मन्सा सेवा (Service through mind)
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06/02/1969“महिमा सुनना छोड़ो - महान् बनो”06/07/1969“सच्ची जेवर बनने के लिए अपनी सब खामियों को निकाल स्वच्छ बनो”23/01/1970“सेवा में सफलता पाने की युक्तियां”19/06/1970“त्रिमूर्ति लाइट्स का साक्षात्कार”11/07/1970“संगमयुग की डिग्री और भविष्य की प्रालब्ध”27/07/1970“अव्यक्त बनने के लिए मुख्य शक्तियों की धारणा”22/10/1970“फुल की निशानी - फ्लोलेस”07/01/1977“विश्व-कल्याणकारी कैसे बनें?”26/01/1977“अन्तर्मुखता द्वारा सूक्ष्म शक्ति की लीलाओं का अनुभव”31/01/1977“भक्तों को सर्व प्राप्ति कराने का आधार है - इच्छा मात्रम् अविद्या की स्थिति”05/05/1977“वरदानी, महादानी और दानी आत्माओं के लक्षण”28/06/1977“वेस्ट (Waste) मत करो और वेट (Weight) कम करो”13/01/1978“इन्तजार के पहले इन्तजाम करो”18/01/1978“बापदादा की सेवा का रिटर्न”24/01/1978“निरन्तर सेवाधारी”16/02/1978“माया और प्रकृति द्वारा सत्कार प्राप्त आत्मा ही सर्वश्रेष्ठ आत्मा है”12/01/1979“वरदाता बाप द्वारा मिले हुए खुशी के खजानों का भण्डार”14/01/1979“ब्राह्मण जीवन का विशेष आधार - पवित्रता”05/02/1979“मधुबन निवासियों के साथ बापदादा की रूहरिहान''19/11/1979“बेहद के वानप्रस्थी अर्थात् निरन्तर एकान्त में सदा स्मृति स्वरूप”30/11/1979“स्वमान में स्थित आत्मा के लक्षण”03/12/1979“विश्व-कल्याणकारी ही विश्व का मालिक बन सकता है”15/12/1979“विदेशी बच्चों के साथ अव्यक्त बापदादा की मुलाकात”17/12/1979“होली हंस और अमृतवेला रूपी मानसरोवर”09/01/1980“अलौकिक ड्रेस और अलौकिक श्रृंगार”21/01/1980“बाप को प्रत्यक्ष करने की विधि”23/01/1980“पवित्रता का महत्व”25/01/1980“बिन्दु रूप परमात्मा का बिन्दु रूप आत्मा से मिलन”30/01/1980“स्नेह, सहयोग और शक्ति स्वरूप के पेपर्स की चेकिंग और रिजल्ट”04/02/1980“भाग्य विधाता बाप और भाग्यशाली बच्चे”20/01/1981“मन, बुद्धि, संस्कार के अधिकारी ही वरदानी मूर्त”15/04/1981“नम्बरवन तकदीरवान की विशेषताएं”04/10/1981“संकल्प शक्ति का महत्व”29/12/1981“दूरदेशी बच्चों से दूर देशी बापदादा का मिलन”14/03/1982“बापदादा द्वारा देश-विदेश का समाचार”27/03/1982“बीजरुप स्थिति तथा अलौकिक अनुभूतियाँ”03/04/1982“सर्वप्रथम त्याग है - देह-भान का त्याग”28/12/1982“सदा एक रस, सम्पूर्ण चमकता हुआ सितारा बनो”13/04/1983“परचिन्तन तथा परदर्शन से हानियाँ”10/11/1983“सहज शब्द की लहर को समाप्त कर साक्षात्कार मूर्त बनो”18/02/1984“ब्राह्मण जीवन - अमूल्य जीवन”07/03/1984“कर्मातीत, वानप्रस्थी आत्मायें ही तीव्रगति की सेवा के निमित्त”19/04/1984“भावुक आत्मा तथा ज्ञानी आत्मा के लक्षण”19/11/1984“बेहद की वैराग्य वृत्ति से सिद्धियों की प्राप्ति”28/01/1985“विश्व सेवा का सहज साधन मन्सा सेवा”18/02/1985“संगमयुग - तन, मन, धन और समय सफल करने का युग”27/02/1985“शिव शक्ति पाण्डव सेना की विशेषतायें”06/01/1986“संगमयुग - जमा करने का युग”18/01/1986“मन्सा शक्ति तथा निर्भयता की शक्ति”18/02/1986“निरन्तर सेवाधारी तथा निरन्तर योगी बनो”06/11/1987“निरन्तर सेवाधारी बनने का साधन चार प्रकार की सेवायें”10/11/1987“शुभचिन्तक-मणि बन विश्व को चिन्ताओं से मुक्त करो”18/11/1987“साइलेन्स पॉवर जमा करने का साधन - अन्तर्मुखी और एकान्तवासी स्थिति”27/11/1989“शुभ भावना और शुभ कामना की सूक्ष्म सेवा”31/12/1989“वाचा सेवा के साथ मन्सा सेवा को नेचुरल बनाओ, शुभ भावना सम्पन्न बनो”25/03/1990“सर्व अनुभूतियों की प्राप्ति का आधार - पवित्रता”13/02/1991“विश्व परिवर्तन में तीव्रता लाने का साधन एकाग्रता की शक्ति एवं एकरस स्थिति”17/03/1991“सन्तुष्टमणि के श्रेष्ठ आसन पर आसीन होने के लिए प्रसन्नचित्त, निश्चिंत आत्मा बनो”07/03/1993“होली मनाना अर्थात् हाइएस्ट और होलीएस्ट बनना”26/03/1993“अव्यक्त वर्ष में लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ”18/11/1993“संगमयुग के राजदुलारे सो भविष्य के राज्य अधिकारी”13/11/1997“संगमयुग के प्राप्तियों की प्रालब्ध का अनुभव करो, मास्टर दाता, महा सहयोगी बनो”30/03/1998“सर्व प्राप्तियों की स्मृति इमर्ज कर अचल स्थिति का अनुभव करो और जीवन मुक्त बनो”31/12/2000“बचत का खाता जमा कर अखण्ड महादानी बनो”04/11/2001“सत्यवादी बनो और समय प्रमाण रहमदिल बन बेहद की वृत्ति, दृष्टि और कृति बनाने के दृढ़ संकल्प का दीप जलाओ''15/12/2001“एकव्रता बन पवित्रता की धारणा द्वारा रूहानियत में रह मन्सा सेवा करो”24/02/2002“बाप को प्रत्यक्ष करने के लिए अपनी वा दूसरों की वृत्ति को पॉजिटिव बनाओ''28/03/2002“इस वर्ष को निर्माण, निर्मल वर्ष और व्यर्थ से मुक्त होने का मुक्ति वर्ष मनाओ”08/10/2002“आत्मिक प्यार की मूर्ति बन शिक्षा और सहयोग साथ-साथ दो''15/12/2002“समय प्रमाण लक्ष्य और लक्षण की समानता द्वारा बाप समान बनो”31/12/2002“इस नये वर्ष में सर्व खजाने सफल कर सफलतामूर्त बनने की विशेषता दिखाओ”18/01/2003“ब्राह्मण जन्म की स्मृतियों द्वारा समर्थ बन सर्व को समर्थ बनाओ”13/02/2003“वर्तमान समय अपना रहमदिल और दाता स्वरूप प्रत्यक्ष करो''28/02/2003“सेवा के साथ-साथ अब सम्पन्न बनने का प्लैन बनाओ, कर्मातीत बनने की धुन लगाओ''17/03/2003“इस वर्ष - स्वमान में रहना, सम्मान देना, सबका सहयोगी बनना और समर्थ बनाना''15/11/2003“मन को एकाग्र कर, एकाग्रता की शक्ति द्वारा फरिश्ता स्थिति का अनुभव करो''14/03/2006“परमात्म मिलन की अनुभूति के लिए उल्टे मैं पन को जलाने की होली मनाओ, दृष्टि की पिचकारी द्वारा सर्व आत्माओं को सुख, शान्ति, प्रेम, आनन्द का रंग लगाओ''28/03/2006“विश्व की आत्माओं को दु:खों से छुड़ाने के लिए मन्सा सेवा को बढ़ाओ, सम्पन्न और सम्पूर्ण बनो”31/10/2006“सदा स्नेही के साथ अखण्ड महादानी बनो तो विघ्न-विनाशक, समाधान स्वरूप बन जायेंगे''30/11/2006“ज्वालामुखी तपस्या द्वारा मैं-पन की पूंछ को जलाकर बापदादा समान बनो तब समाप्ति समीप आयेगी''03/03/2007“परमात्म संग में, ज्ञान का गुलाल, गुण और शक्तियों का रंग लगाना ही सच्ची होली मनाना है”17/03/2007“श्रेष्ठ वृत्ति से शक्तिशाली वायब्रेशन और वायुमण्डल बनाने का तीव्र पुरुषार्थ करो, दुआ दो और दुआ लो”31/12/2007“नये वर्ष में अखण्ड महादानी, अखण्ड निर्विघ्न, अखण्ड योगी और सदा सफलतामूर्त बनना”20/10/2008“सन्तुष्टमणि बन विश्व में सन्तुष्टता की लाइट फैलाओ, सन्तुष्ट रहो और सबको सन्तुष्ट करो”
