Maya-माया

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24/01/1970“ब्राह्मणों का मुख्य धंधा - समर्पण करना और कराना”25/01/1970“यादगार कायम करने की विधि”26/01/1970“याद के यात्रा की सम्पूर्ण स्टेज”05/03/1970“जल चढ़ाना अर्थात् प्रतिज्ञा करना”29/05/1970“समीप रत्नों की निशानियां”18/06/1970“वृद्धि के लिए टाइम-टेबुल की विधि”25/06/1970“व्यक्त और अव्यक्त वतन की भाषा में अन्तर”02/07/1970“साइलेन्स बल का प्रयोग”22/10/1970“फुल की निशानी - फ्लोलेस”30/11/1970“वर्कर्स की वन्डरफुल सर्कस”01/02/1971“ताज, तिलक और तख्तनशीन बनने की विधि”25/03/1971“न्यारे और विश्व के प्यारे बनने की विधि”20/05/1971“विधाता, वरदाता-पन की स्टेज़”24/05/1971“पोज़ीशन में ठहरने से अपोज़ीशन समाप्त”30/05/1971“बाप की आज्ञा और प्रतिज्ञा”28/07/1971“आकार में निराकार को देखने का अभ्यास”20/08/1971“सबसे श्रेष्ठ तख्त और ताज”03/10/1971“निर्मानता के गुण से विश्व निर्माता”21/01/1972“निरन्तर योगी बनने की सहज विधि”27/02/1972“होलीहंस बनने का यादगार - होली”04/03/1972“अधिकारी बनने के लिए अधीनता छोड़ो”09/05/1972“अपने फीचर से फ्यूचर दिखाओ”31/05/1972“भविष्य में अष्ट देवता और भक्ति में इष्ट बनने का पुरुषार्थ”08/06/1972“सम्पूर्ण स्टेज की परख”14/06/1972“स्व-स्थिति में स्थित होने का पुरुषार्थ वा निशानियां”24/06/1972“एवररेडी बन अन्तिम समय का आह्वान करो”26/06/1972“इफेक्ट से बचना अर्थात् परफेक्ट बनना”14/07/1972“अन्तिम सेवा के लिए रमतायोगी बनो”18/07/1972“कमजोरियों की समाप्ति समारोह करने वाले ही तीव्र पुरुषार्थी हैं”28/07/1972“अपवित्रता और वियोग को संघार करने वाली शक्तियाँ ही असुर संघारनी हैं”19/09/1972“मजबूरियों को समाप्त करने का साधन - मजबूती”16/05/1973“अन्तिम पुरुषार्थ”06/02/1974“परखने की शक्ति से महारथी की परख”08/07/1974“मास्टर नॉलेजफुल व सर्व-शक्तिवान् विभिन्न प्रकार की क्यू से मुक्त”11/02/1975“माया से युद्ध करने वाले पाण्डवों के लिए धारणायें”18/09/1975“माया के चक्करों से परे, स्वदर्शन चक्रधारी ही भविष्य में छत्रधारी”16/10/1975“संकल्प शक्ति को कन्ट्रोल कर सिद्धि-स्वरूप बनने की युक्तियाँ”23/10/1975“इन्तज़ार को छोड़कर इन्तज़ाम करो!”27/10/1975“क्वेश्चन, करेक्शन और कोटेशन से पुरुषार्थ में ढीलापन”01/02/1976“रूहानी शमा और तीन प्रकार के रूहानी परवाने”26/04/1977“स्वतन्‍त्रता ब्राह्मणों का जन्म-सिद्ध अधिकार है”05/05/1977“वरदानी, महादानी और दानी आत्माओं के लक्षण”14/05/1977“स्वमान और फ़रमान”16/05/1977“माया के वार का सामना करने के लिए दो शक्तियों की आवश्यकता”19/05/1977“आत्म ज्ञान और परमात्म ज्ञान में अन्तर”27/05/1977“पॉवरफुल स्टेज अर्थात् बाप समान बीजरूप स्थिति”31/05/1977“विश्व कल्याण करने का सहज साधन है श्रेष्ठ संकल्पों की एकाग्रता”07/06/1977“संगमयुग (धर्माऊ युग) को विशेष वरदान - ‘चढ़ती कला सर्व का भला’”18/06/1977“योग की पॉवरफुल स्टेज कैसे बने?”02/01/1978“ज्ञान चन्द्रमा और ज्ञान सितारों की रिमझिम”13/01/1978“इन्तजार के पहले इन्तजाम करो”14/02/1978“समीप आत्मा की निशानियाँ”03/12/1978“पाप और पुण्य की गुह्य गति”02/01/1979“सम्पूर्णता की समीपता ही विश्व-परिवर्तन की घड़ी की समीपता है”16/01/1979“तिलक, ताज और तख्तधारी बनने की युक्तियाँ”18/01/1979“18 जनवरी ‘स्मृति दिवस' को सदाकाल का समर्थी दिवस मनाने के लिए शिक्षाएं”12/11/1979“अमृतवेले के वरदानी समय में पुकार सुनो और उपकार करो”26/11/1979“प्रीत की रीति”30/11/1979“स्वमान में स्थित आत्मा के लक्षण”17/12/1979“होली हंस और अमृतवेला रूपी मानसरोवर”04/01/1980“वर्तमान राज्य-अधिकारी ही भविष्य राज्य-अधिकारी”25/01/1980“बिन्दु रूप परमात्मा का बिन्दु रूप आत्मा से मिलन”07/03/1981“शान्ति स्वरूप के चुम्बक बन चारों ओर शान्ति की किरणें फैलाओ”09/03/1981“मेहनत समाप्त कर निरन्तर योगी बनो”06/01/1982“सगंमयुगी ब्राह्मण जीवन में पवित्रता का महत्व”08/01/1982“लण्डन ग्रुप के साथ अव्यक्त बापदादा की मुलाकात”07/03/1982“संकल्प की गति धैर्यवत होने से लाभ”19/03/1982“कर्म - आत्मा का दर्शन कराने का दर्पण”27/03/1982“बीजरुप स्थिति तथा अलौकिक अनुभूतियाँ”03/04/1982“सर्वप्रथम त्याग है - देह-भान का त्याग”06/04/1982“दास व अधिकारी आत्माओं के लक्षण”09/01/1983“व्यर्थ को छोड़ समर्थ संकल्प चलाओ”11/01/1983“समर्थ की निशानी - संकल्प, बोल, कर्म, स्वभाव, संस्कार बाप समान”27/03/1983“बाप समान बेहद की वृत्ति को धारण कर बाप समान बनो”02/05/1983“माया को दोषी बनाने के बजाए मास्टर रचता, शक्तिशाली बनो”23/05/1983“छोड़ो तो छूटो!”03/12/1983“संगमयुगी ब्राह्मणों का श्रेष्ठ भाग्य”07/12/1983“श्रेष्ठ पद की प्राप्ति का आधार - ‘मुरली’”31/12/1983“श्रीमत रूपी हाथ सदा हाथ में है तो सारा युग हाथ में हाथ देकर चलते रहेंगे”12/01/1984“सदा समर्थ सोचो तथा वर्णन करो”16/01/1984“‘स्वराज्य’ - आपका बर्थ राईट है”20/02/1984“एक सर्वश्रेष्ठ, महान और सुहावनी घड़ी”03/03/1984“स्व अधिकारियों के स्व के राज्य का हालचाल”19/11/1984“बेहद की वैराग्य वृत्ति से सिद्धियों की प्राप्ति”21/11/1984“स्व-दर्शन धारी ही दिव्य दर्शनीय मूर्त”07/01/1985“नये वर्ष का विशेष संकल्प - ‘मास्टर विधाता बनो’”21/01/1985“ईश्वरीय जन्म दिन की गोल्डन गिफ्ट - ‘दिव्य बुद्धि’”30/01/1985“मायाजीत और प्रकृतिजीत ही स्वराज्य-अधिकारी”02/03/1985“वर्तमान ईश्वरीय जन्म - अमूल्य जन्म”18/03/1985“सन्तुष्टता”30/03/1985“तीन-तीन बातों का पाठ”10/03/1986“बेफिकर बादशाह बनने की युक्ति”16/03/1986“रुहानी ड्रिल”22/11/1987“मदद के सागर से पद्मगुणा मदद लेने की विधि”27/12/1987“निश्चय बुद्धि विजयी रत्नों की निशानियाँ”18/01/1988“‘स्नेह’ और ‘शक्ति’ की समानता”26/01/1988“संगमयुग पर नम्बरवन पूज्य बनने की अलौकिक विधि”03/02/1988“ब्रह्मा मात-पिता की अपने ब्राह्मण बच्चों के प्रति दो शुभ आशाएं”16/02/1988“सदा उत्साह में रहकर उत्सव मनाओ”20/02/1988“तन, मन की थकावट मिटाने का साधन - ‘शक्तिशाली याद’”24/02/1988“वरदाता से प्राप्त हुए वरदानों को वृद्धि में लाने की विधि”07/03/1988“भाग्यवान बच्चों के श्रेष्ठ भाग्य की लिस्ट”01/12/1989“स्वमान से ही सम्मान की प्राप्ति”09/12/1989“योगयुक्त, युक्तियुक्त बनने की युक्ति”17/12/1989“सदा समर्थ कैसे बनें?”21/12/1989“त्रिदेव रचयिता द्वारा वरदानों की प्राप्ति”14/01/1990“पुरुषार्थ की तीव्रगति में कमी के दो मुख्य कारण”01/03/1990“ब्राह्मण-जीवन का फाउण्डेशन - दिव्य बुद्धि और रूहानी दृष्टि”19/03/1990“उड़ती कला का आधार उमंग-उत्साह के पंख”31/12/1990“तपस्या ही बड़े ते बड़ा समारोह है, तपस्या अर्थात् बाप से मौज मनाना”17/03/1991“सन्तुष्टमणि के श्रेष्ठ आसन पर आसीन होने के लिए प्रसन्नचित्त, निश्चिंत आत्मा बनो”15/04/1992“ब्राह्मणों की दो निशानियाँ - निश्चय और विजय”24/09/1992“सत्य और असत्य का विशेष अन्तर”03/10/1992“ब्राह्मण अर्थात् सदा श्रेष्ठ भाग्य के अधिकारी”13/10/1992“नम्बरवन बनना है तो ज्ञान और योग को स्वरूप में लाओ”03/11/1992“रूहानी रॉयल्टी सम्पन्न आत्माओं की निशानियां”30/11/1992“सर्व खजानों से सम्पन्न बनो - दुआएं दो, दुआएं लो”31/12/1992“सफलता प्राप्त करने का साधन - सब कुछ सफल करो”18/02/1993“ब्राह्मण जीवन का श्वांस - सदा उमंग और उत्साह”07/03/1993“होली मनाना अर्थात् हाइएस्ट और होलीएस्ट बनना”25/11/1993“सहज सिद्धि प्राप्त करने के लिए ज्ञान स्वरूप प्रयोगी आत्मा बनो”23/12/1993“पवित्रता के दृढ़ व्रत द्वारा वृत्ति का परिवर्तन”31/12/1993“नये वर्ष में सदा उमंग-उत्साह में उड़ना और सर्व के प्रति महादानी, वरदानी बन व्यर्थ को समाप्त करना”10/01/1994“एक ‘पॉइन्ट’ शब्द को तीन रूपों से स्मृति वा स्वरूप में लाना - यही सेफ्टी का साधन है”18/01/1994“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”25/01/1994“ब्राह्मणों की नेचर विशेषता की नेचर है - इसे नेचुरल स्मृति स्वरूप बनाओ”18/02/1994“स्वमान की स्मृति का स्विच ऑन करने से देह भान के अंधकार की समाप्ति”17/11/1994“हर गुण व शक्ति के अनुभवों में खो जाना अर्थात् खुशनसीब बनना”05/12/1994“वर्तमान समय की आवश्यकता - बेहद के वैराग्य वृत्ति का वायुमण्डल बनाना”14/12/1994“समय, संकल्प, बोल द्वारा कमाई जमा करने का आधार - तीन बिन्दी लगाना”23/12/1994“अपने तीन स्वरूप सदा स्मृति में रहें - 1- संगमयुगी ब्राह्मण, 2- ब्राह्मण सो फ़रिश्ता और 3- फ़रिश्ता सो देवता”07/03/1995“ब्राह्मण अर्थात् धर्म सत्ता और स्वराज्य सत्ता की अधिकारी आत्मा”16/03/1995“सर्व प्राप्ति सम्पन्न आत्मा की निशानी - सन्तुष्टता और प्रसन्नता”31/03/1995“परमात्म मिलन मेले की सौगात - ताज, तख्त और तिलक”06/04/1995“प्योरिटी की रूहानी पर्सनालिटी की स्मृति स्वरूप द्वारा मायाजीत बनो”07/11/1995“बापदादा की विशेष पसन्दगी और ज्ञान का फाउण्डेशन - पवित्रता”16/11/1995“बापदादा की चाहना - डायमण्ड जुबली वर्ष को लगाव मुक्त वर्ष के रूप में मनाओ”04/12/1995“यथार्थ निश्चय के फाउण्डेशन द्वारा सम्पूर्ण पवित्रता को धारण करो”13/12/1995“व्यर्थ बोल, डिस्टर्ब करने वाले बोल से स्वयं को मुक्त कर बोल की एकॉनॉमी करो”22/12/1995“सर्व प्राप्ति सम्पन्न जीवन की विशेषता है - अप्रसन्नता मुक्त और प्रसन्नता युक्त”18/01/1996“सदा समर्थ रहने की सहज विधि - शुभचिंतन करो और शुभचिंतक बनो”16/02/1996“डायमण्ड जुबली वर्ष में विशेष अटेन्शन देकर समय और संकल्प के खजाने को जमा करो”10/03/1996“‘करनहार’ और ‘करावनहार’ की स्मृति से कर्मातीत स्थिति का अनुभव”18/01/1997“अपनी सूरत से बाप की सीरत को प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”23/02/1997“साथी को साथ रख साक्षी और खुशनुमा के तख्तनशीन बनो”06/03/1997“शिव जयन्ती की गिफ्ट - मेहनत को छोड़ मुहब्बत के झूले में झूलो”14/12/1997“व्यर्थ और निगेटिव को अवाइड कर अवार्ड लेने के पात्र बनो”31/12/1997“इस नये वर्ष को मुक्ति वर्ष मनाओ, सफल करो सफलता लो”12/12/1998“मेरे-मेरे का देह-अभिमान छोड़ ब्रह्मा बाप के कदम पर कदम रखो”31/12/1998“इस नये वर्ष में हिम्मत के आधार पर स्वयं को मेहनत मुक्त सदा विजयी अनुभव करो”15/11/1999“बाप समान बनने का सहज पुरुषार्थ - ‘आज्ञाकारी बनो’”30/11/1999“पास विद ऑनर बनने के लिए सर्व खजानों के खाते को जमा कर सम्पन्न बनो”03/03/2000“जन्म दिन की विशेष गिफ्ट - शुभ भाव और प्रेम भाव को इमर्ज कर क्रोध महाशत्रु पर विजयी बनो”25/11/2000“बाप समान बनने के लिए दो बातों की दृढ़ता रखो - स्वमान में रहना है और सबको सम्मान देना है”14/11/2002“ब्राह्मण जीवन का फाउण्डेशन और सफलता का आधार - निश्चयबुद्धि”30/11/2002“रिटर्न शब्द की स्मृति से समान बनो और रिटर्न-जर्नी के स्मृति स्वरूप बनो''13/02/2003“वर्तमान समय अपना रहमदिल और दाता स्वरूप प्रत्यक्ष करो''21/10/2005“सम्पूर्ण और सम्पन्न बनने की डेट फिक्स कर समय प्रमाण अब एवररेडी बनो”28/03/2006“विश्व की आत्माओं को दु:खों से छुड़ाने के लिए मन्सा सेवा को बढ़ाओ, सम्पन्न और सम्पूर्ण बनो”31/10/2006“सदा स्नेही के साथ अखण्ड महादानी बनो तो विघ्न-विनाशक, समाधान स्वरूप बन जायेंगे''31/12/2006“नये वर्ष की नवीनता - ''दृढ़ता और परिवर्तन शक्ति से कारण व समस्या शब्द को विदाई दे निवारण व समाधान स्वरूप बनो“31/10/2007“अपने श्रेष्ठ स्वमान के फ़खुर में रह असम्भव को सम्भव करते बेफिक्र बादशाह बनो”05/03/2008“संगम की बैंक में साइलेन्स की शक्ति और श्रेष्ठ कर्म जमा करो, शिवमंत्र से मैं-पन का परिवर्तन करो”18/03/2008“कारण शब्द को निवारण में परिवर्तन कर मास्टर मुक्तिदाता बनो, सबको बाप के संग का रंग लगाकर समान बनने की होली मनाओ”

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