अंतिम समय - Last Time

50 unique murli dates in this topic

50 murlis in हिंदी

05/03/1971“भट्ठी की अलौकिक छाप”13/04/1973“भक्त और भावना का फल”01/06/1973“सर्व शक्तियों का स्टॉक”03/02/1974“उपराम-वृत्ति व ज्वाला रूप के दृढ़ संकल्प से विनाश का कार्य सम्पन्न करो”28/04/1974“स्थूल के साथ-साथ सूक्ष्म साधनों से ईश्वरीय सेवा में सफलता”13/09/1974“मुरब्बी बच्चे बन अपनी स्टेज को योग-युक्त व युक्ति-युक्त बनाओ”15/09/1974“पुरुषार्थ का अन्तिम लक्ष्य है अव्यक्त फरिश्ता-पन”05/12/1974“व्यर्थ संकल्पों को समर्थ बनाने से काल पर विजय”08/02/1975“निश्चय रूपी आसन पर अचल स्थिति”03/08/1975“शिव शक्ति व पाण्डव सेना को तैयार होने के लिए सावधानी”14/09/1975“अकाल तख्त-नशीन और महाकाल-मूर्त बन समेटने की शक्ति का प्रयोग करो”26/10/1975“विकारी देह रूपी साँप से सारी कमाई खत्म”08/12/1975“बच्चे की विभिन्न स्टेजेस”13/01/1978“इन्तजार के पहले इन्तजाम करो”15/12/1979“विदेशी बच्चों के साथ अव्यक्त बापदादा की मुलाकात”28/12/1979“सिद्धि स्वरूप होने की विधि - एकाग्रता”07/01/1980“संगमयुगी बादशाही और सतयुगी बादशाही”13/11/1981“परखने और निर्णय शक्ति का आधार - साइलेन्स की शक्ति”28/11/1981“आप पूर्वजों से सर्व आत्माओं की आशाएं”01/03/1983“विश्व के हर स्थान पर आध्यात्मिक लाइट और ज्ञान जल पहुँचाओ”13/04/1983“परचिन्तन तथा परदर्शन से हानियाँ”20/03/1987“स्नेह और सत्यता की अथॉरिटी का बैलेन्स”09/10/1987“अलौकिक राज्य दरबार का समाचार”14/10/1987“ब्राह्मण जीवन - बाप से सर्व सम्बन्ध अनुभव करने की जीवन”03/02/1988“ब्रह्मा मात-पिता की अपने ब्राह्मण बच्चों के प्रति दो शुभ आशाएं”14/01/1990“पुरुषार्थ की तीव्रगति में कमी के दो मुख्य कारण”18/01/1990“स्वयं और सेवा में तीव्रगति के परिवर्तन का गुह्य राज़”19/03/1990“उड़ती कला का आधार उमंग-उत्साह के पंख”31/03/1990“रहमदिल और बेहद की वैराग वृत्ति”18/01/1991“विश्व कल्याणकारी बनने के लिए सर्व स्मृतियों से सम्पन्न बन सर्व को सहयोग दो”17/03/1991“सन्तुष्टमणि के श्रेष्ठ आसन पर आसीन होने के लिए प्रसन्नचित्त, निश्चिंत आत्मा बनो”10/04/1991“दिलतख्तनशीन और विश्व तख्तनशीन बनने के लिए सुख दो और सुख लो”16/03/1992“होली मनाना अर्थात दृढ़ संकल्प की अग्नि में कमजोरियों को जलाना और मिलन की मौज मनाना”01/04/1992“उड़ती कला का अनुभव करने के लिए दो बातों का बैलेन्स - ज्ञानयुक्त भावना और स्नेह युक्त योग”13/10/1992“नम्बरवन बनना है तो ज्ञान और योग को स्वरूप में लाओ”03/11/1992“रूहानी रॉयल्टी सम्पन्न आत्माओं की निशानियां”30/11/1992“सर्व खजानों से सम्पन्न बनो - दुआएं दो, दुआएं लो”09/01/1993“अव्यक्त वर्ष मनाना अर्थात् सपूत बन सबूत देना”18/01/1993“प्रत्यक्षता का आधार - दृढ़ प्रतिज्ञा”18/01/1994“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”18/01/1997“अपनी सूरत से बाप की सीरत को प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”06/03/1997“शिव जयन्ती की गिफ्ट - मेहनत को छोड़ मुहब्बत के झूले में झूलो”03/04/1997“पुराने संस्कारों को खत्म कर अपने निजी संस्कार धारण करने वाले एवररेडी बनो”13/11/1997“संगमयुग के प्राप्तियों की प्रालब्ध का अनुभव करो, मास्टर दाता, महा सहयोगी बनो”21/11/1998“सेवा के साथ देह में रहते विदेही अवस्था का अनुभव बढ़ाओ”13/02/1999“शिव अवतरण और एकानामी के अवतार”15/12/2001“एकव्रता बन पवित्रता की धारणा द्वारा रूहानियत में रह मन्सा सेवा करो”13/02/2003“वर्तमान समय अपना रहमदिल और दाता स्वरूप प्रत्यक्ष करो''28/02/2003“सेवा के साथ-साथ अब सम्पन्न बनने का प्लैन बनाओ, कर्मातीत बनने की धुन लगाओ''17/03/2007“श्रेष्ठ वृत्ति से शक्तिशाली वायब्रेशन और वायुमण्डल बनाने का तीव्र पुरुषार्थ करो, दुआ दो और दुआ लो”

© 2026 Brahma Kumaris. All rights reserved.

Murli Portal — Spiritual wisdom for daily living.

Command Palette

Search for a command to run...