महान आत्मा - Great soul

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13/11/1969“बापदादा की उम्मीदें - क्वान्टिटी के बजाए क्वालिटी वाले बनो और बनाओ”18/04/1971“मन के भावों को जानने की विधि तथा फायदे”10/05/1972“स्वमान में रहने से फरमान की पालना”11/07/1972“निर्णय शक्ति को बढ़ाने की कसौटी - ‘साकार बाप के चरित्र'”04/12/1972“महावीर आत्माओं की रूहानी ड्रिल”24/12/1972“संगमयुगी श्रेष्ठ आत्माओं की जिम्मेवारी”21/04/1973“जैसा नाम वैसा काम”01/06/1973“सर्व शक्तियों का स्टॉक”27/05/1974“विश्व-कल्याण के निमित्त बनी आत्माओं के वचन भी सदा कल्याणकारी”31/01/1977“भक्तों को सर्व प्राप्ति कराने का आधार है - इच्छा मात्रम् अविद्या की स्थिति”24/05/1977“बाप के डायरेक्ट बच्चे ही डबल पूजा के अधिकारी बनते हैं”01/04/1978“निरन्तर योगी ही निरन्तर साथी है”05/12/1978“मरजीवा जन्म का निजी संस्कार - पहली स्मृति और पहला बोल”19/12/1978“रीयल्टी ही सबसे बड़ी रॉयल्टी है”12/01/1979“वरदाता बाप द्वारा मिले हुए खुशी के खजानों का भण्डार”16/01/1979“तिलक, ताज और तख्तधारी बनने की युक्तियाँ”18/01/1979“18 जनवरी ‘स्मृति दिवस' को सदाकाल का समर्थी दिवस मनाने के लिए शिक्षाएं”19/11/1979“बेहद के वानप्रस्थी अर्थात् निरन्तर एकान्त में सदा स्मृति स्वरूप”03/12/1979“विश्व-कल्याणकारी ही विश्व का मालिक बन सकता है”21/03/1981“सच्ची होली कैसे मनायें?”05/04/1981“समर्थ कर्मों का आधार - ‘धर्म’”07/04/1981“मनन शक्ति द्वारा सर्वशक्तियों के स्वरूप की अनुभूति”08/11/1981“अन्तर सम्पन्न करने का साधन ‘तुरन्त दान महापुण्य’”28/11/1981“आप पूर्वजों से सर्व आत्माओं की आशाएं”12/01/1982“विश्व का उद्धार - आधारमूर्त आत्माओं पर निर्भर”17/03/1982“संगमयुग का विशेष वरदान - ‘अमर भव’”29/03/1982“सच्चे वैष्णव अर्थात् सदा गुण ग्राहक”06/04/1982“दास व अधिकारी आत्माओं के लक्षण”09/01/1983“व्यर्थ को छोड़ समर्थ संकल्प चलाओ”21/03/1983“भारत माता शक्ति अवतार द्वारा विश्व का उद्धार”14/04/1983“सम्पन्न आत्मा सदा स्वयं और सेवा से सन्तुष्ट”03/12/1983“संगमयुगी ब्राह्मणों का श्रेष्ठ भाग्य”05/12/1983“संगमयुग - बाप बच्चों के मिलन का युग”27/12/1983“भिखारी नहीं सदा के अधिकारी बनो”24/04/1984“वर्तमान ब्राह्मण जन्म - हीरे तुल्य”09/05/1984“सदा एकरस उड़ने और उड़ाने के गीत गाओ”11/05/1984“ब्राह्मणों के हर कदम, संकल्प, कर्म से विधान का निर्माण”17/12/1984“व्यर्थ को समाप्त करने का साधन - समर्थ संकल्पों का खजाना ज्ञान मुरली”01/01/1986“नया वर्ष रूहानी प्रभावशाली बनने का वर्ष”18/02/1986“निरन्तर सेवाधारी तथा निरन्तर योगी बनो”04/03/1986“सर्व श्रेष्ठ नई रचना का फाउण्डेशन - निस्वार्थ स्नेह”07/03/1986“पढ़ाई की चारों सब्जेक्ट का यथार्थ यादगार - ‘महा-शिवरात्रि’”13/03/1986“सहज परिवर्तन का आधार - अनुभव की अथॉरिटी”22/03/1986“सुख, शान्ति और खुशी का आधार - पवित्रता”09/04/1986“सच्चे सेवाधारी की निशानी”21/01/1987“स्व-राज्य अधिकारी ही विश्व-राज्य अधिकारी”23/01/1987“सफलता के सितारे की विशेषतायें”18/03/1987“सच्चे रूहानी आशिक की निशानियां”17/10/1987“ब्राह्मण जीवन का श्रृंगार - ‘पवित्रता’”02/11/1987“स्व-परिवर्तन का आधार - ‘सच्चे दिल की महसूसता’”23/12/1987“मनन शक्ति और मगन स्थिति”31/12/1987“नया वर्ष - बाप समान बनने का वर्ष”20/02/1988“तन, मन की थकावट मिटाने का साधन - ‘शक्तिशाली याद’”28/02/1988“डबल विदेशी ब्राह्मण बच्चों की विशेषतायें”03/03/1988“होली कैसे मनायें तथा सदाकाल का परिवर्तन कैसे हो?”19/03/1988“‘याद’ में रमणीकता लाने की युक्तियाँ”27/03/1988“सर्वश्रेष्ठ सितारा - ‘सफलता का सितारा’”31/03/1990“रहमदिल और बेहद की वैराग वृत्ति”31/12/1990“तपस्या ही बड़े ते बड़ा समारोह है, तपस्या अर्थात् बाप से मौज मनाना”

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