपयोग तभी संभव है जब व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण रखे। सह-वक्ता बीके निकिता एवं बीके गुरसिमर ने विभिन्न व्यावहारिक एवं सहभागितापूर्ण सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ध्यान एवं एकाग्रता (Attention), न्यूरोप्लास्टिसिटी (Neuroplasticity), सकारात्मक आत्मसंवाद (Positive Self Talk) तथा डिजिटल डिटॉक्स तकनीकों (Digital Detox Techniques) की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। शिक्षकों को यह भी प्रशिक्षित किया गया कि वे इन विषयों को अपने विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाएँ तथा अभिभावकों को डिजिटल वेलनेस के प्रति जागरूक करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।
प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ, समूह चर्चाएँ एवं अभ्यास आयोजित किए गए, जिनमें सभी शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने विद्यालयों के अनुभव साझा किए तथा विद्यार्थियों में बढ़ते डिजिटल उपयोग से उत्पन्न चुनौतियों एवं उनके व्यावहारिक समाधानों पर सार्थक विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ हिसार सबज़ोन प्रभारी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा,
“हमें अपने मन का मालिक बनना है। मन का मालिक बनकर ही हम मन की सभी बुराइयों पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।” उन्होंने बताया कि जब व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण प्राप्त कर लेता है, तभी वह तकनीक का संतुलित एवं सकारात्मक उपयोग करते हुए सुखी एवं सफल जीवन जी सकता है।
इस प्रशिक्षण में हिसार के लगभग सभी प्रमुख विद्यालयों के 280 शिक्षक, प्राचार्य एवं निदेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर लाभ प्राप्त किया। समापन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए डिजिटल वेलनेस को अपने जीवन में अपनाने तथा इस ज्ञान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने का संकल्प लिया। सभी शिक्षकों ने डिजिटल साधनों का सशक्त एवं संतुलित उपयोग करने तथा अपने विद्यालयों एवं समाज में डिजिटल वेलनेस का संदेश प्रसारित करने की शपथ भी ली।
अनेक विद्यालयों के शिक्षकों एवं प्राचार्यों ने अपने-अपने विद्यालयों में भी इस अभियान को प्रारम्भ करने में गहरी रुचि व्यक्त की तथा ब्रह्माकुमारीज़ से विद्यालय स्तर पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे वर्तमान समय की अत्यंत आवश्यक एवं प्रभावशाली पहल बताया तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रशिक्षकों एवं मंच संचालन टीम ने ब्रह्माकुमारीज़ आईटी विंग के बाला भाई के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने डिजिटल वेलनेस पाठ्यक्रम को अत्यंत व्यवस्थित, वैज्ञानिक एवं प्रभावी स्वरूप प्रदान करने में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि सुव्यवस्थित एवं व्यावहारिक पाठ्यक्रम के कारण प्रशिक्षण को सरल, रोचक एवं प्रभावशाली ढंग से संचालित करना संभव हो सका।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ परिवार की ओर से बीके अनीता, बीके अन्तिमा, बीके वंदना, बीके रेनू, बीके मंजू, बीके महेश, बीके प्रमोद, बीके विजय, अशोक गांधी, धर्मेन्द्र तथा शालू मोंगा सहित अनेक भाई-बहनों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति एवं सेवाओं द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।





























