शिक्षा प्रभाग, ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा ‘नई चेतना से सशक्त भारत’ अभियान का शुभारंभ नई दिल्ली में किया गया। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी में आत्मबल, मानसिक सशक्तिकरण, सकारात्मक सोच एवं मूल्य आधारित जीवन के प्रति जागरूकता लाना है।
अभियान के माध्यम से शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में संस्कार, आत्मिक चेतना, मानसिक शांति एवं सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। शिक्षा प्रभाग द्वारा देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ अब तक 20 एमओयू भी किए जा चुके हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत एचएमआई डॉक्यूमेंट्री फिल्म एवं 10 मिनट के सामूहिक ध्यान से हुई। इसके पश्चात बी.के. बहनों द्वारा अतिथियों का पुष्प तिलक एवं स्वागत किया गया। बी.के. नेहा ने अभियान का परिचय प्रस्तुत किया, जबकि फरीदाबाद की बी.के. पूनम ने मुख्य वक्तव्य दिया।
कार्यक्रम में सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर आर.जी. मुरली कृष्णा एवं यूजीसी के एजुकेशन ऑफिसर डॉ. किशोर कुमार ने अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार कर्नल ताहिर मुस्तफा तथा एसजीटी यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर एस.पी. अग्रवाल ने अभियान के प्रति अपने विचार एवं प्रेरणाएं साझा कीं।
अतिथियों ने शिक्षा के साथ मानसिक शांति, आत्म-पहचान एवं सकारात्मक चेतना को विकसित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ आंतरिक सशक्तिकरण भी आवश्यक है।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर ध्वजारोहण एवं पट्टा समारोह के साथ सामूहिक संकल्प लिया गया। एजुकेशन विंग की वाइस चेयरपर्सन एवं हरिनगर सबजोन की निदेशिका बी.के. शुक्ला दीदी ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि शिक्षा जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचने का माध्यम है, लेकिन शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी सार्थक होता है जब उसका प्रभाव हमारे आचरण और जीवन मूल्यों में दिखाई दे।
उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ मनन, चिंतन, त्याग, तपस्या, सेवा एवं संस्कारों को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी। ‘नई चेतना से सशक्त भारत’ अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं में सकारात्मक चेतना जागृत कर मूल्य आधारित और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।



























