
बी के सुदेश दीदी – अनुभवगाथा
जर्मनी की ब्रह्माकुमारी सुदेश बहन जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि 1957 में दिल्ली के राजौरी गार्डन सेंटर से ज्ञान प्राप्त किया। उन्हें समाज सेवा का शौक था। एक दिन उनकी मौसी ने उन्हें ब्रह्माकुमारी आश्रम जाने का सुझाव दिया। वहां उन्होंने साकार बाबा का प्रकाशमय रूप देखा, जो बहुत आकर्षक और आनंददायक था। बाबा ने उन्हें ‘ज्ञान-बुलबुल’ का टाइटल दिया। उनके संग से उन्हें ईश्वरीय ज्ञान और सेवा का गहरा अनुभव हुआ।


















