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वाचा सेवा भाषण - Service through words/speech - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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वाचा सेवा भाषण - Service through words/speech
वाचा सेवा भाषण - Service through words/speech
66 unique murli dates in this topic
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66 murlis in हिंदी
06/02/1969
“महिमा सुनना छोड़ो - महान् बनो”
15/02/1969
“सौभाग्यशाली वह है जिसका बाप, टीचर और सतगुरू से पूरा कनेक्शन है”
04/03/1969
“जो बीता उसे हो ली करना ही होली मनाना है”
16/06/1969
“बड़े-से-बड़ा त्याग - अवगुणों का त्याग”
06/07/1969
“सच्ची जेवर बनने के लिए अपनी सब खामियों को निकाल स्वच्छ बनो”
23/07/1969
“सफलता का आधार - परखने की शक्ति”
13/11/1969
“बापदादा की उम्मीदें - क्वान्टिटी के बजाए क्वालिटी वाले बनो और बनाओ”
23/01/1970
“सेवा में सफलता पाने की युक्तियां”
24/01/1970
“ब्राह्मणों का मुख्य धंधा - समर्पण करना और कराना”
23/03/1970
“सच्ची होली मनाना अर्थात् बीती को बीती करना”
27/07/1970
“अव्यक्त बनने के लिए मुख्य शक्तियों की धारणा”
11/02/1971
“अंत:वाहक शरीर द्वारा सेवा”
09/04/1971
“अव्यक्त स्थिति में सर्व गुणों का अनुभव”
15/04/1971
“त्रिमूर्ति बाप के बच्चों का त्रिमूर्ति कर्तव्य”
09/10/1971
“पॉवरफुल वृत्ति से सर्विस में वृद्धि”
02/08/1972
“हर कर्म विधिपूर्वक करने से सिद्धि की प्राप्ति”
06/08/1972
“वृत्ति चंचल होने का कारण - व्रत में हल्कापन”
11/04/1973
“परिवर्तन”
25/05/1973
“भविष्य प्लान”
02/08/1973
“यथार्थ विधि से सिद्धि की प्राप्ति”
13/09/1974
“मुरब्बी बच्चे बन अपनी स्टेज को योग-युक्त व युक्ति-युक्त बनाओ”
08/10/1975
“मास्टर ज्ञान-स्वरूप बनने की प्रेरणा”
18/01/1977
“18 जनवरी का विशेष महत्व”
26/01/1977
“अन्तर्मुखता द्वारा सूक्ष्म शक्ति की लीलाओं का अनुभव”
16/05/1977
“माया के वार का सामना करने के लिए दो शक्तियों की आवश्यकता”
14/02/1978
“समीप आत्मा की निशानियाँ”
01/01/1979
“नए वर्ष के लिए बाप द्वारा कराया गया दृढ़ संकल्प”
03/02/1979
“सर्व पर रहम करो, ‘वहम' और ‘अहम' भाव को मिटाओ”
05/02/1979
“मधुबन निवासियों के साथ बापदादा की रूहरिहान''
19/11/1979
“बेहद के वानप्रस्थी अर्थात् निरन्तर एकान्त में सदा स्मृति स्वरूप”
09/01/1980
“अलौकिक ड्रेस और अलौकिक श्रृंगार”
20/01/1981
“मन, बुद्धि, संस्कार के अधिकारी ही वरदानी मूर्त”
11/04/1981
“सत्यता की शक्ति से विश्व परिवर्तन”
04/10/1981
“संकल्प शक्ति का महत्व”
27/03/1982
“बीजरुप स्थिति तथा अलौकिक अनुभूतियाँ”
13/06/1982
“एक का मन्त्र याद रहे तो सबमें एक दिखाई देगा (टीचर्स के साथ अव्यक्त बापदादा की मुलाकात)”
15/02/1983
“विश्व शान्ति का आधार - रियलाइजेशन”
07/04/1983
“नष्टोमोहा बन प्रभु प्यार के पात्र बनो”
01/06/1983
“नये ज्ञान और ज्ञान दाता को अथॉरिटी से प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”
10/11/1983
“सहज शब्द की लहर को समाप्त कर साक्षात्कार मूर्त बनो”
13/02/1984
“अशान्ति का कारण अप्राप्ति और अप्राप्ति का कारण अपवित्रता है”
05/12/1984
“सम्पूर्ण काम जीत अर्थात् हद की कामनाओं से परे”
27/02/1985
“शिव शक्ति पाण्डव सेना की विशेषतायें”
12/03/1985
“सत्यता की शक्ति”
15/03/1985
“मेहनत से छूटने का सहज साधन - निराकारी स्वरूप की स्थिति”
21/03/1985
“स्वदर्शन चक्र से विजय चक्र की प्राप्ति”
13/03/1986
“सहज परिवर्तन का आधार - अनुभव की अथॉरिटी”
20/03/1987
“स्नेह और सत्यता की अथॉरिटी का बैलेन्स”
18/11/1987
“साइलेन्स पॉवर जमा करने का साधन - अन्तर्मुखी और एकान्तवासी स्थिति”
24/02/1988
“वरदाता से प्राप्त हुए वरदानों को वृद्धि में लाने की विधि”
15/11/1989
“सच्चे दिल पर साहेब राज़ी”
29/12/1989
“पढ़ाई का सार - ‘आना और जाना’”
31/12/1989
“वाचा सेवा के साथ मन्सा सेवा को नेचुरल बनाओ, शुभ भावना सम्पन्न बनो”
25/03/1990
“सर्व अनुभूतियों की प्राप्ति का आधार - पवित्रता”
30/11/2002
“रिटर्न शब्द की स्मृति से समान बनो और रिटर्न-जर्नी के स्मृति स्वरूप बनो''
15/12/2002
“समय प्रमाण लक्ष्य और लक्षण की समानता द्वारा बाप समान बनो”
31/12/2002
“इस नये वर्ष में सर्व खजाने सफल कर सफलतामूर्त बनने की विशेषता दिखाओ”
18/01/2003
“ब्राह्मण जन्म की स्मृतियों द्वारा समर्थ बन सर्व को समर्थ बनाओ”
13/02/2003
“वर्तमान समय अपना रहमदिल और दाता स्वरूप प्रत्यक्ष करो''
28/02/2003
“सेवा के साथ-साथ अब सम्पन्न बनने का प्लैन बनाओ, कर्मातीत बनने की धुन लगाओ''
02/02/2004
“पूर्वज और पूज्य के स्वमान में रह विश्व की हर आत्मा की पालना करो, दुआयें दो, दुआयें लो''
03/02/2006
“परमात्म प्यार में सम्पूर्ण पवित्रता की ऐसी स्थिति बनाओ जिसमें व्यर्थ का नामनिशान न हो''
30/11/2006
“ज्वालामुखी तपस्या द्वारा मैं-पन की पूंछ को जलाकर बापदादा समान बनो तब समाप्ति समीप आयेगी''
15/12/2006
“स्मृति स्वरूप, अनुभवी मूर्त बन सेकण्ड की तीव्रगति से परिवर्तन कर पास विद ऑनर बनो''
30/11/2007
“सत्यता और पवित्रता की शक्ति को स्वरूप में लाते बालक और मालिकपन का बैलेन्स रखो”
20/10/2008
“सन्तुष्टमणि बन विश्व में सन्तुष्टता की लाइट फैलाओ, सन्तुष्ट रहो और सबको सन्तुष्ट करो”