विदेशी भाई - बहने - foreign bro & sis
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02/01/1978“ज्ञान चन्द्रमा और ज्ञान सितारों की रिमझिम”15/12/1979“विदेशी बच्चों के साथ अव्यक्त बापदादा की मुलाकात”04/01/1980“वर्तमान राज्य-अधिकारी ही भविष्य राज्य-अधिकारी”07/01/1980“संगमयुगी बादशाही और सतयुगी बादशाही”25/01/1980“बिन्दु रूप परमात्मा का बिन्दु रूप आत्मा से मिलन”30/01/1980“स्नेह, सहयोग और शक्ति स्वरूप के पेपर्स की चेकिंग और रिजल्ट”11/03/1981“सफलता के दो मुख्य आधार”17/03/1981“इस सहज मार्ग में मुश्किल का कारण और निवारण”05/04/1981“समर्थ कर्मों का आधार - ‘धर्म’”02/01/1982“विश्व-परिवर्तन की जिम्मेवारी - संगमयुगी ब्राह्मणों पर”06/01/1982“सगंमयुगी ब्राह्मण जीवन में पवित्रता का महत्व”08/01/1982“लण्डन ग्रुप के साथ अव्यक्त बापदादा की मुलाकात”16/01/1982“‘मेरा बाबा आ गया’ - यह आवाज बुलन्द करने के लिए चारों ओर फरिश्ते रूप में छा जाओ”07/03/1982“संकल्प की गति धैर्यवत होने से लाभ”14/03/1982“बापदादा द्वारा देश-विदेश का समाचार”02/05/1982“विशेष जीवन कहानी बनाने का आधार - सदा चढ़ती कला”25/12/1982“विधि, विधान और वरदान”31/12/1982“बापदादा की सर्व अलौकिक फ्रैण्ड्स को बधाई”03/01/1983“हर गुण, हर शक्ति को निजी स्वरूप बनाओ बाप समान बनो”06/01/1983“निरन्तर सहज योगी बनने की सहज युक्ति”09/01/1983“व्यर्थ को छोड़ समर्थ संकल्प चलाओ”15/01/1983“सहजयोगी और प्रयोगी की व्याख्या”21/01/1983“संगम पर बाप और ब्राह्मण सदा साथ साथ”18/02/1983“सदा उमंग-उत्साह में रहने की युक्तियाँ”27/02/1983“संगमयुग पर श्रृंगारा हुआ मधुर अलौकिक मेला”10/11/1983“सहज शब्द की लहर को समाप्त कर साक्षात्कार मूर्त बनो”01/12/1983“सुख, शान्ति और पवित्रता के तीन अधिकार”21/12/1983“तुरत दान महापुण्य का रहस्य”23/12/1983“डबल लाइट की स्थिति से मेहनत समाप्त”25/12/1983“संगमयुग के दिन बड़े ते बड़े मौज मनाने के दिन”31/12/1983“श्रीमत रूपी हाथ सदा हाथ में है तो सारा युग हाथ में हाथ देकर चलते रहेंगे”12/01/1984“सदा समर्थ सोचो तथा वर्णन करो”20/01/1984“महादानी बनो, वरदानी बनो”22/01/1984“नामीग्रामी सेवाधारी बनने की विधि”18/02/1984“ब्राह्मण जीवन - अमूल्य जीवन”24/02/1984“ब्राह्मण जन्म - अवतरित जन्म”03/03/1984“स्व अधिकारियों के स्व के राज्य का हालचाल”09/03/1984“परिवर्तन को अविनाशी बनाओ”07/01/1985“नये वर्ष का विशेष संकल्प - ‘मास्टर विधाता बनो’”18/01/1985“प्रतिज्ञा द्वारा प्रत्यक्षता (स्मृति दिवस पर विशेष)”16/02/1985“हर श्वांस में खुशी का साज बजना ही इस श्रेष्ठ जन्म की सौगात है”18/02/1985“संगमयुग - तन, मन, धन और समय सफल करने का युग”27/02/1985“शिव शक्ति पाण्डव सेना की विशेषतायें”06/03/1985“होली का रूहानी रहस्य”12/03/1985“सत्यता की शक्ति”27/03/1985“कर्मातीत अवस्था”20/02/1986“उड़ती कला से सर्व का भला”22/02/1986“रूहानी सेवा - निस्वार्थ सेवा”25/02/1986“सफलता का आधार - दृढ़ता”04/03/1986“सर्व श्रेष्ठ नई रचना का फाउण्डेशन - निस्वार्थ स्नेह”10/03/1986“बेफिकर बादशाह बनने की युक्ति”19/03/1986“अमृतवेला - श्रेष्ठ प्राप्तियों की वेला”25/03/1986“होली का रहस्य”29/03/1986“शक्तिशाली रचना श्रेष्ठ संकल्प की रचना”11/04/1986“श्रेष्ठ तकदीर की तस्वीर बनाने की युक्ति”20/03/1987“स्नेह और सत्यता की अथॉरिटी का बैलेन्स”05/10/1987“ब्राह्मण जीवन का सुख - सन्तुष्टता व प्रसन्नता”10/11/1987“शुभचिन्तक-मणि बन विश्व को चिन्ताओं से मुक्त करो”18/11/1987“साइलेन्स पॉवर जमा करने का साधन - अन्तर्मुखी और एकान्तवासी स्थिति”23/12/1987“मनन शक्ति और मगन स्थिति”31/12/1987“नया वर्ष - बाप समान बनने का वर्ष”20/02/1988“तन, मन की थकावट मिटाने का साधन - ‘शक्तिशाली याद’”28/02/1988“डबल विदेशी ब्राह्मण बच्चों की विशेषतायें”27/11/1989“शुभ भावना और शुभ कामना की सूक्ष्म सेवा”31/12/1989“वाचा सेवा के साथ मन्सा सेवा को नेचुरल बनाओ, शुभ भावना सम्पन्न बनो”07/03/1990“रूलिंग तथा कन्ट्रोलिंग पॉवर से स्वराज्य की प्राप्ति”13/03/1990“संगम पर परमात्मा का आत्माओं से विचित्र मिलन”19/03/1990“उड़ती कला का आधार उमंग-उत्साह के पंख”31/03/1990“रहमदिल और बेहद की वैराग वृत्ति”03/04/1991“सर्व हदों से निकल बेहद के वैरागी बनो”10/04/1991“दिलतख्तनशीन और विश्व तख्तनशीन बनने के लिए सुख दो और सुख लो”30/11/1992“सर्व खजानों से सम्पन्न बनो - दुआएं दो, दुआएं लो”07/03/1993“होली मनाना अर्थात् हाइएस्ट और होलीएस्ट बनना”26/03/1993“अव्यक्त वर्ष में लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ”18/11/1993“संगमयुग के राजदुलारे सो भविष्य के राज्य अधिकारी”18/02/1994“स्वमान की स्मृति का स्विच ऑन करने से देह भान के अंधकार की समाप्ति”14/04/1994“स्नेह का रिटर्न है - स्वयं को टर्न (परिवर्तन) करना”17/11/1994“हर गुण व शक्ति के अनुभवों में खो जाना अर्थात् खुशनसीब बनना”07/11/1995“बापदादा की विशेष पसन्दगी और ज्ञान का फाउण्डेशन - पवित्रता”16/11/1995“बापदादा की चाहना - डायमण्ड जुबली वर्ष को लगाव मुक्त वर्ष के रूप में मनाओ”25/11/1995“परमत, परचिंतन और परदर्शन से मुक्त बनो और पर-उपकार करो”04/12/1995“यथार्थ निश्चय के फाउण्डेशन द्वारा सम्पूर्ण पवित्रता को धारण करो”22/12/1995“सर्व प्राप्ति सम्पन्न जीवन की विशेषता है - अप्रसन्नता मुक्त और प्रसन्नता युक्त”23/02/1997“साथी को साथ रख साक्षी और खुशनुमा के तख्तनशीन बनो”03/04/1997“पुराने संस्कारों को खत्म कर अपने निजी संस्कार धारण करने वाले एवररेडी बनो”14/12/1997“व्यर्थ और निगेटिव को अवाइड कर अवार्ड लेने के पात्र बनो”31/12/1997“इस नये वर्ष को मुक्ति वर्ष मनाओ, सफल करो सफलता लो”18/01/1998“सकाश देने की सेवा करने के लिए लगावमुक्त बन बेहद के वैरागी बनो”31/01/1998“पास विद ऑनर बनने के लिए हर खजाने का एकाउण्ट चेक करके जमा करो”13/03/1998“होली शब्द के अर्थ स्वरूप में स्थित होना अर्थात् बाप समान बनना”30/03/1998“सर्व प्राप्तियों की स्मृति इमर्ज कर अचल स्थिति का अनुभव करो और जीवन मुक्त बनो”21/11/1998“सेवा के साथ देह में रहते विदेही अवस्था का अनुभव बढ़ाओ”01/03/1999“होली मनाना अर्थात् सम्पूर्ण पवित्र बनकर संस्कार मिलन मनाना”15/03/1999“कर्मातीत अवस्था तक पहुँचने के लिए कन्ट्रोलिंग पॉवर को बढ़ाओ, स्वराज्य अधिकारी बनो”23/10/1999“समय की पुकार - दाता बनो”18/01/2000“ब्रह्मा बाप समान त्याग, तपस्या और सेवा का वायब्रेशन विश्व में फैलाओ”15/02/2000“मन को स्वच्छ, बुद्धि को क्लीयर रख डबल लाइट फरिश्ते स्थिति का अनुभव करो”03/03/2000“जन्म दिन की विशेष गिफ्ट - शुभ भाव और प्रेम भाव को इमर्ज कर क्रोध महाशत्रु पर विजयी बनो”30/03/2000“मन को दुरुस्त रखने के लिए बीच-बीच में 5 सेकेण्ड भी निकाल कर मन की एक्सरसाइज करो”31/12/2000“बचत का खाता जमा कर अखण्ड महादानी बनो”18/01/2001“यथार्थ स्मृति का प्रमाण - समर्थ स्वरूप बन शक्तियों द्वारा सर्व की पालना करो”25/11/2001“दुआयें दो दुआयें लो, कारण का निवारण कर समस्याओं का समाधान करो''31/12/2001“इस नये वर्ष में सफलता भव के वरदान द्वारा बाप और स्वयं की प्रत्यक्षता को समीप लाओ''18/01/2002“स्नेह की शक्ति द्वारा समर्थ बनो, सर्व आत्माओं को सुख-शान्ति की अंचली दो''24/02/2002“बाप को प्रत्यक्ष करने के लिए अपनी वा दूसरों की वृत्ति को पॉजिटिव बनाओ''11/03/2002“विशेषतायें परमात्म देन हैं - इन्हें विश्व सेवा में अर्पण करो''25/10/2002“ब्राह्मण जीवन का आधार - प्युरिटी की रॉयल्टी''14/11/2002“ब्राह्मण जीवन का फाउण्डेशन और सफलता का आधार - निश्चयबुद्धि”15/12/2002“समय प्रमाण लक्ष्य और लक्षण की समानता द्वारा बाप समान बनो”31/12/2002“इस नये वर्ष में सर्व खजाने सफल कर सफलतामूर्त बनने की विशेषता दिखाओ”28/02/2003“सेवा के साथ-साथ अब सम्पन्न बनने का प्लैन बनाओ, कर्मातीत बनने की धुन लगाओ''17/03/2003“इस वर्ष - स्वमान में रहना, सम्मान देना, सबका सहयोगी बनना और समर्थ बनाना''17/10/2003“पूरा वर्ष - सन्तुष्टमणि बन सदा सन्तुष्ट रहना और सबको सन्तुष्ट करना''15/11/2003“मन को एकाग्र कर, एकाग्रता की शक्ति द्वारा फरिश्ता स्थिति का अनुभव करो''15/12/2003“प्रत्यक्षता के लिए साधारणता को अलौकिकता में परिवर्तन कर दर्शनीय मूर्त बनो''31/12/2003“इस वर्ष निमित्त और निर्माण बन जमा के खाते को बढ़ाओ और अखण्ड महादानी बनो''05/03/2004“कमजोर संस्कारों का संस्कार कर सच्ची होली मनाओ तब संसार परिवर्तन होगा''15/10/2004“एक को प्रत्यक्ष करने के लिए एकरस स्थिति बनाओ, स्वमान में रहो, सबको सम्मान दो''15/12/2004“बापदादा की विशेष आशा - हर एक बच्चा दुआयें दे और दुआयें ले''31/12/2004“इस वर्ष के आरम्भ से बेहद की वैराग्य वृत्ति इमर्ज करो, यही मुक्तिधाम के गेट की चाबी है''18/01/2005“सेकेण्ड में देहभान से मुक्त हो जीवनमुक्त स्थिति का अनुभव करो और मास्टर मुक्ति-जीवनमुक्ति दाता बनो”03/02/2005“सेवा करते उपराम और बेहद वृत्ति द्वारा एवररेडी बन ब्रह्मा बाप समान सम्पन्न बनो''20/02/2005“दिल से मेरा बाबा कहो और सर्व अविनाशी खजानों के मालिक बन बेफिक्र बादशाह बनो''07/03/2005“सम्पूर्ण पवित्रता का व्रत रखना और मैं पन को समर्पित करना ही शिवजयन्ती मनाना है''25/03/2005“मास्टर ज्ञान सूर्य बन अनुभूति की किरणें फैलाओ, विधाता बनो, तपस्वी बनो''15/11/2005“सच्चे दिल से बाप व परिवार के स्नेही बन मेहनत मुक्त बनने का वायदा करो और फायदा लो''30/11/2005“समय की समीपता प्रमाण स्वयं को हद के बन्धनों से मुक्त कर सम्पन्न और समान बनो”15/12/2005“नये वर्ष में स्नेह और सहयोग की रूपरेखा स्टेज पर लाओ, हर एक को गुण और शक्तियों की गिफ्ट दो”31/12/2005“नये वर्ष में अपने पुराने संस्कारों को योग अग्नि में भस्म कर ब्रह्मा बाप समान त्याग, तपस्या और सेवा में नम्बरवन बनो''03/02/2006“परमात्म प्यार में सम्पूर्ण पवित्रता की ऐसी स्थिति बनाओ जिसमें व्यर्थ का नामनिशान न हो''31/10/2006“सदा स्नेही के साथ अखण्ड महादानी बनो तो विघ्न-विनाशक, समाधान स्वरूप बन जायेंगे''16/11/2006“अपने स्वमान की शान में रहो और समय के महत्व को जान एवररेडी बनो”30/11/2006“ज्वालामुखी तपस्या द्वारा मैं-पन की पूंछ को जलाकर बापदादा समान बनो तब समाप्ति समीप आयेगी''18/01/2007“अब स्वयं को मुक्त कर मास्टर मुक्तिदाता बन सबको मुक्ति दिलाने के निमित्त बनो”02/02/2007“परमात्म प्राप्तियों से सम्पन्न आत्मा की निशानी - होलीएस्ट, हाइएस्ट और रिचेस्ट”15/02/2007“अलबेलेपन, आलस्य और बहानेबाजी की नींद से जागना ही शिवरात्रि का सच्चा जागरण है”03/03/2007“परमात्म संग में, ज्ञान का गुलाल, गुण और शक्तियों का रंग लगाना ही सच्ची होली मनाना है”17/03/2007“श्रेष्ठ वृत्ति से शक्तिशाली वायब्रेशन और वायुमण्डल बनाने का तीव्र पुरुषार्थ करो, दुआ दो और दुआ लो”31/03/2007“सपूत बन अपनी सूरत से बाप की सूरत दिखाना, निर्माण (सेवा) के साथ निर्मल वाणी, निर्मान स्थिति का बैलेन्स रखना”02/02/2008“सम्पूर्ण पवित्रता द्वारा रूहानी रॉयल्टी और पर्सनालिटी का अनुभव करते, अपने मास्टर ज्ञान सूर्य स्वरूप को इमर्ज करो”18/02/2008“विश्व परिवर्तन के लिए शान्ति की शक्ति का प्रयोग करो”05/03/2008“संगम की बैंक में साइलेन्स की शक्ति और श्रेष्ठ कर्म जमा करो, शिवमंत्र से मैं-पन का परिवर्तन करो”18/03/2008“कारण शब्द को निवारण में परिवर्तन कर मास्टर मुक्तिदाता बनो, सबको बाप के संग का रंग लगाकर समान बनने की होली मनाओ”
