
लाखों ब्रह्मावत्सों की प्रेरणास्रोत हैं – मम्मा
सन् 1965 को मातेश्वरी “ब्रह्माकुमारी सरस्वती जी” ने अपनी पार्थिव

सन् 1965 को मातेश्वरी “ब्रह्माकुमारी सरस्वती जी” ने अपनी पार्थिव

भारत के आध्यात्मिक जगत में मातेश्वरी जगदम्बा ने नारी जागरण

मानसिक बीमारी शारीरिक बीमारी से कई गुना हानिकारक होती है।

सहज राजयोग: सर्वांगीण स्वास्थ्य पाने का एकमात्र मार्ग। शारीरिक, मानसिक,

इस विराट सृष्टि में अनेक प्रकार के योग प्रचलित हैं।

योग मनुष्यात्माओं के लिए एक ईश्वरीय उपहार है। योग से

आज किसान खेती के अवशेषों को जलाते हैं माना माँ

फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (एफ ए ओ) ने वर्ष 1979

दशहरे से पहले लगातार नौ दिनों तक (नवरात्रि में) भारतवासी

नवरात्रि केवल बाहरी उत्सव नहीं, बल्कि आत्मा को उसकी वास्तविक

नवरात्रि आत्मा की ज्योति जगाने का पर्व है। जानें इसके

शिवरात्रि अथवा परमात्मा का दिव्य – जन्म शिव अर्थात् कल्याणकारी

परमात्मा का कर्तव्य एवं त्रिदेव की रचना कर्तव्य से ही

शिवरात्रि का ईश्वरीय सन्देश परमात्मा शिव साकार मनुष्य प्रजापिता ब्रह्मा

महाशिवरात्रि विकारों पर विजय पाने का यादगार पर्व है महाशिवरात्रि,

जल – एक सामूहिक उत्तरदायित्व जल प्रकृति द्वारा मनुष्य को

भ्राता जगदीश चन्द्र के रूहानी क्षण ब्रह्मा बाबा के साथ