Waste Thoughts-व्यर्थ संकल्प

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25/10/1969“माला का मणका बनने के लिए विजयी बनो”22/01/1970“अन्तिम कोर्स - मन के भावों को जानना”24/01/1970“ब्राह्मणों का मुख्य धंधा - समर्पण करना और कराना”26/01/1970“याद के यात्रा की सम्पूर्ण स्टेज”05/03/1970“जल चढ़ाना अर्थात् प्रतिज्ञा करना”26/03/1970“महारथी-पन के गुण और कर्तव्य”28/05/1970“हाई-जम्प देने के लिए हल्का बनो”07/06/1970“दिव्य मूर्त बनने की विधि”25/06/1970“व्यक्त और अव्यक्त वतन की भाषा में अन्तर”05/11/1970“डिले इज़ डेन्जर”30/11/1970“वर्कर्स की वन्डरफुल सर्कस”25/06/1971“सेवा और तपस्या की समानता”01/12/1971“सर्व-शक्तियों के सम्पत्तिवान बनो”27/04/1972“लकी और लवली बनने का पुरुषार्थ”03/05/1972“‘लॉ मेकर' बनो, ‘लॉ ब्रेकर' नहीं”08/06/1972“सम्पूर्ण स्टेज की परख”14/06/1972“स्व-स्थिति में स्थित होने का पुरुषार्थ वा निशानियां”04/07/1974“स्व-स्थिति की श्रेष्ठता से व्यर्थ संकल्पों की हलचल समाप्त”09/01/1975“सम्‍पूर्ण बनने में सबसे बड़ा विघ्‍न अलबेलापन”10/09/1975“नॉलेजफुल और पावरफुल आत्मा ही सक्सेसफुल”01/10/1975“एकान्त, एकाग्रता और दृढ़-संकल्प से सिद्धि की प्राप्ति”12/10/1975“कम्पलेन्ट समाप्त कर कम्पलीट बनने की प्रेरणा”23/10/1975“इन्तज़ार को छोड़कर इन्तज़ाम करो!”09/12/1975“महावीर अर्थात् विशेष आत्माओं की विशेषताएं”12/01/1977“संगमयुग पर ‘बालक सो मालिक’ बनने वालों के तीनों कालों का साक्षात्कार”23/01/1977“महीनता ही महानता है”26/04/1977“स्वतन्‍त्रता ब्राह्मणों का जन्म-सिद्ध अधिकार है”30/04/1977“हाईएस्ट अथॉरिटी की स्थिति का आधार - कम्बाइन्ड रूप की स्मृति”03/05/1977“कर्मों की अति गुह्य गति”14/05/1977“स्वमान और फ़रमान”27/05/1977“पॉवरफुल स्टेज अर्थात् बाप समान बीजरूप स्थिति”29/05/1977“पुरुषार्थ की रफ्तार में रुकावट का कारण और उसका निवारण”31/05/1977“विश्व कल्याण करने का सहज साधन है श्रेष्ठ संकल्पों की एकाग्रता”05/06/1977“अलौकिक जीवन का कर्तव्य ही है - विकारी को निर्विकारी बनाना”07/06/1977“संगमयुग (धर्माऊ युग) को विशेष वरदान - ‘चढ़ती कला सर्व का भला’”18/06/1977“योग की पॉवरफुल स्टेज कैसे बने?”16/02/1978“माया और प्रकृति द्वारा सत्कार प्राप्त आत्मा ही सर्वश्रेष्ठ आत्मा है”14/12/1978“विघ्नों से मुक्त होने की सहज युक्ति”01/01/1979“नए वर्ष के लिए बाप द्वारा कराया गया दृढ़ संकल्प”23/11/1979“नम्रता रूपी कवच द्वारा स्नेह और सहयोग की प्राप्ति”30/11/1979“स्वमान में स्थित आत्मा के लक्षण”05/12/1979“विजय का झण्डा लहराने के लिए रियलाइजेशन कोर्स शुरू करो”17/12/1979“होली हंस और अमृतवेला रूपी मानसरोवर”19/12/1979“सहज याद का साधन - स्वयं को खुदाई खिदमतगार समझो”24/12/1979“जहान को रोशन करने वालों की महफिल”23/01/1980“पवित्रता का महत्व”25/03/1981“महानता का आधार - संकल्प, बोल, कर्म की चेकिंग”27/03/1981“बाप पसन्द, लोक पसन्द, मन पसन्द कैसे बनें?”09/10/1981“अन्तर्मुखी ही सदा बन्धनमुक्त और योगयुक्त”18/11/1981“सम्पूर्णता के समीपता की निशानी”08/01/1982“लण्डन ग्रुप के साथ अव्यक्त बापदादा की मुलाकात”07/03/1982“संकल्प की गति धैर्यवत होने से लाभ”09/01/1983“व्यर्थ को छोड़ समर्थ संकल्प चलाओ”27/03/1983“बाप समान बेहद की वृत्ति को धारण कर बाप समान बनो”04/05/1983“सदा एक मत, एक ही रास्ते से एकरस स्थिति”30/07/1983“जहाँ सच्चा स्नेह है वहाँ दु:ख की लहर नहीं”12/01/1984“सदा समर्थ सोचो तथा वर्णन करो”24/02/1984“ब्राह्मण जन्म - अवतरित जन्म”17/12/1984“व्यर्थ को समाप्त करने का साधन - समर्थ संकल्पों का खजाना ज्ञान मुरली”02/03/1985“वर्तमान ईश्वरीय जन्म - अमूल्य जन्म”15/03/1985“मेहनत से छूटने का सहज साधन - निराकारी स्वरूप की स्थिति”24/03/1985“अब नहीं तो कब नहीं”01/03/1986“होली हंस बुद्धि, वृत्ति दृष्टि और मुख”25/03/1986“होली का रहस्य”27/03/1986“सदा के स्नेही बनो”29/03/1986“शक्तिशाली रचना श्रेष्ठ संकल्प की रचना”09/04/1986“सच्चे सेवाधारी की निशानी”18/01/1987“कर्मातीत स्थिति की निशानियां”23/12/1987“मनन शक्ति और मगन स्थिति”31/12/1987“नया वर्ष - बाप समान बनने का वर्ष”19/11/1989“तन, मन, धन और जन का भाग्य”17/12/1989“सदा समर्थ कैसे बनें?”21/12/1989“त्रिदेव रचयिता द्वारा वरदानों की प्राप्ति”26/10/1991“तपस्या का प्रत्यक्ष-फल - खुशी”15/04/1992“ब्राह्मणों की दो निशानियाँ - निश्चय और विजय”12/11/1992“भविष्य विश्व-राज्य का आधार - संगमयुग का स्वराज्य”31/12/1992“सफलता प्राप्त करने का साधन - सब कुछ सफल करो”09/01/1993“अव्यक्त वर्ष मनाना अर्थात् सपूत बन सबूत देना”07/03/1993“होली मनाना अर्थात् हाइएस्ट और होलीएस्ट बनना”26/03/1993“अव्यक्त वर्ष में लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ”09/12/1993“एकाग्रता की शक्ति से दृढ़ता द्वारा सहज सफलता की प्राप्ति”16/12/1993“सच्चे स्नेही बन एक बाप द्वारा सर्व सम्बन्धों का साकार में अनुभव करो”23/12/1993“पवित्रता के दृढ़ व्रत द्वारा वृत्ति का परिवर्तन”18/01/1994“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”25/01/1994“ब्राह्मणों की नेचर विशेषता की नेचर है - इसे नेचुरल स्मृति स्वरूप बनाओ”09/03/1994“न्यारा-प्यारा, वन्डरफुल, स्नेह और सुखभरा अवतरण - शिव जयन्ती”14/04/1994“स्नेह का रिटर्न है - स्वयं को टर्न (परिवर्तन) करना”17/11/1994“हर गुण व शक्ति के अनुभवों में खो जाना अर्थात् खुशनसीब बनना”26/11/1994“परमात्म पालना और परिवर्तन शक्ति का प्रत्यक्ष स्वरूप - सहजयोगी जीवन”05/12/1994“वर्तमान समय की आवश्यकता - बेहद के वैराग्य वृत्ति का वायुमण्डल बनाना”09/01/1995“निश्चयबुद्धि की निशानियाँ - निश्चित विजयी और सदा निश्चिन्त स्थिति का अनुभव”16/03/1995“सर्व प्राप्ति सम्पन्न आत्मा की निशानी - सन्तुष्टता और प्रसन्नता”25/03/1995“ब्राह्मण जीवन का सबसे श्रेष्ठ खजाना - संकल्प का खजाना”07/11/1995“बापदादा की विशेष पसन्दगी और ज्ञान का फाउण्डेशन - पवित्रता”16/11/1995“बापदादा की चाहना - डायमण्ड जुबली वर्ष को लगाव मुक्त वर्ष के रूप में मनाओ”04/12/1995“यथार्थ निश्चय के फाउण्डेशन द्वारा सम्पूर्ण पवित्रता को धारण करो”09/01/1996“बालक सो मालिकपन के नशे में रहने के लिए मन का राजा बनो”27/02/1996“सत्यता का फाउण्डेशन है पवित्रता और निशानी है - चलन वा चेहरे में दिव्यता”22/03/1996“ब्राह्मण जीवन की पर्सनैलिटी - सब प्रश्‍नों से पार सदा प्रसन्नचित्त रहना”06/03/1997“शिव जयन्ती की गिफ्ट - मेहनत को छोड़ मुहब्बत के झूले में झूलो”14/12/1997“व्यर्थ और निगेटिव को अवाइड कर अवार्ड लेने के पात्र बनो”24/02/1998“बाप से, सेवा से और परिवार से मुहब्बत रखो तो मेहनत से छूट जायेंगे”12/12/1998“मेरे-मेरे का देह-अभिमान छोड़ ब्रह्मा बाप के कदम पर कदम रखो”15/03/1999“कर्मातीत अवस्था तक पहुँचने के लिए कन्ट्रोलिंग पॉवर को बढ़ाओ, स्वराज्य अधिकारी बनो”15/02/2000“मन को स्वच्छ, बुद्धि को क्लीयर रख डबल लाइट फरिश्ते स्थिति का अनुभव करो”16/12/2000“साक्षात ब्रह्मा बाप समान कर्मयोगी फरिश्ता बनो तब साक्षात्कार शुरू हो”24/02/2002“बाप को प्रत्यक्ष करने के लिए अपनी वा दूसरों की वृत्ति को पॉजिटिव बनाओ''30/11/2002“रिटर्न शब्द की स्मृति से समान बनो और रिटर्न-जर्नी के स्मृति स्वरूप बनो''13/02/2003“वर्तमान समय अपना रहमदिल और दाता स्वरूप प्रत्यक्ष करो''18/01/2004“वर्ल्ड अथॉरिटी के डायरेक्ट बच्चे हैं - इस स्मृति को इमर्ज रख सर्व शक्तियों को ऑर्डर से चलाओ''15/10/2004“एक को प्रत्यक्ष करने के लिए एकरस स्थिति बनाओ, स्वमान में रहो, सबको सम्मान दो''21/10/2005“सम्पूर्ण और सम्पन्न बनने की डेट फिक्स कर समय प्रमाण अब एवररेडी बनो”15/12/2005“नये वर्ष में स्नेह और सहयोग की रूपरेखा स्टेज पर लाओ, हर एक को गुण और शक्तियों की गिफ्ट दो”31/12/2005“नये वर्ष में अपने पुराने संस्कारों को योग अग्नि में भस्म कर ब्रह्मा बाप समान त्याग, तपस्या और सेवा में नम्बरवन बनो''18/01/2006“संकल्प, समय और बोल के बचत की स्कीम द्वारा सफलता की सेरीमनी मनाओ, निराश आत्माओं में आशा के दीप जगाओ''03/02/2006“परमात्म प्यार में सम्पूर्ण पवित्रता की ऐसी स्थिति बनाओ जिसमें व्यर्थ का नामनिशान न हो''25/02/2006“आज उत्सव के दिन मन के उमंग-उत्साह द्वारा माया से मुक्त रहने का व्रत लो, मर्सीफुल बन मास्टर मुक्तिदाता बनो, साथ चलना है तो समान बनो''31/12/2006“नये वर्ष की नवीनता - ''दृढ़ता और परिवर्तन शक्ति से कारण व समस्या शब्द को विदाई दे निवारण व समाधान स्वरूप बनो“03/03/2007“परमात्म संग में, ज्ञान का गुलाल, गुण और शक्तियों का रंग लगाना ही सच्ची होली मनाना है”31/12/2007“नये वर्ष में अखण्ड महादानी, अखण्ड निर्विघ्न, अखण्ड योगी और सदा सफलतामूर्त बनना”20/10/2008“सन्तुष्टमणि बन विश्व में सन्तुष्टता की लाइट फैलाओ, सन्तुष्ट रहो और सबको सन्तुष्ट करो”

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