ज्ञानी और अज्ञानी / लौकिक और आलौकिक / दुनियावालो और ब्राह्मण - Knowledgeful / Ignorant Lokik & Alokik Worldly & brahmins

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04/03/1969“जो बीता उसे हो ली करना ही होली मनाना है”18/05/1969“रूहानी ज्ञान-योग के ज्योतिषी”23/07/1969“सफलता का आधार - परखने की शक्ति”15/09/1969“याद के आधार पर यादगार”28/09/1969“पूरे कोर्स का सार - कथनी करनी एक करो”20/10/1969“बिन्दु और सिन्धु की स्मृति से सम्पूर्णता”25/10/1969“माला का मणका बनने के लिए विजयी बनो”09/11/1969“भविष्य को जानने की युक्तियां”28/11/1969“लौकिक को अलौकिक में परिवर्तन करने की युक्तियां”06/12/1969“सरल स्वभाव से बुद्धि को विशाल और दूरांदेशी बनाओ”20/12/1969“प्लेन याद से प्लैन्स की सफलता”23/01/1970“सेवा में सफलता पाने की युक्तियां”25/01/1970“यादगार कायम करने की विधि”02/02/1970“आत्मिक पावर की परख”07/06/1970“दिव्य मूर्त बनने की विधि”18/06/1970“वृद्धि के लिए टाइम-टेबुल की विधि”25/06/1970“व्यक्त और अव्यक्त वतन की भाषा में अन्तर”06/08/1970“बन्धनमुक्त आत्मा की निशानी”22/10/1970“फुल की निशानी - फ्लोलेस”29/10/1970“दीपमाला का सच्चा रहस्य”18/10/1971“दीपमाला - चैतन्य दीपकों की माला की यादगार”27/05/1972“रावण से विमुख और बाप के सम्मुख रहो”12/06/1972“रिफाइन स्थिति की पहचान”11/07/1972“निर्णय शक्ति को बढ़ाने की कसौटी - ‘साकार बाप के चरित्र'”12/07/1972“मरजीवापन की स्मृति से गृहस्थी वा प्रवृत्ति की विस्मृति”22/07/1972“नष्टोमोहा बनने की भिन्न-भिन्न युक्तियाँ”02/08/1972“हर कर्म विधिपूर्वक करने से सिद्धि की प्राप्ति”22/11/1972“अन्तिम सर्विस का अन्तिम स्वरूप”24/04/1973“अलौकिक जन्म-पत्री”18/06/1973“विशेष आत्माओं की विशेषता”08/07/1973“समय की पुकार”24/04/1974“त्रिमूर्ति लाइट के साक्षात्कार-मूर्त बनने की डेट फिक्स करो”24/06/1974“राजयोगी ही विश्व-राज्य के अधिकारी”26/06/1974“सर्व सिद्धियों की प्राप्ति के रूहानी नशे में सदा स्थित रहो”23/01/1977“महीनता ही महानता है”31/01/1977“भक्तों को सर्व प्राप्ति कराने का आधार है - इच्छा मात्रम् अविद्या की स्थिति”28/04/1977“सदा सुहागिन की निशानियाँ”30/04/1977“हाईएस्ट अथॉरिटी की स्थिति का आधार - कम्बाइन्ड रूप की स्मृति”05/05/1977“वरदानी, महादानी और दानी आत्माओं के लक्षण”24/05/1977“बाप के डायरेक्ट बच्चे ही डबल पूजा के अधिकारी बनते हैं”02/06/1977“सर्व आत्माओं के आधार मूर्त, उद्धार मूर्त और पूर्वज - ‘ब्राह्मण सो देवता हैं’”10/06/1977“मन्‍त्र और यन्‍त्र के निरन्तर प्रयोग से अन्तर समाप्त”12/06/1977“कमल पुष्प समान स्थिति ही ब्राह्मण जीवन का श्रेष्ठ आसन है”02/01/1978“ज्ञान चन्द्रमा और ज्ञान सितारों की रिमझिम”23/01/1979“सदा सुहागिन ही सदा सम्पन्न है”01/02/1979“मनन-शक्ति ही माया जीत बनने का साधन”19/11/1979“बेहद के वानप्रस्थी अर्थात् निरन्तर एकान्त में सदा स्मृति स्वरूप”09/01/1980“अलौकिक ड्रेस और अलौकिक श्रृंगार”06/02/1980“अशरीरी बनने की सहज विधि”09/10/1981“अन्तर्मुखी ही सदा बन्धनमुक्त और योगयुक्त”14/01/1982“कर्मेन्द्रिय जीत ही विश्व राज्य अधिकारी”14/04/1983“सम्पन्न आत्मा सदा स्वयं और सेवा से सन्तुष्ट”05/12/1983“संगमयुग - बाप बच्चों के मिलन का युग”18/02/1984“ब्राह्मण जीवन - अमूल्य जीवन”04/04/1984“संगमयुग की श्रेष्ठ वेला, श्रेष्ठ तकदीर की तस्वीर बनाने की वेला”16/01/1985“भाग्यवान युग में भगवान द्वारा वर्से और वरदानों की प्राप्ति”24/02/1985“संगमयुग - सर्व श्रेष्ठ प्राप्तियों का युग”20/01/1986“पुरुषार्थ और परिवर्तन के गोल्डन चांस का वर्ष”10/03/1986“बेफिकर बादशाह बनने की युक्ति”13/03/1986“सहज परिवर्तन का आधार - अनुभव की अथॉरिटी”22/03/1986“सुख, शान्ति और खुशी का आधार - पवित्रता”25/03/1986“होली का रहस्य”10/12/1987“तन, मन, धन और सम्बन्ध का श्रेष्ठ सौदा”23/12/1987“मनन शक्ति और मगन स्थिति”27/12/1987“निश्चय बुद्धि विजयी रत्नों की निशानियाँ”31/12/1987“नया वर्ष - बाप समान बनने का वर्ष”18/01/1988“‘स्नेह’ और ‘शक्ति’ की समानता”22/01/1988“हिम्मत का पहला कदम - समर्पणता”30/01/1988“हिम्मत का दूसरा कदम - ‘सहनशीलता’ (ब्रह्मा बाप की जीवन कहानी)”16/02/1988“सदा उत्साह में रहकर उत्सव मनाओ”24/02/1988“वरदाता से प्राप्त हुए वरदानों को वृद्धि में लाने की विधि”07/03/1988“भाग्यवान बच्चों के श्रेष्ठ भाग्य की लिस्ट”05/12/1989“सदा प्रसन्न कैसे रहें?”13/12/1989“दिव्य ब्राह्मण जन्म के भाग्य की रेखाएं”21/12/1989“त्रिदेव रचयिता द्वारा वरदानों की प्राप्ति”25/12/1989“रूहानी फखुर में रह बेफिक्र बादशाह बनो”29/12/1989“पढ़ाई का सार - ‘आना और जाना’”31/12/1989“वाचा सेवा के साथ मन्सा सेवा को नेचुरल बनाओ, शुभ भावना सम्पन्न बनो”02/01/1990“सारे ज्ञान का सार - स्मृति”10/01/1990“होलीहँस की विशेषतायें”20/01/1990“ब्रह्मा बाप के विशेष पाँच कदम”22/02/1990“सेवा करना - उत्साह से उत्सव मनाना”01/03/1990“ब्राह्मण-जीवन का फाउण्डेशन - दिव्य बुद्धि और रूहानी दृष्टि”13/03/1990“संगम पर परमात्मा का आत्माओं से विचित्र मिलन”31/03/1990“रहमदिल और बेहद की वैराग वृत्ति”31/12/1990“तपस्या ही बड़े ते बड़ा समारोह है, तपस्या अर्थात् बाप से मौज मनाना”18/01/1991“विश्व कल्याणकारी बनने के लिए सर्व स्मृतियों से सम्पन्न बन सर्व को सहयोग दो”13/02/1991“विश्व परिवर्तन में तीव्रता लाने का साधन एकाग्रता की शक्ति एवं एकरस स्थिति”25/02/1991“सोच और कर्म में समानता लाना ही परमात्म प्यार निभाना है”03/04/1991“सर्व हदों से निकल बेहद के वैरागी बनो”26/10/1991“तपस्या का प्रत्यक्ष-फल - खुशी”11/12/1991“सत्यता की सभ्यता ही रीयल रॉयल्टी है”18/12/1991“हर कर्म में ऑनेस्टी (इमानदारी) का प्रयोग करना ही तपस्या है”31/12/1991“यथार्थ चार्ट का अर्थ है - प्रगति और परिवर्तन”18/01/1992“बाप से स्नेह की निशानी - बाप समान बनना”13/02/1992“अनेक जन्म का प्यार सम्पन्न जीवन बनाने का आधार - इस जन्म का परमात्म-प्यार”02/03/1992“महाशिवरात्रि मनाना अर्थात प्रतिज्ञा करना, व्रत लेना और बलि चढ़ना”16/03/1992“होली मनाना अर्थात दृढ़ संकल्प की अग्नि में कमजोरियों को जलाना और मिलन की मौज मनाना”08/04/1992“ब्रह्मा बाप से प्यार की निशानी है - अव्यक्त फरिश्ता बनना”15/04/1992“ब्राह्मणों की दो निशानियाँ - निश्चय और विजय”03/10/1992“ब्राह्मण अर्थात् सदा श्रेष्ठ भाग्य के अधिकारी”03/11/1992“रूहानी रॉयल्टी सम्पन्न आत्माओं की निशानियां”12/11/1992“भविष्य विश्व-राज्य का आधार - संगमयुग का स्वराज्य”21/11/1992“कर्मों की गुह्य गति के ज्ञाता बनो”30/11/1992“सर्व खजानों से सम्पन्न बनो - दुआएं दो, दुआएं लो”20/12/1992“आज्ञाकारी ही सर्व शक्तियों के अधिकारी”09/01/1993“अव्यक्त वर्ष मनाना अर्थात् सपूत बन सबूत देना”18/01/1993“प्रत्यक्षता का आधार - दृढ़ प्रतिज्ञा”18/02/1993“ब्राह्मण जीवन का श्वांस - सदा उमंग और उत्साह”07/03/1993“होली मनाना अर्थात् हाइएस्ट और होलीएस्ट बनना”26/03/1993“अव्यक्त वर्ष में लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ”18/11/1993“संगमयुग के राजदुलारे सो भविष्य के राज्य अधिकारी”02/12/1993“नम्बरवन बनने के लिए गुण मूर्त बन गुणों का दान करने वाले महादानी बनो”09/12/1993“एकाग्रता की शक्ति से दृढ़ता द्वारा सहज सफलता की प्राप्ति”16/12/1993“सच्चे स्नेही बन एक बाप द्वारा सर्व सम्बन्धों का साकार में अनुभव करो”23/12/1993“पवित्रता के दृढ़ व्रत द्वारा वृत्ति का परिवर्तन”10/01/1994“एक ‘पॉइन्ट’ शब्द को तीन रूपों से स्मृति वा स्वरूप में लाना - यही सेफ्टी का साधन है”18/01/1994“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”25/01/1994“ब्राह्मणों की नेचर विशेषता की नेचर है - इसे नेचुरल स्मृति स्वरूप बनाओ”01/02/1994“त्रिकालदर्शी स्थिति के श्रेष्ठ आसन द्वारा सदा विजयी बनो और दूसरों को शक्ति का सहयोग दो”18/02/1994“स्वमान की स्मृति का स्विच ऑन करने से देह भान के अंधकार की समाप्ति”09/03/1994“न्यारा-प्यारा, वन्डरफुल, स्नेह और सुखभरा अवतरण - शिव जयन्ती”03/04/1994“सन्तुष्टता का आधार - सम्बन्ध, सम्पत्ति और सेहत (तन्दुरुस्ती)”17/11/1994“हर गुण व शक्ति के अनुभवों में खो जाना अर्थात् खुशनसीब बनना”31/03/1995“परमात्म मिलन मेले की सौगात - ताज, तख्त और तिलक”25/11/1995“परमत, परचिंतन और परदर्शन से मुक्त बनो और पर-उपकार करो”04/12/1995“यथार्थ निश्चय के फाउण्डेशन द्वारा सम्पूर्ण पवित्रता को धारण करो”31/12/1995“डायमण्ड वर्ष में फरिश्ता बनकर बापदादा की छत्रछाया और प्यार की अनुभूति करो”18/01/1996“सदा समर्थ रहने की सहज विधि - शुभचिंतन करो और शुभचिंतक बनो”06/03/1997“शिव जयन्ती की गिफ्ट - मेहनत को छोड़ मुहब्बत के झूले में झूलो”15/11/1999“बाप समान बनने का सहज पुरुषार्थ - ‘आज्ञाकारी बनो’”30/11/1999“पास विद ऑनर बनने के लिए सर्व खजानों के खाते को जमा कर सम्पन्न बनो”08/10/2002“आत्मिक प्यार की मूर्ति बन शिक्षा और सहयोग साथ-साथ दो''31/12/2002“इस नये वर्ष में सर्व खजाने सफल कर सफलतामूर्त बनने की विशेषता दिखाओ”15/12/2003“प्रत्यक्षता के लिए साधारणता को अलौकिकता में परिवर्तन कर दर्शनीय मूर्त बनो''02/02/2004“पूर्वज और पूज्य के स्वमान में रह विश्व की हर आत्मा की पालना करो, दुआयें दो, दुआयें लो''05/03/2008“संगम की बैंक में साइलेन्स की शक्ति और श्रेष्ठ कर्म जमा करो, शिवमंत्र से मैं-पन का परिवर्तन करो”

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