Command Palette
Search for a command to run...
Loading topic
नया साल /इस वर्ष -New Year / this Year - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
Home
Topics
नया साल /इस वर्ष -New Year / this Year
नया साल /इस वर्ष -New Year / this Year
118 unique murli dates in this topic
English
हिंदी
ગુજરાતી
తెలుగు
117 murlis in हिंदी
18/01/1973
“समानता और समीपता”
19/04/1973
“प्रत्यक्षता का पुरुषार्थ”
09/01/1975
“सम्पूर्ण बनने में सबसे बड़ा विघ्न अलबेलापन”
31/10/1975
“महारथी बच्चों की मुख्य विशेषतायें”
09/12/1975
“महावीर अर्थात् विशेष आत्माओं की विशेषताएं”
18/01/1976
“समर्थी दिवस के रूप में स्मृति दिवस”
07/02/1976
“अव्यक्त फरिश्तों की सभा”
26/01/1977
“अन्तर्मुखता द्वारा सूक्ष्म शक्ति की लीलाओं का अनुभव”
13/01/1978
“इन्तजार के पहले इन्तजाम करो”
01/01/1979
“नए वर्ष के लिए बाप द्वारा कराया गया दृढ़ संकल्प”
02/01/1979
“सम्पूर्णता की समीपता ही विश्व-परिवर्तन की घड़ी की समीपता है”
16/01/1979
“तिलक, ताज और तख्तधारी बनने की युक्तियाँ”
03/02/1979
“सर्व पर रहम करो, ‘वहम' और ‘अहम' भाव को मिटाओ”
05/02/1979
“मधुबन निवासियों के साथ बापदादा की रूहरिहान''
12/11/1979
“अमृतवेले के वरदानी समय में पुकार सुनो और उपकार करो”
23/11/1979
“नम्रता रूपी कवच द्वारा स्नेह और सहयोग की प्राप्ति”
12/12/1979
“रूहानी अलंकार और उनसे सजी हुई मूर्तियाँ”
18/01/1980
“स्मृति दिवस पर बापदादा की बच्चों प्रति शिक्षायें”
04/02/1980
“भाग्य विधाता बाप और भाग्यशाली बच्चे”
06/02/1980
“अशरीरी बनने की सहज विधि”
07/02/1980
“विचित्र राज्य दरबार”
20/01/1981
“मन, बुद्धि, संस्कार के अधिकारी ही वरदानी मूर्त”
07/03/1981
“शान्ति स्वरूप के चुम्बक बन चारों ओर शान्ति की किरणें फैलाओ”
05/04/1981
“समर्थ कर्मों का आधार - ‘धर्म’”
09/10/1981
“अन्तर्मुखी ही सदा बन्धनमुक्त और योगयुक्त”
27/10/1981
“दीपावली के शुभ अवसर पर अव्यक्त बापदादा के उच्चारे हुए महावाक्य”
29/10/1981
“बाप और बच्चों का रुहानी मिलन”
31/12/1981
“निर्बल को बल देने वाले महाबलवान बनो”
10/01/1982
“स्वराज्य अधिकारी आत्माओं का आसन - कर्मातीत स्टेज”
28/04/1982
“सर्वन्श त्यागी की निशानियाँ”
30/04/1982
“विस्तार को बिन्दी में समाओ”
31/12/1982
“बापदादा की सर्व अलौकिक फ्रैण्ड्स को बधाई”
01/03/1983
“विश्व के हर स्थान पर आध्यात्मिक लाइट और ज्ञान जल पहुँचाओ”
31/12/1983
“श्रीमत रूपी हाथ सदा हाथ में है तो सारा युग हाथ में हाथ देकर चलते रहेंगे”
07/01/1985
“नये वर्ष का विशेष संकल्प - ‘मास्टर विधाता बनो’”
09/01/1985
“श्रेष्ठ भाग्यवान आत्माओं की रूहानी पर्सनैलिटी”
30/03/1985
“तीन-तीन बातों का पाठ”
01/01/1986
“नया वर्ष रूहानी प्रभावशाली बनने का वर्ष”
06/01/1986
“संगमयुग - जमा करने का युग”
18/01/1986
“मन्सा शक्ति तथा निर्भयता की शक्ति”
20/01/1986
“पुरुषार्थ और परिवर्तन के गोल्डन चांस का वर्ष”
22/01/1986
“बापदादा की आशा - सम्पूर्ण और सम्पन्न बनो”
16/02/1986
“गोल्डन जुबली वर्ष में गोल्डन दुनिया और गोल्डन लाइट के स्वीट होम का अनुभव कराना”
13/03/1986
“सहज परिवर्तन का आधार - अनुभव की अथॉरिटी”
25/03/1986
“होली का रहस्य”
31/03/1986
“सर्व शक्ति-सम्पन्न बनने तथा वरदान पाने का वर्ष”
09/04/1986
“सच्चे सेवाधारी की निशानी”
31/12/1986
“पास्ट, प्रेजन्ट और फ्यूचर को श्रेष्ठ बनाने की विधि”
31/12/1987
“नया वर्ष - बाप समान बनने का वर्ष”
31/03/1988
‘वाचा’ और ‘कर्मणा’ - दोनों शक्तियों को जमा करने की ईश्वरीय स्कीम
31/12/1989
“वाचा सेवा के साथ मन्सा सेवा को नेचुरल बनाओ, शुभ भावना सम्पन्न बनो”
14/01/1990
“पुरुषार्थ की तीव्रगति में कमी के दो मुख्य कारण”
20/01/1990
“ब्रह्मा बाप के विशेष पाँच कदम”
01/03/1990
“ब्राह्मण-जीवन का फाउण्डेशन - दिव्य बुद्धि और रूहानी दृष्टि”
07/03/1990
“रूलिंग तथा कन्ट्रोलिंग पॉवर से स्वराज्य की प्राप्ति”
25/03/1990
“सर्व अनुभूतियों की प्राप्ति का आधार - पवित्रता”
31/03/1990
“रहमदिल और बेहद की वैराग वृत्ति”
31/12/1990
“तपस्या ही बड़े ते बड़ा समारोह है, तपस्या अर्थात् बाप से मौज मनाना”
13/02/1991
“विश्व परिवर्तन में तीव्रता लाने का साधन एकाग्रता की शक्ति एवं एकरस स्थिति”
31/12/1991
“यथार्थ चार्ट का अर्थ है - प्रगति और परिवर्तन”
18/01/1992
“बाप से स्नेह की निशानी - बाप समान बनना”
08/04/1992
“ब्रह्मा बाप से प्यार की निशानी है - अव्यक्त फरिश्ता बनना”
31/12/1992
“सफलता प्राप्त करने का साधन - सब कुछ सफल करो”
09/01/1993
“अव्यक्त वर्ष मनाना अर्थात् सपूत बन सबूत देना”
18/01/1993
“प्रत्यक्षता का आधार - दृढ़ प्रतिज्ञा”
18/02/1993
“ब्राह्मण जीवन का श्वांस - सदा उमंग और उत्साह”
07/03/1993
“होली मनाना अर्थात् हाइएस्ट और होलीएस्ट बनना”
26/03/1993
“अव्यक्त वर्ष में लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ”
23/12/1993
“पवित्रता के दृढ़ व्रत द्वारा वृत्ति का परिवर्तन”
31/12/1993
“नये वर्ष में सदा उमंग-उत्साह में उड़ना और सर्व के प्रति महादानी, वरदानी बन व्यर्थ को समाप्त करना”
26/01/1995
“ब्रह्मा बाप के और दो कदम - फ़रमानबरदार-व़फादार”
16/03/1995
“सर्व प्राप्ति सम्पन्न आत्मा की निशानी - सन्तुष्टता और प्रसन्नता”
25/03/1995
“ब्राह्मण जीवन का सबसे श्रेष्ठ खजाना - संकल्प का खजाना”
06/04/1995
“प्योरिटी की रूहानी पर्सनालिटी की स्मृति स्वरूप द्वारा मायाजीत बनो”
07/11/1995
“बापदादा की विशेष पसन्दगी और ज्ञान का फाउण्डेशन - पवित्रता”
16/11/1995
“बापदादा की चाहना - डायमण्ड जुबली वर्ष को लगाव मुक्त वर्ष के रूप में मनाओ”
31/12/1995
“डायमण्ड वर्ष में फरिश्ता बनकर बापदादा की छत्रछाया और प्यार की अनुभूति करो”
16/02/1996
“डायमण्ड जुबली वर्ष में विशेष अटेन्शन देकर समय और संकल्प के खजाने को जमा करो”
22/03/1996
“ब्राह्मण जीवन की पर्सनैलिटी - सब प्रश्नों से पार सदा प्रसन्नचित्त रहना”
31/12/1996
“नये वर्ष में अनुभवी मूर्त बन सबको अनुभवी बनाओ”
23/02/1997
“साथी को साथ रख साक्षी और खुशनुमा के तख्तनशीन बनो”
28/11/1997
“बेहद की सेवा का साधन - रूहानी पर्सनैलिटी द्वारा नज़र से निहाल करना”
14/12/1997
“व्यर्थ और निगेटिव को अवाइड कर अवार्ड लेने के पात्र बनो”
31/12/1997
“इस नये वर्ष को मुक्ति वर्ष मनाओ, सफल करो सफलता लो”
31/01/1998
“पास विद ऑनर बनने के लिए हर खजाने का एकाउण्ट चेक करके जमा करो”
30/03/1998
“सर्व प्राप्तियों की स्मृति इमर्ज कर अचल स्थिति का अनुभव करो और जीवन मुक्त बनो”
31/12/1998
“इस नये वर्ष में हिम्मत के आधार पर स्वयं को मेहनत मुक्त सदा विजयी अनुभव करो”
13/02/1999
“शिव अवतरण और एकानामी के अवतार”
30/03/1999
“तीव्र पुरुषार्थ की लगन को ज्वाला रूप बनाकर बेहद के वैराग्य की लहर फैलाओ”
15/11/1999
“बाप समान बनने का सहज पुरुषार्थ - ‘आज्ञाकारी बनो’”
31/12/1999
“नई सदी में अपने चलन और चेहरे से फरिश्ते स्वरूप को प्रत्यक्ष करो”
18/01/2000
“ब्रह्मा बाप समान त्याग, तपस्या और सेवा का वायब्रेशन विश्व में फैलाओ”
03/03/2000
“जन्म दिन की विशेष गिफ्ट - शुभ भाव और प्रेम भाव को इमर्ज कर क्रोध महाशत्रु पर विजयी बनो”
16/12/2000
“साक्षात ब्रह्मा बाप समान कर्मयोगी फरिश्ता बनो तब साक्षात्कार शुरू हो”
31/12/2000
“बचत का खाता जमा कर अखण्ड महादानी बनो”
20/02/2001
“शिव जयन्ती, व्रत लेने और सर्व समर्पण होने का यादगार है''
31/12/2001
“इस नये वर्ष में सफलता भव के वरदान द्वारा बाप और स्वयं की प्रत्यक्षता को समीप लाओ''
17/03/2003
“इस वर्ष - स्वमान में रहना, सम्मान देना, सबका सहयोगी बनना और समर्थ बनाना''
17/10/2003
“पूरा वर्ष - सन्तुष्टमणि बन सदा सन्तुष्ट रहना और सबको सन्तुष्ट करना''
15/12/2003
“प्रत्यक्षता के लिए साधारणता को अलौकिकता में परिवर्तन कर दर्शनीय मूर्त बनो''
31/12/2003
“इस वर्ष निमित्त और निर्माण बन जमा के खाते को बढ़ाओ और अखण्ड महादानी बनो''
20/03/2004
“इस वर्ष को विशेष जीवनमुक्त वर्ष के रूप में मनाओ, एकता और एकाग्रता से बाप की प्रत्यक्षता करो''
02/11/2004
“स्व-उपकारी बन अपकारी पर भी उपकार करो, सर्व शक्ति, सर्व गुण सम्पन्न सम्मान दाता बनो”
15/12/2004
“बापदादा की विशेष आशा - हर एक बच्चा दुआयें दे और दुआयें ले''
31/12/2004
“इस वर्ष के आरम्भ से बेहद की वैराग्य वृत्ति इमर्ज करो, यही मुक्तिधाम के गेट की चाबी है''
18/01/2005
“सेकेण्ड में देहभान से मुक्त हो जीवनमुक्त स्थिति का अनुभव करो और मास्टर मुक्ति-जीवनमुक्ति दाता बनो”
25/03/2005
“मास्टर ज्ञान सूर्य बन अनुभूति की किरणें फैलाओ, विधाता बनो, तपस्वी बनो''
15/12/2005
“नये वर्ष में स्नेह और सहयोग की रूपरेखा स्टेज पर लाओ, हर एक को गुण और शक्तियों की गिफ्ट दो”
31/12/2005
“नये वर्ष में अपने पुराने संस्कारों को योग अग्नि में भस्म कर ब्रह्मा बाप समान त्याग, तपस्या और सेवा में नम्बरवन बनो''
31/12/2006
“नये वर्ष की नवीनता - ''दृढ़ता और परिवर्तन शक्ति से कारण व समस्या शब्द को विदाई दे निवारण व समाधान स्वरूप बनो“
18/01/2007
“अब स्वयं को मुक्त कर मास्टर मुक्तिदाता बन सबको मुक्ति दिलाने के निमित्त बनो”
03/03/2007
“परमात्म संग में, ज्ञान का गुलाल, गुण और शक्तियों का रंग लगाना ही सच्ची होली मनाना है”
31/03/2007
“सपूत बन अपनी सूरत से बाप की सूरत दिखाना, निर्माण (सेवा) के साथ निर्मल वाणी, निर्मान स्थिति का बैलेन्स रखना”
30/11/2007
“सत्यता और पवित्रता की शक्ति को स्वरूप में लाते बालक और मालिकपन का बैलेन्स रखो”
31/12/2007
“नये वर्ष में अखण्ड महादानी, अखण्ड निर्विघ्न, अखण्ड योगी और सदा सफलतामूर्त बनना”
18/01/2008
“सच्चे स्नेही बन, सब बोझ बाप को देकर मौज का अनुभव करो, मेहनत मुक्त बनो”
02/04/2008
”इस वर्ष चारों ही सब्जेक्ट में अनुभव की अथॉरिटी बनो, लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ”
Brahma Kumaris
Murli
Home
Murli Search
Murli Topics
Murli Chintan
AI Murli Chintan (ChatGPT)
Languages
E
English
ह
हिंदी
ગ
ગુજરાતી
త
తెలుగు
Library
Overview
Favorites
Notes & Highlights
Collections
Tracker
Settings
BKOne
Toggle Sidebar
Brahma Kumaris
Murli
Home
Library
Settings
BKOne
Search
K
Toggle theme
Home
Search
BKOne
Library
Settings