ज्ञान और स्नेही भक्तिमार्ग - Path of Knowledge path of Bhakti

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27/08/1969“मदद लेने का साधन है - हिम्मत”28/11/1969“लौकिक को अलौकिक में परिवर्तन करने की युक्तियां”06/12/1969“सरल स्वभाव से बुद्धि को विशाल और दूरांदेशी बनाओ”23/03/1970“सच्ची होली मनाना अर्थात् बीती को बीती करना”08/06/1971“जीवन के लिए तीन चीजों की आवश्यकता - खुराक, खुशी और खज़ाना”31/05/1972“भविष्य में अष्ट देवता और भक्ति में इष्ट बनने का पुरुषार्थ”19/09/1972“मजबूरियों को समाप्त करने का साधन - मजबूती”13/04/1973“भक्त और भावना का फल”02/08/1973“यथार्थ विधि से सिद्धि की प्राप्ति”24/04/1974“त्रिमूर्ति लाइट के साक्षात्कार-मूर्त बनने की डेट फिक्स करो”04/07/1974“स्व-स्थिति की श्रेष्ठता से व्यर्थ संकल्पों की हलचल समाप्त”08/07/1974“मास्टर नॉलेजफुल व सर्व-शक्तिवान् विभिन्न प्रकार की क्यू से मुक्त”18/07/1974“सम्पूर्ण पवित्र वृत्ति और दृष्टि से श्रेष्ठ तकदीर की तस्वीर”01/10/1975“एकान्त, एकाग्रता और दृढ़-संकल्प से सिद्धि की प्राप्ति”02/02/1976“भक्तों और पाण्डवों का पोतामेल”12/01/1977“संगमयुग पर ‘बालक सो मालिक’ बनने वालों के तीनों कालों का साक्षात्कार”02/02/1977“सदा अलंकारी स्वरूप में स्थित रहने वाला ही स्वयं द्वारा, बाप का साक्षात्कार करा सकता है”23/04/1977“बाप द्वारा प्राप्त सर्व खज़ानों को बढ़ाने का आधार है - महादानी बनना”10/06/1977“मन्‍त्र और यन्‍त्र के निरन्तर प्रयोग से अन्तर समाप्त”16/06/1977“एक ही पढ़ाई द्वारा नम्बरवार पूज्य पद पाने का गुह्य रहस्य”10/01/1979“अब वेस्ट और वेट को समाप्त करो”05/12/1979“विजय का झण्डा लहराने के लिए रियलाइजेशन कोर्स शुरू करो”10/12/1979“पुण्य आत्माओं के लक्षण”12/12/1979“रूहानी अलंकार और उनसे सजी हुई मूर्तियाँ”19/12/1979“सहज याद का साधन - स्वयं को खुदाई खिदमतगार समझो”21/01/1980“बाप को प्रत्यक्ष करने की विधि”23/01/1980“पवित्रता का महत्व”03/04/1981“ज्ञान मार्ग की यादगार भक्ति मार्ग”22/03/1982“राज्य-सत्ता और धर्म-सत्ता के अधिकारी बच्चों से बापदादा की मुलाकात”19/04/1983“संगमयुग का प्रभु फल खाने से सर्व प्राप्तियाँ”28/02/1984“बिन्दु और बूंद का रहस्य”04/04/1984“संगमयुग की श्रेष्ठ वेला, श्रेष्ठ तकदीर की तस्वीर बनाने की वेला”10/04/1984“प्रभु प्यार - ब्राह्मण जीवन का आधार”19/04/1984“भावुक आत्मा तथा ज्ञानी आत्मा के लक्षण”16/02/1985“हर श्वांस में खुशी का साज बजना ही इस श्रेष्ठ जन्म की सौगात है”06/01/1986“संगमयुग - जमा करने का युग”07/03/1986“पढ़ाई की चारों सब्जेक्ट का यथार्थ यादगार - ‘महा-शिवरात्रि’”26/01/1988“संगमयुग पर नम्बरवन पूज्य बनने की अलौकिक विधि”12/03/1988“तीन प्रकार का स्नेह तथा दिल के स्नेही बच्चों की विशेषतायें”11/11/1989“दिव्यता - संगमयुगी ब्राह्मणों का श्रृंगार है”23/11/1989“वरदाता को राज़ी करने की सहज विधि”27/11/1989“शुभ भावना और शुभ कामना की सूक्ष्म सेवा”05/12/1989“सदा प्रसन्न कैसे रहें?”21/12/1989“त्रिदेव रचयिता द्वारा वरदानों की प्राप्ति”25/12/1989“रूहानी फखुर में रह बेफिक्र बादशाह बनो”01/03/1990“ब्राह्मण-जीवन का फाउण्डेशन - दिव्य बुद्धि और रूहानी दृष्टि”31/03/1990“रहमदिल और बेहद की वैराग वृत्ति”13/02/1991“विश्व परिवर्तन में तीव्रता लाने का साधन एकाग्रता की शक्ति एवं एकरस स्थिति”03/04/1991“सर्व हदों से निकल बेहद के वैरागी बनो”26/10/1991“तपस्या का प्रत्यक्ष-फल - खुशी”04/12/1991“सफल तपस्वी अर्थात् प्योरिटी की पर्सनैलिटी और रॉयल्टी वाले”13/02/1992“अनेक जन्म का प्यार सम्पन्न जीवन बनाने का आधार - इस जन्म का परमात्म-प्यार”08/04/1992“ब्रह्मा बाप से प्यार की निशानी है - अव्यक्त फरिश्ता बनना”24/09/1992“सत्य और असत्य का विशेष अन्तर”20/12/1992“आज्ञाकारी ही सर्व शक्तियों के अधिकारी”18/02/1993“ब्राह्मण जीवन का श्वांस - सदा उमंग और उत्साह”09/03/1994“न्यारा-प्यारा, वन्डरफुल, स्नेह और सुखभरा अवतरण - शिव जयन्ती”07/11/1995“बापदादा की विशेष पसन्दगी और ज्ञान का फाउण्डेशन - पवित्रता”18/01/1997“अपनी सूरत से बाप की सीरत को प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”06/03/1997“शिव जयन्ती की गिफ्ट - मेहनत को छोड़ मुहब्बत के झूले में झूलो”13/11/1997“संगमयुग के प्राप्तियों की प्रालब्ध का अनुभव करो, मास्टर दाता, महा सहयोगी बनो”30/11/1999“पास विद ऑनर बनने के लिए सर्व खजानों के खाते को जमा कर सम्पन्न बनो”20/02/2001“शिव जयन्ती, व्रत लेने और सर्व समर्पण होने का यादगार है''15/12/2001“एकव्रता बन पवित्रता की धारणा द्वारा रूहानियत में रह मन्सा सेवा करो”18/01/2003“ब्राह्मण जन्म की स्मृतियों द्वारा समर्थ बन सर्व को समर्थ बनाओ”28/02/2003“सेवा के साथ-साथ अब सम्पन्न बनने का प्लैन बनाओ, कर्मातीत बनने की धुन लगाओ''30/11/2003“चारों ही सबजेक्ट में अनुभव की अथॉरिटी बन समस्या को समाधान स्वरूप में परिवर्तन करो''17/02/2004“शिवरात्रि जन्म उत्सव का विशेष स्लोगन - सर्व को सहयोग दो और सहयोगी बनाओ, सदा अखण्ड भण्डारा चलता रहे''20/03/2004“इस वर्ष को विशेष जीवनमुक्त वर्ष के रूप में मनाओ, एकता और एकाग्रता से बाप की प्रत्यक्षता करो''15/02/2007“अलबेलेपन, आलस्य और बहानेबाजी की नींद से जागना ही शिवरात्रि का सच्चा जागरण है”

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