Command Palette
Search for a command to run...
Loading topic
Brahma Kumaris
Murli
Home
Murli Search
Murli Topics
Murli Chintan
AI Murli Chintan (ChatGPT)
Languages
E
English
ह
हिंदी
ગ
ગુજરાતી
త
తెలుగు
Library
Overview
Favorites
Notes & Highlights
Collections
Tracker
Settings
BKOne
Toggle Sidebar
Brahma Kumaris
Murli
Home
Library
Settings
BKOne
Search
K
Toggle theme
Home
Search
BKOne
Library
Settings
अंतिम समय - Last Time - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
Home
Topics
अंतिम समय - Last Time
अंतिम समय - Last Time
50 unique murli dates in this topic
English
हिंदी
ગુજરાતી
తెలుగు
50 murlis in हिंदी
05/03/1971
“भट्ठी की अलौकिक छाप”
13/04/1973
“भक्त और भावना का फल”
01/06/1973
“सर्व शक्तियों का स्टॉक”
03/02/1974
“उपराम-वृत्ति व ज्वाला रूप के दृढ़ संकल्प से विनाश का कार्य सम्पन्न करो”
28/04/1974
“स्थूल के साथ-साथ सूक्ष्म साधनों से ईश्वरीय सेवा में सफलता”
13/09/1974
“मुरब्बी बच्चे बन अपनी स्टेज को योग-युक्त व युक्ति-युक्त बनाओ”
15/09/1974
“पुरुषार्थ का अन्तिम लक्ष्य है अव्यक्त फरिश्ता-पन”
05/12/1974
“व्यर्थ संकल्पों को समर्थ बनाने से काल पर विजय”
08/02/1975
“निश्चय रूपी आसन पर अचल स्थिति”
03/08/1975
“शिव शक्ति व पाण्डव सेना को तैयार होने के लिए सावधानी”
14/09/1975
“अकाल तख्त-नशीन और महाकाल-मूर्त बन समेटने की शक्ति का प्रयोग करो”
26/10/1975
“विकारी देह रूपी साँप से सारी कमाई खत्म”
08/12/1975
“बच्चे की विभिन्न स्टेजेस”
13/01/1978
“इन्तजार के पहले इन्तजाम करो”
15/12/1979
“विदेशी बच्चों के साथ अव्यक्त बापदादा की मुलाकात”
28/12/1979
“सिद्धि स्वरूप होने की विधि - एकाग्रता”
07/01/1980
“संगमयुगी बादशाही और सतयुगी बादशाही”
13/11/1981
“परखने और निर्णय शक्ति का आधार - साइलेन्स की शक्ति”
28/11/1981
“आप पूर्वजों से सर्व आत्माओं की आशाएं”
01/03/1983
“विश्व के हर स्थान पर आध्यात्मिक लाइट और ज्ञान जल पहुँचाओ”
13/04/1983
“परचिन्तन तथा परदर्शन से हानियाँ”
20/03/1987
“स्नेह और सत्यता की अथॉरिटी का बैलेन्स”
09/10/1987
“अलौकिक राज्य दरबार का समाचार”
14/10/1987
“ब्राह्मण जीवन - बाप से सर्व सम्बन्ध अनुभव करने की जीवन”
03/02/1988
“ब्रह्मा मात-पिता की अपने ब्राह्मण बच्चों के प्रति दो शुभ आशाएं”
14/01/1990
“पुरुषार्थ की तीव्रगति में कमी के दो मुख्य कारण”
18/01/1990
“स्वयं और सेवा में तीव्रगति के परिवर्तन का गुह्य राज़”
19/03/1990
“उड़ती कला का आधार उमंग-उत्साह के पंख”
31/03/1990
“रहमदिल और बेहद की वैराग वृत्ति”
18/01/1991
“विश्व कल्याणकारी बनने के लिए सर्व स्मृतियों से सम्पन्न बन सर्व को सहयोग दो”
17/03/1991
“सन्तुष्टमणि के श्रेष्ठ आसन पर आसीन होने के लिए प्रसन्नचित्त, निश्चिंत आत्मा बनो”
10/04/1991
“दिलतख्तनशीन और विश्व तख्तनशीन बनने के लिए सुख दो और सुख लो”
16/03/1992
“होली मनाना अर्थात दृढ़ संकल्प की अग्नि में कमजोरियों को जलाना और मिलन की मौज मनाना”
01/04/1992
“उड़ती कला का अनुभव करने के लिए दो बातों का बैलेन्स - ज्ञानयुक्त भावना और स्नेह युक्त योग”
13/10/1992
“नम्बरवन बनना है तो ज्ञान और योग को स्वरूप में लाओ”
03/11/1992
“रूहानी रॉयल्टी सम्पन्न आत्माओं की निशानियां”
30/11/1992
“सर्व खजानों से सम्पन्न बनो - दुआएं दो, दुआएं लो”
09/01/1993
“अव्यक्त वर्ष मनाना अर्थात् सपूत बन सबूत देना”
18/01/1993
“प्रत्यक्षता का आधार - दृढ़ प्रतिज्ञा”
18/01/1994
“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”
18/01/1997
“अपनी सूरत से बाप की सीरत को प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”
06/03/1997
“शिव जयन्ती की गिफ्ट - मेहनत को छोड़ मुहब्बत के झूले में झूलो”
03/04/1997
“पुराने संस्कारों को खत्म कर अपने निजी संस्कार धारण करने वाले एवररेडी बनो”
13/11/1997
“संगमयुग के प्राप्तियों की प्रालब्ध का अनुभव करो, मास्टर दाता, महा सहयोगी बनो”
21/11/1998
“सेवा के साथ देह में रहते विदेही अवस्था का अनुभव बढ़ाओ”
13/02/1999
“शिव अवतरण और एकानामी के अवतार”
15/12/2001
“एकव्रता बन पवित्रता की धारणा द्वारा रूहानियत में रह मन्सा सेवा करो”
13/02/2003
“वर्तमान समय अपना रहमदिल और दाता स्वरूप प्रत्यक्ष करो''
28/02/2003
“सेवा के साथ-साथ अब सम्पन्न बनने का प्लैन बनाओ, कर्मातीत बनने की धुन लगाओ''
17/03/2007
“श्रेष्ठ वृत्ति से शक्तिशाली वायब्रेशन और वायुमण्डल बनाने का तीव्र पुरुषार्थ करो, दुआ दो और दुआ लो”