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बापदादा की प्रेरणा -inspiration from bapdada - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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बापदादा की प्रेरणा -inspiration from bapdada
बापदादा की प्रेरणा -inspiration from bapdada
92 unique murli dates in this topic
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92 murlis in हिंदी
28/09/1969
“पूरे कोर्स का सार - कथनी करनी एक करो”
02/02/1970
“आत्मिक पावर की परख”
23/01/1973
“सम्पूर्ण मूर्त बनने के चार स्तम्भ”
30/01/1980
“स्नेह, सहयोग और शक्ति स्वरूप के पेपर्स की चेकिंग और रिजल्ट”
15/03/1981
“स्वदर्शन चक्रधारी तथा चक्रवर्ती ही विश्व-कल्याणकारी”
21/03/1981
“सच्ची होली कैसे मनायें?”
27/03/1981
“बाप पसन्द, लोक पसन्द, मन पसन्द कैसे बनें?”
23/11/1981
“त्याग का भी त्याग”
14/01/1982
“कर्मेन्द्रिय जीत ही विश्व राज्य अधिकारी”
28/12/1982
“सदा एक रस, सम्पूर्ण चमकता हुआ सितारा बनो”
03/01/1983
“हर गुण, हर शक्ति को निजी स्वरूप बनाओ बाप समान बनो”
15/02/1983
“विश्व शान्ति का आधार - रियलाइजेशन”
01/03/1983
“विश्व के हर स्थान पर आध्यात्मिक लाइट और ज्ञान जल पहुँचाओ”
11/05/1983
“हे युवकों विश्व परिवर्तन के कार्य में निमित्त बनो”
01/06/1983
“नये ज्ञान और ज्ञान दाता को अथॉरिटी से प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”
24/02/1984
“ब्राह्मण जन्म - अवतरित जन्म”
02/04/1984
“बिन्दु का महत्व”
19/04/1984
“भावुक आत्मा तथा ज्ञानी आत्मा के लक्षण”
05/12/1984
“सम्पूर्ण काम जीत अर्थात् हद की कामनाओं से परे”
10/12/1984
“पुराने खाते की समाप्ति की निशानी”
09/01/1985
“श्रेष्ठ भाग्यवान आत्माओं की रूहानी पर्सनैलिटी”
30/01/1985
“मायाजीत और प्रकृतिजीत ही स्वराज्य-अधिकारी”
21/02/1985
“शीतलता की शक्ति”
12/03/1985
“सत्यता की शक्ति”
06/01/1986
“संगमयुग - जमा करने का युग”
31/03/1986
“सर्व शक्ति-सम्पन्न बनने तथा वरदान पाने का वर्ष”
20/02/1987
“याद, पवित्रता और सच्चे सेवाधारी की तीन रेखाएं”
20/03/1987
“स्नेह और सत्यता की अथॉरिटी का बैलेन्स”
01/10/1987
“ईश्वरीय स्नेह - जीवन परिवर्तन का फाउण्डेशन है”
14/10/1987
“ब्राह्मण जीवन - बाप से सर्व सम्बन्ध अनुभव करने की जीवन”
10/11/1987
“शुभचिन्तक-मणि बन विश्व को चिन्ताओं से मुक्त करो”
20/02/1988
“तन, मन की थकावट मिटाने का साधन - ‘शक्तिशाली याद’”
23/03/1988
“दिलाराम बाप के दिलतख्त-जीत दिलरूबा बच्चों की निशानियाँ”
31/03/1988
‘वाचा’ और ‘कर्मणा’ - दोनों शक्तियों को जमा करने की ईश्वरीय स्कीम
11/08/1988
“सफलता का चुम्बक - ‘मिलना और मोल्ड होना’”
31/12/1989
“वाचा सेवा के साथ मन्सा सेवा को नेचुरल बनाओ, शुभ भावना सम्पन्न बनो”
25/03/1990
“सर्व अनुभूतियों की प्राप्ति का आधार - पवित्रता”
31/03/1990
“रहमदिल और बेहद की वैराग वृत्ति”
31/12/1990
“तपस्या ही बड़े ते बड़ा समारोह है, तपस्या अर्थात् बाप से मौज मनाना”
16/03/1992
“होली मनाना अर्थात दृढ़ संकल्प की अग्नि में कमजोरियों को जलाना और मिलन की मौज मनाना”
01/04/1992
“उड़ती कला का अनुभव करने के लिए दो बातों का बैलेन्स - ज्ञानयुक्त भावना और स्नेह युक्त योग”
21/11/1992
“कर्मों की गुह्य गति के ज्ञाता बनो”
26/03/1993
“अव्यक्त वर्ष में लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ”
23/12/1993
“पवित्रता के दृढ़ व्रत द्वारा वृत्ति का परिवर्तन”
31/12/1993
“नये वर्ष में सदा उमंग-उत्साह में उड़ना और सर्व के प्रति महादानी, वरदानी बन व्यर्थ को समाप्त करना”
18/02/1994
“स्वमान की स्मृति का स्विच ऑन करने से देह भान के अंधकार की समाप्ति”
14/04/1994
“स्नेह का रिटर्न है - स्वयं को टर्न (परिवर्तन) करना”
07/11/1995
“बापदादा की विशेष पसन्दगी और ज्ञान का फाउण्डेशन - पवित्रता”
16/11/1995
“बापदादा की चाहना - डायमण्ड जुबली वर्ष को लगाव मुक्त वर्ष के रूप में मनाओ”
04/12/1995
“यथार्थ निश्चय के फाउण्डेशन द्वारा सम्पूर्ण पवित्रता को धारण करो”
13/12/1995
“व्यर्थ बोल, डिस्टर्ब करने वाले बोल से स्वयं को मुक्त कर बोल की एकॉनॉमी करो”
22/12/1995
“सर्व प्राप्ति सम्पन्न जीवन की विशेषता है - अप्रसन्नता मुक्त और प्रसन्नता युक्त”
16/02/1996
“डायमण्ड जुबली वर्ष में विशेष अटेन्शन देकर समय और संकल्प के खजाने को जमा करो”
31/12/1996
“नये वर्ष में अनुभवी मूर्त बन सबको अनुभवी बनाओ”
18/01/1997
“अपनी सूरत से बाप की सीरत को प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”
23/02/1997
“साथी को साथ रख साक्षी और खुशनुमा के तख्तनशीन बनो”
31/12/1997
“इस नये वर्ष को मुक्ति वर्ष मनाओ, सफल करो सफलता लो”
31/01/1998
“पास विद ऑनर बनने के लिए हर खजाने का एकाउण्ट चेक करके जमा करो”
18/01/1999
“वर्तमान समय के प्रमाण वैराग्य वृत्ति को इमर्ज कर साधना का वायुमण्डल बनाओ”
30/03/1999
“तीव्र पुरुषार्थ की लगन को ज्वाला रूप बनाकर बेहद के वैराग्य की लहर फैलाओ”
23/10/1999
“समय की पुकार - दाता बनो”
30/11/1999
“पास विद ऑनर बनने के लिए सर्व खजानों के खाते को जमा कर सम्पन्न बनो”
15/12/1999
“संकल्प शक्ति के महत्व को जान इसे बढ़ाओ और प्रयोग में लाओ”
31/12/1999
“नई सदी में अपने चलन और चेहरे से फरिश्ते स्वरूप को प्रत्यक्ष करो”
18/01/2000
“ब्रह्मा बाप समान त्याग, तपस्या और सेवा का वायब्रेशन विश्व में फैलाओ”
15/02/2000
“मन को स्वच्छ, बुद्धि को क्लीयर रख डबल लाइट फरिश्ते स्थिति का अनुभव करो”
03/03/2000
“जन्म दिन की विशेष गिफ्ट - शुभ भाव और प्रेम भाव को इमर्ज कर क्रोध महाशत्रु पर विजयी बनो”
19/03/2000
“निर्माण और निर्मान के बैलेन्स से दुआओं का खाता जमा करो”
20/02/2001
“शिव जयन्ती, व्रत लेने और सर्व समर्पण होने का यादगार है''
04/11/2001
“सत्यवादी बनो और समय प्रमाण रहमदिल बन बेहद की वृत्ति, दृष्टि और कृति बनाने के दृढ़ संकल्प का दीप जलाओ''
15/12/2002
“समय प्रमाण लक्ष्य और लक्षण की समानता द्वारा बाप समान बनो”
18/01/2003
“ब्राह्मण जन्म की स्मृतियों द्वारा समर्थ बन सर्व को समर्थ बनाओ”
28/02/2003
“सेवा के साथ-साथ अब सम्पन्न बनने का प्लैन बनाओ, कर्मातीत बनने की धुन लगाओ''
17/03/2003
“इस वर्ष - स्वमान में रहना, सम्मान देना, सबका सहयोगी बनना और समर्थ बनाना''
15/11/2003
“मन को एकाग्र कर, एकाग्रता की शक्ति द्वारा फरिश्ता स्थिति का अनुभव करो''
15/12/2003
“प्रत्यक्षता के लिए साधारणता को अलौकिकता में परिवर्तन कर दर्शनीय मूर्त बनो''
18/01/2004
“वर्ल्ड अथॉरिटी के डायरेक्ट बच्चे हैं - इस स्मृति को इमर्ज रख सर्व शक्तियों को ऑर्डर से चलाओ''
02/02/2004
“पूर्वज और पूज्य के स्वमान में रह विश्व की हर आत्मा की पालना करो, दुआयें दो, दुआयें लो''
05/03/2004
“कमजोर संस्कारों का संस्कार कर सच्ची होली मनाओ तब संसार परिवर्तन होगा''
02/11/2004
“स्व-उपकारी बन अपकारी पर भी उपकार करो, सर्व शक्ति, सर्व गुण सम्पन्न सम्मान दाता बनो”
31/12/2004
“इस वर्ष के आरम्भ से बेहद की वैराग्य वृत्ति इमर्ज करो, यही मुक्तिधाम के गेट की चाबी है''
20/02/2005
“दिल से मेरा बाबा कहो और सर्व अविनाशी खजानों के मालिक बन बेफिक्र बादशाह बनो''
25/03/2005
“मास्टर ज्ञान सूर्य बन अनुभूति की किरणें फैलाओ, विधाता बनो, तपस्वी बनो''
21/10/2005
“सम्पूर्ण और सम्पन्न बनने की डेट फिक्स कर समय प्रमाण अब एवररेडी बनो”
03/02/2006
“परमात्म प्यार में सम्पूर्ण पवित्रता की ऐसी स्थिति बनाओ जिसमें व्यर्थ का नामनिशान न हो''
18/01/2007
“अब स्वयं को मुक्त कर मास्टर मुक्तिदाता बन सबको मुक्ति दिलाने के निमित्त बनो”
31/03/2007
“सपूत बन अपनी सूरत से बाप की सूरत दिखाना, निर्माण (सेवा) के साथ निर्मल वाणी, निर्मान स्थिति का बैलेन्स रखना”
31/10/2007
“अपने श्रेष्ठ स्वमान के फ़खुर में रह असम्भव को सम्भव करते बेफिक्र बादशाह बनो”
15/12/2007
“समय के महत्व को जान, कर्मों की गुह्य गति का अटेन्शन रखो, नष्टोमोहा, एवररेडी बनो”
31/12/2007
“नये वर्ष में अखण्ड महादानी, अखण्ड निर्विघ्न, अखण्ड योगी और सदा सफलतामूर्त बनना”
18/03/2008
“कारण शब्द को निवारण में परिवर्तन कर मास्टर मुक्तिदाता बनो, सबको बाप के संग का रंग लगाकर समान बनने की होली मनाओ”
20/10/2008
“सन्तुष्टमणि बन विश्व में सन्तुष्टता की लाइट फैलाओ, सन्तुष्ट रहो और सबको सन्तुष्ट करो”
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