अमृतवेला - amrutvela
135 unique murli dates in this topic
135 murlis in हिंदी
25/01/1969“समर्पण की ऊंची स्टेज - श्वांसों-श्वांस स्मृति”02/02/1969“अव्यक्त मिलन के अनुभव की विधि”06/02/1969“महिमा सुनना छोड़ो - महान् बनो”15/02/1969“सौभाग्यशाली वह है जिसका बाप, टीचर और सतगुरू से पूरा कनेक्शन है”04/03/1969“जो बीता उसे हो ली करना ही होली मनाना है”13/03/1969“प्रेम और शक्ति के गुणों की समानता”03/10/1969“सम्पूर्ण समर्पण की निशानियां”16/10/1969“परखने की शक्ति को तीव्र बनाओ”24/01/1970“ब्राह्मणों का मुख्य धंधा - समर्पण करना और कराना”31/12/1970“अमृतवेले से परिवर्तन शक्ति का प्रयोग”01/02/1971“ताज, तिलक और तख्तनशीन बनने की विधि”05/03/1971“भट्ठी की अलौकिक छाप”24/06/1971“अन्तर्मुखी बनने से फायदे”18/07/1971“विल पावर और कन्ट्रोलिंग पावर”27/02/1972“होलीहंस बनने का यादगार - होली”24/06/1972“एवररेडी बन अन्तिम समय का आह्वान करो”17/05/1973“जैसा लक्ष्य वैसा लक्षण”01/06/1973“सर्व शक्तियों का स्टॉक”08/07/1973“समय की पुकार”16/05/1974“महारथीपन के लक्षण”18/06/1974“लाइट हाउस और माइट हाउस बन, नई दुनिया के मेकर बनो”30/06/1974“अव्यक्त स्थिति में स्थित होने से पुरुषार्थ की गति में तीव्रता”08/07/1974“मास्टर नॉलेजफुल व सर्व-शक्तिवान् विभिन्न प्रकार की क्यू से मुक्त”15/09/1974“पुरुषार्थ का अन्तिम लक्ष्य है अव्यक्त फरिश्ता-पन”18/01/1975“साक्षात्कार मूर्त और फरिश्ता मूर्त बनने का निमन्त्रण”19/09/1975“शक्तियों एवं पाण्डवों की विशेषतायें”22/09/1975“स्वमान में स्थित होना ही सर्व खजानें और खुशी की चाबी है”24/01/1976“पुरुषार्थ की युक्ति - अब नहीं तो कब नहीं”05/01/1977“त्यागी और तपस्वी बच्चे सदा पास हैं”23/01/1977“महीनता ही महानता है”06/02/1977“रियलाइज़ेशन द्वारा लिबरेशन”26/04/1977“स्वतन्त्रता ब्राह्मणों का जन्म-सिद्ध अधिकार है”11/05/1977“सम्पन्न स्वरूप की निशानी - शुभ चिन्तन और शुभ चिन्तक”27/05/1977“पॉवरफुल स्टेज अर्थात् बाप समान बीजरूप स्थिति”28/05/1977“बापदादा के सदा दिल तख्तनशीन, समान बच्चों के लक्षण”10/06/1977“मन्त्र और यन्त्र के निरन्तर प्रयोग से अन्तर समाप्त”30/06/1977“बापदादा की हर ब्राह्मण आत्मा प्रति श्रेष्ठ कामनाएं”13/01/1978“इन्तजार के पहले इन्तजाम करो”18/01/1978“बापदादा की सेवा का रिटर्न”14/02/1978“समीप आत्मा की निशानियाँ”06/01/1979“सूर्यवंशी और चन्द्रवंशी आत्माओं के प्रैक्टिकल जीवन की धारणाओं के चिन्ह”08/01/1979“संगमयुग पर समानता में समीप और भविष्य के सम्बन्ध में समीप”12/01/1979“वरदाता बाप द्वारा मिले हुए खुशी के खजानों का भण्डार”14/01/1979“ब्राह्मण जीवन का विशेष आधार - पवित्रता”16/01/1979“तिलक, ताज और तख्तधारी बनने की युक्तियाँ”01/02/1979“मनन-शक्ति ही माया जीत बनने का साधन”12/11/1979“अमृतवेले के वरदानी समय में पुकार सुनो और उपकार करो”14/11/1979“ब्राह्मण जीवन की निशानी है - सदा खुशी की झलक”10/12/1979“पुण्य आत्माओं के लक्षण”12/12/1979“रूहानी अलंकार और उनसे सजी हुई मूर्तियाँ”17/12/1979“होली हंस और अमृतवेला रूपी मानसरोवर”24/12/1979“जहान को रोशन करने वालों की महफिल”26/12/1979“राजयोगी अर्थात् त्रि-स्मृति स्वरूप”09/01/1980“अलौकिक ड्रेस और अलौकिक श्रृंगार”18/01/1980“स्मृति दिवस पर बापदादा की बच्चों प्रति शिक्षायें”23/01/1980“पवित्रता का महत्व”06/02/1980“अशरीरी बनने की सहज विधि”07/03/1981“शान्ति स्वरूप के चुम्बक बन चारों ओर शान्ति की किरणें फैलाओ”13/03/1981“डबल रूप से सेवा द्वारा ही आध्यात्मिक जागृति”15/03/1981“स्वदर्शन चक्रधारी तथा चक्रवर्ती ही विश्व-कल्याणकारी”18/03/1981“मुश्किल को सहज करने की युक्ति ‘सदा बाप को देखो’”19/03/1981“विश्व के राज्य-अधिकारी कैसे बने?”29/03/1981“ज्ञान का सार ‘मैं और मेरा बाबा’”16/11/1981“विजयमाला में नम्बर का आधार”21/11/1981“छोड़ो तो छूटो”26/11/1981“सहयोगी ही सहजयोगी”28/11/1981“आप पूर्वजों से सर्व आत्माओं की आशाएं”14/01/1982“कर्मेन्द्रिय जीत ही विश्व राज्य अधिकारी”14/03/1982“बापदादा द्वारा देश-विदेश का समाचार”11/04/1982“व्यर्थ का त्याग कर समर्थ बनो”06/01/1983“निरन्तर सहज योगी बनने की सहज युक्ति”30/03/1983“सहजयोगी बनने का साधन - अनुभवों की अथॉरिटी का आसन”07/04/1983“नष्टोमोहा बन प्रभु प्यार के पात्र बनो”11/04/1983“सहज पुरूषार्थी के लक्षण”21/04/1983“संगमयुगी मर्यादाओं पर चलना ही पुरूषोत्तम बनना है”10/11/1983“सहज शब्द की लहर को समाप्त कर साक्षात्कार मूर्त बनो”14/12/1983“प्रभु परिवार - सर्वश्रेष्ठ परिवार”18/01/1984“18 जनवरी - स्मृति दिवस का महत्व”20/01/1984“महादानी बनो, वरदानी बनो”22/02/1984“संगम पर चार कम्बाइन्ड रूपों का अनुभव”07/05/1984“बैलेन्स रखने से ही ब्लैसिंग की प्राप्ति”26/08/1984“लक्ष्य प्रमाण सफलता प्राप्त करने के लिए स्वार्थ के बजाए सेवा अर्थ कार्य करो”28/11/1984“संकल्प को सफल बनाने का सहज साधन”18/01/1985“प्रतिज्ञा द्वारा प्रत्यक्षता (स्मृति दिवस पर विशेष)”21/01/1985“ईश्वरीय जन्म दिन की गोल्डन गिफ्ट - ‘दिव्य बुद्धि’”21/02/1985“शीतलता की शक्ति”30/03/1985“तीन-तीन बातों का पाठ”19/03/1986“अमृतवेला - श्रेष्ठ प्राप्तियों की वेला”14/10/1987“ब्राह्मण जीवन - बाप से सर्व सम्बन्ध अनुभव करने की जीवन”20/02/1988“तन, मन की थकावट मिटाने का साधन - ‘शक्तिशाली याद’”07/03/1988“भाग्यवान बच्चों के श्रेष्ठ भाग्य की लिस्ट”23/11/1989“वरदाता को राज़ी करने की सहज विधि”17/12/1989“सदा समर्थ कैसे बनें?”25/12/1989“रूहानी फखुर में रह बेफिक्र बादशाह बनो”14/01/1990“पुरुषार्थ की तीव्रगति में कमी के दो मुख्य कारण”22/02/1990“सेवा करना - उत्साह से उत्सव मनाना”01/03/1990“ब्राह्मण-जीवन का फाउण्डेशन - दिव्य बुद्धि और रूहानी दृष्टि”13/03/1990“संगम पर परमात्मा का आत्माओं से विचित्र मिलन”19/03/1990“उड़ती कला का आधार उमंग-उत्साह के पंख”31/12/1990“तपस्या ही बड़े ते बड़ा समारोह है, तपस्या अर्थात् बाप से मौज मनाना”24/09/1992“सत्य और असत्य का विशेष अन्तर”12/11/1992“भविष्य विश्व-राज्य का आधार - संगमयुग का स्वराज्य”09/01/1993“अव्यक्त वर्ष मनाना अर्थात् सपूत बन सबूत देना”18/02/1993“ब्राह्मण जीवन का श्वांस - सदा उमंग और उत्साह”18/11/1993“संगमयुग के राजदुलारे सो भविष्य के राज्य अधिकारी”25/11/1993“सहज सिद्धि प्राप्त करने के लिए ज्ञान स्वरूप प्रयोगी आत्मा बनो”09/12/1993“एकाग्रता की शक्ति से दृढ़ता द्वारा सहज सफलता की प्राप्ति”31/12/1993“नये वर्ष में सदा उमंग-उत्साह में उड़ना और सर्व के प्रति महादानी, वरदानी बन व्यर्थ को समाप्त करना”18/02/1994“स्वमान की स्मृति का स्विच ऑन करने से देह भान के अंधकार की समाप्ति”09/03/1994“न्यारा-प्यारा, वन्डरफुल, स्नेह और सुखभरा अवतरण - शिव जयन्ती”16/11/1995“बापदादा की चाहना - डायमण्ड जुबली वर्ष को लगाव मुक्त वर्ष के रूप में मनाओ”31/12/1995“डायमण्ड वर्ष में फरिश्ता बनकर बापदादा की छत्रछाया और प्यार की अनुभूति करो”16/02/1996“डायमण्ड जुबली वर्ष में विशेष अटेन्शन देकर समय और संकल्प के खजाने को जमा करो”18/01/1997“अपनी सूरत से बाप की सीरत को प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”06/03/1997“शिव जयन्ती की गिफ्ट - मेहनत को छोड़ मुहब्बत के झूले में झूलो”31/01/1998“पास विद ऑनर बनने के लिए हर खजाने का एकाउण्ट चेक करके जमा करो”30/11/1999“पास विद ऑनर बनने के लिए सर्व खजानों के खाते को जमा कर सम्पन्न बनो”15/02/2000“मन को स्वच्छ, बुद्धि को क्लीयर रख डबल लाइट फरिश्ते स्थिति का अनुभव करो”11/11/2000“सम्पूर्णता की समीपता द्वारा प्रत्यक्षता के श्रेष्ठ समय को समीप लाओ”16/12/2000“साक्षात ब्रह्मा बाप समान कर्मयोगी फरिश्ता बनो तब साक्षात्कार शुरू हो”18/01/2002“स्नेह की शक्ति द्वारा समर्थ बनो, सर्व आत्माओं को सुख-शान्ति की अंचली दो''11/03/2002“विशेषतायें परमात्म देन हैं - इन्हें विश्व सेवा में अर्पण करो''18/01/2003“ब्राह्मण जन्म की स्मृतियों द्वारा समर्थ बन सर्व को समर्थ बनाओ”28/02/2003“सेवा के साथ-साथ अब सम्पन्न बनने का प्लैन बनाओ, कर्मातीत बनने की धुन लगाओ''31/12/2003“इस वर्ष निमित्त और निर्माण बन जमा के खाते को बढ़ाओ और अखण्ड महादानी बनो''15/12/2004“बापदादा की विशेष आशा - हर एक बच्चा दुआयें दे और दुआयें ले''03/02/2005“सेवा करते उपराम और बेहद वृत्ति द्वारा एवररेडी बन ब्रह्मा बाप समान सम्पन्न बनो''04/09/2005“शिक्षा के साथ क्षमा और रहम को अपना लो, दुआयें दो, दुआयें लो तो आपका घर आश्रम बन जायेगा”31/12/2005“नये वर्ष में अपने पुराने संस्कारों को योग अग्नि में भस्म कर ब्रह्मा बाप समान त्याग, तपस्या और सेवा में नम्बरवन बनो''02/02/2007“परमात्म प्राप्तियों से सम्पन्न आत्मा की निशानी - होलीएस्ट, हाइएस्ट और रिचेस्ट”31/12/2007“नये वर्ष में अखण्ड महादानी, अखण्ड निर्विघ्न, अखण्ड योगी और सदा सफलतामूर्त बनना”18/01/2008“सच्चे स्नेही बन, सब बोझ बाप को देकर मौज का अनुभव करो, मेहनत मुक्त बनो”18/02/2008“विश्व परिवर्तन के लिए शान्ति की शक्ति का प्रयोग करो”18/03/2008“कारण शब्द को निवारण में परिवर्तन कर मास्टर मुक्तिदाता बनो, सबको बाप के संग का रंग लगाकर समान बनने की होली मनाओ”02/04/2008”इस वर्ष चारों ही सब्जेक्ट में अनुभव की अथॉरिटी बनो, लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ”
