स्वयं पुरुषार्थ - Self Efforts
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22/01/1969“बापदादा के हाथ में बुद्धि रूपी हाथ हो तो परीक्षाओं रूपी सागर में हिलेंगे नहीं”23/01/1969“अस्थियां हैं स्थिति की स्मृति दिलाने वाली”02/02/1969“अव्यक्त मिलन के अनुभव की विधि”06/02/1969“महिमा सुनना छोड़ो - महान् बनो”15/02/1969“सौभाग्यशाली वह है जिसका बाप, टीचर और सतगुरू से पूरा कनेक्शन है”04/03/1969“जो बीता उसे हो ली करना ही होली मनाना है”13/03/1969“प्रेम और शक्ति के गुणों की समानता”20/03/1969“सात बातें छोड़ो और सात बातें धारण करो”17/04/1969“पुरुषार्थ के स्नेही ही सबके स्नेही बनते हैं”08/05/1969“मंसा, वाचा, कर्मणा को ठीक करने की युक्ति”17/05/1969“जादू मंत्र का दर्पण”26/05/1969“सम्पूर्ण स्नेही की परख”18/06/1969“मरजीवा वह है जो पुराने शूद्रपन के संस्कारों को टच भी न करे”06/07/1969“सच्ची जेवर बनने के लिए अपनी सब खामियों को निकाल स्वच्छ बनो”16/07/1969“किसी भी कार्य में सफल होने का साधन - साहस को नहीं छोड़ना और आपसी स्नेह कायम रखना”17/07/1969“अव्यक्ति स्थिति बनाने की युक्तियां”23/07/1969“सफलता का आधार - परखने की शक्ति”27/08/1969“मदद लेने का साधन है - हिम्मत”15/09/1969“याद के आधार पर यादगार”18/09/1969“त्रिनेत्री, त्रिकालदर्शी और त्रिलोकीनाथ बनने की युक्तियां”28/09/1969“पूरे कोर्स का सार - कथनी करनी एक करो”03/10/1969“सम्पूर्ण समर्पण की निशानियां”16/10/1969“परखने की शक्ति को तीव्र बनाओ”20/10/1969“बिन्दु और सिन्धु की स्मृति से सम्पूर्णता”25/10/1969“माला का मणका बनने के लिए विजयी बनो”09/11/1969“भविष्य को जानने की युक्तियां”17/11/1969“फर्श से अर्श पर जाने की युक्तियाँ”28/11/1969“लौकिक को अलौकिक में परिवर्तन करने की युक्तियां”06/12/1969“सरल स्वभाव से बुद्धि को विशाल और दूरांदेशी बनाओ”20/12/1969“प्लेन याद से प्लैन्स की सफलता”22/01/1970“अन्तिम कोर्स - मन के भावों को जानना”23/01/1970“सेवा में सफलता पाने की युक्तियां”24/01/1970“ब्राह्मणों का मुख्य धंधा - समर्पण करना और कराना”25/01/1970“यादगार कायम करने की विधि”26/01/1970“याद के यात्रा की सम्पूर्ण स्टेज”05/03/1970“जल चढ़ाना अर्थात् प्रतिज्ञा करना”23/03/1970“सच्ची होली मनाना अर्थात् बीती को बीती करना”26/03/1970“महारथी-पन के गुण और कर्तव्य”02/04/1970“सम्पूर्ण स्टेज की निशानियां”05/04/1970“सर्व प्वॉइन्ट का सार प्वाइंट (बिन्दी) बनो”21/05/1970“भिन्नता को मिटाने की युक्ति”28/05/1970“हाई-जम्प देने के लिए हल्का बनो”07/06/1970“दिव्य मूर्त बनने की विधि”18/06/1970“वृद्धि के लिए टाइम-टेबुल की विधि”26/06/1970“कामधेनु का अर्थ”29/06/1970“समर्पण का विशाल रूप”11/07/1970“संगमयुग की डिग्री और भविष्य की प्रालब्ध”24/07/1970“बिन्दु रूप की स्थिति सहज कैसे बने?”27/07/1970“अव्यक्त बनने के लिए मुख्य शक्तियों की धारणा”06/08/1970“बन्धनमुक्त आत्मा की निशानी”22/10/1970“फुल की निशानी - फ्लोलेस”23/10/1970“महारथी बनने का पुरुषार्थ”29/10/1970“दीपमाला का सच्चा रहस्य”05/11/1970“डिले इज़ डेन्जर”30/11/1970“वर्कर्स की वन्डरफुल सर्कस”03/12/1970“सामना करने के लिए कामनाओं का त्याग”05/12/1970“प्रतिज्ञा करने वालों को माया की चैलेंज”09/12/1970“पुरुषार्थ का मुख्य आधार कैचिंग पॉवर”31/12/1970“अमृतवेले से परिवर्तन शक्ति का प्रयोग”21/01/1971“अब नहीं तो कब नहीं”09/04/1971“अव्यक्त स्थिति में सर्व गुणों का अनुभव”25/08/1971“मुख्य 7 कमजोरियां और उसको मिटाने के लिए 7 दिन का कोर्स”21/01/1972“निरन्तर योगी बनने की सहज विधि”28/02/1972“समय का इन्तार न कर एवररेडी रहने वाला ही सच्चा पुरुषार्थी”04/03/1972“अधिकारी बनने के लिए अधीनता छोड़ो”12/03/1972“सफलता का आधार - संग्रह और संग्राम करने की शक्ति”27/04/1972“लकी और लवली बनने का पुरुषार्थ”03/05/1972“‘लॉ मेकर' बनो, ‘लॉ ब्रेकर' नहीं”10/05/1972“स्वमान में रहने से फरमान की पालना”15/05/1972“श्रेष्ठ स्थिति बनाने का साधन तीन शब्द - निराकारी, अलंकारी और कल्याणकारी”24/05/1972“परिवर्तन का आधार - दृढ़ संकल्प”08/06/1972“सम्पूर्ण स्टेज की परख”10/06/1972“सूक्ष्म अभिमान और अनजानपन”14/06/1972“स्व-स्थिति में स्थित होने का पुरुषार्थ वा निशानियां”11/07/1972“निर्णय शक्ति को बढ़ाने की कसौटी - ‘साकार बाप के चरित्र'”18/07/1972“कमजोरियों की समाप्ति समारोह करने वाले ही तीव्र पुरुषार्थी हैं”02/08/1972“हर कर्म विधिपूर्वक करने से सिद्धि की प्राप्ति”19/09/1972“मजबूरियों को समाप्त करने का साधन - मजबूती”09/11/1972“ज्ञान सितारों का सम्बन्ध ज्ञान सूर्य और ज्ञान चन्द्रमा के साथ”24/12/1972“संगमयुगी श्रेष्ठ आत्माओं की जिम्मेवारी”16/05/1973“अन्तिम पुरुषार्थ”02/02/1975“स्व-चिन्तक, शुभ-चिन्तक और विश्व-परिवर्तक”12/01/1977“संगमयुग पर ‘बालक सो मालिक’ बनने वालों के तीनों कालों का साक्षात्कार”16/01/1977“सन्तुष्ट आत्मा ही अनेक आत्माओं का इष्ट बन सकती है”18/01/1977“18 जनवरी का विशेष महत्व”06/02/1977“रियलाइज़ेशन द्वारा लिबरेशन”14/04/1977“श्रेष्ठ तकदीर की तस्वीर”05/05/1977“वरदानी, महादानी और दानी आत्माओं के लक्षण”16/05/1977“माया के वार का सामना करने के लिए दो शक्तियों की आवश्यकता”29/05/1977“पुरुषार्थ की रफ्तार में रुकावट का कारण और उसका निवारण”05/06/1977“अलौकिक जीवन का कर्तव्य ही है - विकारी को निर्विकारी बनाना”12/06/1977“कमल पुष्प समान स्थिति ही ब्राह्मण जीवन का श्रेष्ठ आसन है”16/06/1977“एक ही पढ़ाई द्वारा नम्बरवार पूज्य पद पाने का गुह्य रहस्य”18/06/1977“योग की पॉवरफुल स्टेज कैसे बने?”25/06/1977“पवित्रता की सम्पूर्ण स्टेज”28/06/1977“वेस्ट (Waste) मत करो और वेट (Weight) कम करो”30/06/1977“बापदादा की हर ब्राह्मण आत्मा प्रति श्रेष्ठ कामनाएं”18/01/1978“बापदादा की सेवा का रिटर्न”23/01/1980“पवित्रता का महत्व”04/02/1980“भाग्य विधाता बाप और भाग्यशाली बच्चे”17/10/1981“सभी परिस्थितियों का समाधान उड़ता पंछी बनो”13/11/1981“परखने और निर्णय शक्ति का आधार - साइलेन्स की शक्ति”18/11/1981“सम्पूर्णता के समीपता की निशानी”06/01/1982“सगंमयुगी ब्राह्मण जीवन में पवित्रता का महत्व”14/03/1982“बापदादा द्वारा देश-विदेश का समाचार”22/03/1982“राज्य-सत्ता और धर्म-सत्ता के अधिकारी बच्चों से बापदादा की मुलाकात”03/04/1983“प्रथम और अन्तिम पुरूषार्थ”27/04/1983“दृष्टि-वृत्ति परिवर्तन करने की युक्तियाँ”12/12/1983“एकाग्रता से सर्व शक्तियों की प्राप्ति”19/12/1983“परमात्म प्यार - नि:स्वार्थ प्यार”21/12/1983“तुरत दान महापुण्य का रहस्य”07/05/1984“बैलेन्स रखने से ही ब्लैसिंग की प्राप्ति”21/11/1984“स्व-दर्शन धारी ही दिव्य दर्शनीय मूर्त”16/02/1985“हर श्वांस में खुशी का साज बजना ही इस श्रेष्ठ जन्म की सौगात है”15/03/1985“मेहनत से छूटने का सहज साधन - निराकारी स्वरूप की स्थिति”24/03/1985“अब नहीं तो कब नहीं”06/01/1986“संगमयुग - जमा करने का युग”18/01/1986“मन्सा शक्ति तथा निर्भयता की शक्ति”20/02/1986“उड़ती कला से सर्व का भला”23/01/1987“सफलता के सितारे की विशेषतायें”24/02/1988“वरदाता से प्राप्त हुए वरदानों को वृद्धि में लाने की विधि”31/03/1988‘वाचा’ और ‘कर्मणा’ - दोनों शक्तियों को जमा करने की ईश्वरीय स्कीम15/11/1989“सच्चे दिल पर साहेब राज़ी”27/11/1989“शुभ भावना और शुभ कामना की सूक्ष्म सेवा”05/12/1989“सदा प्रसन्न कैसे रहें?”04/12/1991“सफल तपस्वी अर्थात् प्योरिटी की पर्सनैलिटी और रॉयल्टी वाले”31/12/1991“यथार्थ चार्ट का अर्थ है - प्रगति और परिवर्तन”08/04/1992“ब्रह्मा बाप से प्यार की निशानी है - अव्यक्त फरिश्ता बनना”15/04/1992“ब्राह्मणों की दो निशानियाँ - निश्चय और विजय”03/11/1992“रूहानी रॉयल्टी सम्पन्न आत्माओं की निशानियां”30/11/1992“सर्व खजानों से सम्पन्न बनो - दुआएं दो, दुआएं लो”09/01/1993“अव्यक्त वर्ष मनाना अर्थात् सपूत बन सबूत देना”18/02/1993“ब्राह्मण जीवन का श्वांस - सदा उमंग और उत्साह”07/03/1993“होली मनाना अर्थात् हाइएस्ट और होलीएस्ट बनना”14/04/1994“स्नेह का रिटर्न है - स्वयं को टर्न (परिवर्तन) करना”07/11/1995“बापदादा की विशेष पसन्दगी और ज्ञान का फाउण्डेशन - पवित्रता”16/11/1995“बापदादा की चाहना - डायमण्ड जुबली वर्ष को लगाव मुक्त वर्ष के रूप में मनाओ”25/11/1995“परमत, परचिंतन और परदर्शन से मुक्त बनो और पर-उपकार करो”13/12/1995“व्यर्थ बोल, डिस्टर्ब करने वाले बोल से स्वयं को मुक्त कर बोल की एकॉनॉमी करो”18/01/1997“अपनी सूरत से बाप की सीरत को प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”23/02/1997“साथी को साथ रख साक्षी और खुशनुमा के तख्तनशीन बनो”03/04/1997“पुराने संस्कारों को खत्म कर अपने निजी संस्कार धारण करने वाले एवररेडी बनो”13/11/1997“संगमयुग के प्राप्तियों की प्रालब्ध का अनुभव करो, मास्टर दाता, महा सहयोगी बनो”28/11/1997“बेहद की सेवा का साधन - रूहानी पर्सनैलिटी द्वारा नज़र से निहाल करना”13/03/1998“होली शब्द के अर्थ स्वरूप में स्थित होना अर्थात् बाप समान बनना”01/03/1999“होली मनाना अर्थात् सम्पूर्ण पवित्र बनकर संस्कार मिलन मनाना”15/03/1999“कर्मातीत अवस्था तक पहुँचने के लिए कन्ट्रोलिंग पॉवर को बढ़ाओ, स्वराज्य अधिकारी बनो”15/11/1999“बाप समान बनने का सहज पुरुषार्थ - ‘आज्ञाकारी बनो’”15/02/2000“मन को स्वच्छ, बुद्धि को क्लीयर रख डबल लाइट फरिश्ते स्थिति का अनुभव करो”16/12/2000“साक्षात ब्रह्मा बाप समान कर्मयोगी फरिश्ता बनो तब साक्षात्कार शुरू हो”
