वाचा सेवा भाषण - Service through words/speech
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06/02/1969“महिमा सुनना छोड़ो - महान् बनो”15/02/1969“सौभाग्यशाली वह है जिसका बाप, टीचर और सतगुरू से पूरा कनेक्शन है”04/03/1969“जो बीता उसे हो ली करना ही होली मनाना है”16/06/1969“बड़े-से-बड़ा त्याग - अवगुणों का त्याग”06/07/1969“सच्ची जेवर बनने के लिए अपनी सब खामियों को निकाल स्वच्छ बनो”23/07/1969“सफलता का आधार - परखने की शक्ति”13/11/1969“बापदादा की उम्मीदें - क्वान्टिटी के बजाए क्वालिटी वाले बनो और बनाओ”23/01/1970“सेवा में सफलता पाने की युक्तियां”24/01/1970“ब्राह्मणों का मुख्य धंधा - समर्पण करना और कराना”23/03/1970“सच्ची होली मनाना अर्थात् बीती को बीती करना”27/07/1970“अव्यक्त बनने के लिए मुख्य शक्तियों की धारणा”11/02/1971“अंत:वाहक शरीर द्वारा सेवा”09/04/1971“अव्यक्त स्थिति में सर्व गुणों का अनुभव”15/04/1971“त्रिमूर्ति बाप के बच्चों का त्रिमूर्ति कर्तव्य”09/10/1971“पॉवरफुल वृत्ति से सर्विस में वृद्धि”02/08/1972“हर कर्म विधिपूर्वक करने से सिद्धि की प्राप्ति”06/08/1972“वृत्ति चंचल होने का कारण - व्रत में हल्कापन”11/04/1973“परिवर्तन”25/05/1973“भविष्य प्लान”02/08/1973“यथार्थ विधि से सिद्धि की प्राप्ति”13/09/1974“मुरब्बी बच्चे बन अपनी स्टेज को योग-युक्त व युक्ति-युक्त बनाओ”08/10/1975“मास्टर ज्ञान-स्वरूप बनने की प्रेरणा”18/01/1977“18 जनवरी का विशेष महत्व”26/01/1977“अन्तर्मुखता द्वारा सूक्ष्म शक्ति की लीलाओं का अनुभव”16/05/1977“माया के वार का सामना करने के लिए दो शक्तियों की आवश्यकता”14/02/1978“समीप आत्मा की निशानियाँ”01/01/1979“नए वर्ष के लिए बाप द्वारा कराया गया दृढ़ संकल्प”03/02/1979“सर्व पर रहम करो, ‘वहम' और ‘अहम' भाव को मिटाओ”05/02/1979“मधुबन निवासियों के साथ बापदादा की रूहरिहान''19/11/1979“बेहद के वानप्रस्थी अर्थात् निरन्तर एकान्त में सदा स्मृति स्वरूप”09/01/1980“अलौकिक ड्रेस और अलौकिक श्रृंगार”20/01/1981“मन, बुद्धि, संस्कार के अधिकारी ही वरदानी मूर्त”11/04/1981“सत्यता की शक्ति से विश्व परिवर्तन”04/10/1981“संकल्प शक्ति का महत्व”27/03/1982“बीजरुप स्थिति तथा अलौकिक अनुभूतियाँ”13/06/1982“एक का मन्त्र याद रहे तो सबमें एक दिखाई देगा (टीचर्स के साथ अव्यक्त बापदादा की मुलाकात)”15/02/1983“विश्व शान्ति का आधार - रियलाइजेशन”07/04/1983“नष्टोमोहा बन प्रभु प्यार के पात्र बनो”01/06/1983“नये ज्ञान और ज्ञान दाता को अथॉरिटी से प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”10/11/1983“सहज शब्द की लहर को समाप्त कर साक्षात्कार मूर्त बनो”13/02/1984“अशान्ति का कारण अप्राप्ति और अप्राप्ति का कारण अपवित्रता है”05/12/1984“सम्पूर्ण काम जीत अर्थात् हद की कामनाओं से परे”27/02/1985“शिव शक्ति पाण्डव सेना की विशेषतायें”12/03/1985“सत्यता की शक्ति”15/03/1985“मेहनत से छूटने का सहज साधन - निराकारी स्वरूप की स्थिति”21/03/1985“स्वदर्शन चक्र से विजय चक्र की प्राप्ति”13/03/1986“सहज परिवर्तन का आधार - अनुभव की अथॉरिटी”20/03/1987“स्नेह और सत्यता की अथॉरिटी का बैलेन्स”18/11/1987“साइलेन्स पॉवर जमा करने का साधन - अन्तर्मुखी और एकान्तवासी स्थिति”24/02/1988“वरदाता से प्राप्त हुए वरदानों को वृद्धि में लाने की विधि”15/11/1989“सच्चे दिल पर साहेब राज़ी”29/12/1989“पढ़ाई का सार - ‘आना और जाना’”31/12/1989“वाचा सेवा के साथ मन्सा सेवा को नेचुरल बनाओ, शुभ भावना सम्पन्न बनो”25/03/1990“सर्व अनुभूतियों की प्राप्ति का आधार - पवित्रता”30/11/2002“रिटर्न शब्द की स्मृति से समान बनो और रिटर्न-जर्नी के स्मृति स्वरूप बनो''15/12/2002“समय प्रमाण लक्ष्य और लक्षण की समानता द्वारा बाप समान बनो”31/12/2002“इस नये वर्ष में सर्व खजाने सफल कर सफलतामूर्त बनने की विशेषता दिखाओ”18/01/2003“ब्राह्मण जन्म की स्मृतियों द्वारा समर्थ बन सर्व को समर्थ बनाओ”13/02/2003“वर्तमान समय अपना रहमदिल और दाता स्वरूप प्रत्यक्ष करो''28/02/2003“सेवा के साथ-साथ अब सम्पन्न बनने का प्लैन बनाओ, कर्मातीत बनने की धुन लगाओ''02/02/2004“पूर्वज और पूज्य के स्वमान में रह विश्व की हर आत्मा की पालना करो, दुआयें दो, दुआयें लो''03/02/2006“परमात्म प्यार में सम्पूर्ण पवित्रता की ऐसी स्थिति बनाओ जिसमें व्यर्थ का नामनिशान न हो''30/11/2006“ज्वालामुखी तपस्या द्वारा मैं-पन की पूंछ को जलाकर बापदादा समान बनो तब समाप्ति समीप आयेगी''15/12/2006“स्मृति स्वरूप, अनुभवी मूर्त बन सेकण्ड की तीव्रगति से परिवर्तन कर पास विद ऑनर बनो''30/11/2007“सत्यता और पवित्रता की शक्ति को स्वरूप में लाते बालक और मालिकपन का बैलेन्स रखो”20/10/2008“सन्तुष्टमणि बन विश्व में सन्तुष्टता की लाइट फैलाओ, सन्तुष्ट रहो और सबको सन्तुष्ट करो”
