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फरिस्ता स्वरुप - Angel - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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फरिस्ता स्वरुप - Angel
फरिस्ता स्वरुप - Angel
58 unique murli dates in this topic
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55 murlis in हिंदी
25/12/1969
“अनासक्त बनने के लिए तन और मन को अमानत समझो”
24/01/1970
“ब्राह्मणों का मुख्य धंधा - समर्पण करना और कराना”
29/05/1970
“समीप रत्नों की निशानियां”
11/06/1970
“विश्वपति बनने की सामग्री”
19/06/1970
“त्रिमूर्ति लाइट्स का साक्षात्कार”
11/07/1970
“संगमयुग की डिग्री और भविष्य की प्रालब्ध”
25/03/1971
“न्यारे और विश्व के प्यारे बनने की विधि”
29/06/1971
“नालेज की लाइट से पुरुषार्थ का मार्ग स्पष्ट”
04/07/1971
“याद की सहज विधि”
20/08/1971
“सबसे श्रेष्ठ तख्त और ताज”
21/01/1972
“निरन्तर योगी बनने की सहज विधि”
22/11/1972
“अन्तिम सर्विस का अन्तिम स्वरूप”
15/09/1974
“पुरुषार्थ का अन्तिम लक्ष्य है अव्यक्त फरिश्ता-पन”
05/09/1975
“फरिश्ता स्वरूप की स्थिति”
21/09/1975
“फरिश्ता अर्थात जिसका एक बाप के सिवाए अन्य आत्माओं से कोई रिश्ता नहीं”
04/10/1975
“अब दृढ़ संकल्प की तीली से कमज़ोरियों के रावण को जलाओ”
07/02/1976
“अव्यक्त फरिश्तों की सभा”
01/01/1979
“नए वर्ष के लिए बाप द्वारा कराया गया दृढ़ संकल्प”
12/01/1979
“वरदाता बाप द्वारा मिले हुए खुशी के खजानों का भण्डार”
28/01/1980
“सम्पूर्ण ब्रह्मा और ब्राह्मणों के सम्पूर्ण स्वरूप के अन्तर का कारण और निवारण”
13/03/1981
“डबल रूप से सेवा द्वारा ही आध्यात्मिक जागृति”
29/03/1981
“ज्ञान का सार ‘मैं और मेरा बाबा’”
01/04/1982
“भाग्य का आधार त्याग”
03/04/1982
“सर्वप्रथम त्याग है - देह-भान का त्याग”
11/01/1983
“समर्थ की निशानी - संकल्प, बोल, कर्म, स्वभाव, संस्कार बाप समान”
03/04/1983
“प्रथम और अन्तिम पुरूषार्थ”
12/12/1983
“एकाग्रता से सर्व शक्तियों की प्राप्ति”
14/12/1983
“प्रभु परिवार - सर्वश्रेष्ठ परिवार”
23/12/1983
“डबल लाइट की स्थिति से मेहनत समाप्त”
19/04/1984
“भावुक आत्मा तथा ज्ञानी आत्मा के लक्षण”
01/05/1984
“विस्तार में सार की सुन्दरता”
19/12/1984
“सर्वश्रेष्ठ, सहज तथा स्पष्ट मार्ग”
18/02/1986
“निरन्तर सेवाधारी तथा निरन्तर योगी बनो”
20/02/1986
“उड़ती कला से सर्व का भला”
11/04/1986
“श्रेष्ठ तकदीर की तस्वीर बनाने की युक्ति”
22/11/1987
“मदद के सागर से पद्मगुणा मदद लेने की विधि”
19/03/1988
“‘याद’ में रमणीकता लाने की युक्तियाँ”
17/12/1989
“सदा समर्थ कैसे बनें?”
22/02/1990
“सेवा करना - उत्साह से उत्सव मनाना”
13/03/1990
“संगम पर परमात्मा का आत्माओं से विचित्र मिलन”
16/03/1992
“होली मनाना अर्थात दृढ़ संकल्प की अग्नि में कमजोरियों को जलाना और मिलन की मौज मनाना”
08/04/1992
“ब्रह्मा बाप से प्यार की निशानी है - अव्यक्त फरिश्ता बनना”
12/11/1992
“भविष्य विश्व-राज्य का आधार - संगमयुग का स्वराज्य”
31/12/1992
“सफलता प्राप्त करने का साधन - सब कुछ सफल करो”
10/01/1994
“एक ‘पॉइन्ट’ शब्द को तीन रूपों से स्मृति वा स्वरूप में लाना - यही सेफ्टी का साधन है”
25/01/1994
“ब्राह्मणों की नेचर विशेषता की नेचर है - इसे नेचुरल स्मृति स्वरूप बनाओ”
18/02/1994
“स्वमान की स्मृति का स्विच ऑन करने से देह भान के अंधकार की समाप्ति”
31/12/1995
“डायमण्ड वर्ष में फरिश्ता बनकर बापदादा की छत्रछाया और प्यार की अनुभूति करो”
12/12/1998
“मेरे-मेरे का देह-अभिमान छोड़ ब्रह्मा बाप के कदम पर कदम रखो”
31/12/1999
“नई सदी में अपने चलन और चेहरे से फरिश्ते स्वरूप को प्रत्यक्ष करो”
16/12/2000
“साक्षात ब्रह्मा बाप समान कर्मयोगी फरिश्ता बनो तब साक्षात्कार शुरू हो”
15/11/2003
“मन को एकाग्र कर, एकाग्रता की शक्ति द्वारा फरिश्ता स्थिति का अनुभव करो''
21/10/2005
“सम्पूर्ण और सम्पन्न बनने की डेट फिक्स कर समय प्रमाण अब एवररेडी बनो”
31/12/2005
“नये वर्ष में अपने पुराने संस्कारों को योग अग्नि में भस्म कर ब्रह्मा बाप समान त्याग, तपस्या और सेवा में नम्बरवन बनो''
15/10/2007
“संगमयुग की जीवनमुक्त स्थिति का अनुभव करने के लिए सब बोझ वा बंधन बाप को देकर डबल लाइट बनो”