बोल / वचन - Words Promise

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25/01/1969“समर्पण की ऊंची स्टेज - श्वांसों-श्वांस स्मृति”06/02/1969“महिमा सुनना छोड़ो - महान् बनो”17/04/1969“पुरुषार्थ के स्नेही ही सबके स्नेही बनते हैं”26/05/1969“सम्पूर्ण स्नेही की परख”06/07/1969“सच्ची जेवर बनने के लिए अपनी सब खामियों को निकाल स्वच्छ बनो”16/07/1969“किसी भी कार्य में सफल होने का साधन - साहस को नहीं छोड़ना और आपसी स्नेह कायम रखना”28/09/1969“पूरे कोर्स का सार - कथनी करनी एक करो”20/10/1969“बिन्दु और सिन्धु की स्मृति से सम्पूर्णता”25/10/1969“माला का मणका बनने के लिए विजयी बनो”28/11/1969“लौकिक को अलौकिक में परिवर्तन करने की युक्तियां”22/01/1970“अन्तिम कोर्स - मन के भावों को जानना”23/01/1970“सेवा में सफलता पाने की युक्तियां”24/01/1970“ब्राह्मणों का मुख्य धंधा - समर्पण करना और कराना”25/01/1970“यादगार कायम करने की विधि”26/01/1970“याद के यात्रा की सम्पूर्ण स्टेज”26/03/1970“महारथी-पन के गुण और कर्तव्य”21/05/1970“भिन्नता को मिटाने की युक्ति”07/06/1970“दिव्य मूर्त बनने की विधि”11/07/1970“संगमयुग की डिग्री और भविष्य की प्रालब्ध”27/07/1970“अव्यक्त बनने के लिए मुख्य शक्तियों की धारणा”06/08/1970“बन्धनमुक्त आत्मा की निशानी”23/10/1970“महारथी बनने का पुरुषार्थ”29/10/1970“दीपमाला का सच्चा रहस्य”01/11/1970“बाप समान बनने की युक्तियां”05/03/1971“भट्ठी की अलौकिक छाप”09/04/1971“अव्यक्त स्थिति में सर्व गुणों का अनुभव”15/04/1971“त्रिमूर्ति बाप के बच्चों का त्रिमूर्ति कर्तव्य”11/07/1971“विश्व-कल्याणकारी बनने के लिए मुख्य धारणाएं”19/07/1971“सिम्पल बनो, सैम्पल बनो”20/08/1971“सबसे श्रेष्ठ तख्त और ताज”27/09/1971“स्नेह की शक्ति द्वारा सत्यता की प्रत्यक्षता”09/10/1971“पॉवरफुल वृत्ति से सर्विस में वृद्धि”01/12/1971“सर्व-शक्तियों के सम्पत्तिवान बनो”02/02/1972“प्रीत बुद्धि की निशानियाँ”15/03/1972“त्याग और भाग्य”10/05/1972“स्वमान में रहने से फरमान की पालना”15/05/1972“श्रेष्ठ स्थिति बनाने का साधन तीन शब्द - निराकारी, अलंकारी और कल्याणकारी”27/05/1972“रावण से विमुख और बाप के सम्मुख रहो”19/07/1972“संगठन का महत्व तथा संगठन द्वारा सर्टीफिकेट”22/07/1972“नष्टोमोहा बनने की भिन्न-भिन्न युक्तियाँ”28/07/1972“अपवित्रता और वियोग को संघार करने वाली शक्तियाँ ही असुर संघारनी हैं”02/08/1972“हर कर्म विधिपूर्वक करने से सिद्धि की प्राप्ति”04/08/1972“सर्विसएबुल, सेंसीबुल और इसेंसफुल की निशानियां”06/08/1972“वृत्ति चंचल होने का कारण - व्रत में हल्कापन”19/09/1972“मजबूरियों को समाप्त करने का साधन - मजबूती”20/11/1972“स्थिति का आइना - सर्विस”22/11/1972“अन्तिम सर्विस का अन्तिम स्वरूप”09/04/1973“उन्नति के पथ पर अग्रसर होने की युक्तियां”13/06/1973“रूहानी योद्धा”23/06/1973“अलौकिक खजाने के मालिक”02/08/1973“यथार्थ विधि से सिद्धि की प्राप्ति”23/09/1973“विश्व की आत्माओं को लाइट व माइट देने वाला ही विश्व-अधिकारी”27/05/1974“विश्व-कल्याण के निमित्त बनी आत्माओं के वचन भी सदा कल्याणकारी”18/06/1974“लाइट हाउस और माइट हाउस बन, नई दुनिया के मेकर बनो”11/07/1974“मुरली में दी गई डायरेक्शन से ही सर्व कमियों से छुटकारा”14/07/1974“बाप समान सफलता-मूर्त बनने का साधन - सर्व के प्रति शुभ भावना”15/09/1974“पुरुषार्थ का अन्तिम लक्ष्य है अव्यक्त फरिश्ता-पन”09/01/1975“सम्‍पूर्ण बनने में सबसे बड़ा विघ्‍न अलबेलापन”01/02/1975“ईश्वर के साथ का और लगन की अग्नि का अनुभव”05/02/1975“पवित्रता - प्रत्यक्षता की पूर्वगामिनी है और पर्सनैलिटी की जननी”29/08/1975“अब विधि की स्टेज पार कर सिद्धि-स्वरूप बनना है (जन्माष्टमी पर)”18/09/1975“माया के चक्करों से परे, स्वदर्शन चक्रधारी ही भविष्य में छत्रधारी”30/09/1975“सारे कल्प में विशेष पार्ट बजाने वाली श्रेष्ठ आत्माओं की विशेषतायें”01/10/1975“एकान्त, एकाग्रता और दृढ़-संकल्प से सिद्धि की प्राप्ति”04/10/1975“अब दृढ़ संकल्प की तीली से कमज़ोरियों के रावण को जलाओ”12/10/1975“कम्पलेन्ट समाप्त कर कम्पलीट बनने की प्रेरणा”16/10/1975“संकल्प शक्ति को कन्ट्रोल कर सिद्धि-स्वरूप बनने की युक्तियाँ”20/10/1975“परहेज द्वारा संगमयुग के सर्व सुखों की अनुभूति”24/10/1975“हरेक ब्रह्मा-मुखवंशी ब्राह्मण चेतन शालिग्राम का मन्दिर है”26/10/1975“विकारी देह रूपी साँप से सारी कमाई खत्म”27/10/1975“क्वेश्चन, करेक्शन और कोटेशन से पुरुषार्थ में ढीलापन”08/12/1975“बच्चे की विभिन्न स्टेजेस”09/12/1975“महावीर अर्थात् विशेष आत्माओं की विशेषताएं”01/02/1976“रूहानी शमा और तीन प्रकार के रूहानी परवाने”18/01/1977“18 जनवरी का विशेष महत्व”28/04/1977“सदा सुहागिन की निशानियाँ”19/05/1977“आत्म ज्ञान और परमात्म ज्ञान में अन्तर”29/05/1977“पुरुषार्थ की रफ्तार में रुकावट का कारण और उसका निवारण”31/05/1977“विश्व कल्याण करने का सहज साधन है श्रेष्ठ संकल्पों की एकाग्रता”07/06/1977“संगमयुग (धर्माऊ युग) को विशेष वरदान - ‘चढ़ती कला सर्व का भला’”30/06/1977“बापदादा की हर ब्राह्मण आत्मा प्रति श्रेष्ठ कामनाएं”13/01/1978“इन्तजार के पहले इन्तजाम करो”14/02/1978“समीप आत्मा की निशानियाँ”16/02/1978“माया और प्रकृति द्वारा सत्कार प्राप्त आत्मा ही सर्वश्रेष्ठ आत्मा है”01/04/1978“निरन्तर योगी ही निरन्तर साथी है”27/11/1978“अल्पकाल के नाम और मान से न्यारे ही सर्व के प्यारे बन सकते हैं”12/12/1978“परोपकारी कैसे बनें?”14/12/1978“विघ्नों से मुक्त होने की सहज युक्ति”02/01/1979“सम्पूर्णता की समीपता ही विश्व-परिवर्तन की घड़ी की समीपता है”06/01/1979“सूर्यवंशी और चन्द्रवंशी आत्माओं के प्रैक्टिकल जीवन की धारणाओं के चिन्ह”14/01/1979“ब्राह्मण जीवन का विशेष आधार - पवित्रता”03/02/1979“सर्व पर रहम करो, ‘वहम' और ‘अहम' भाव को मिटाओ”30/11/1979“स्वमान में स्थित आत्मा के लक्षण”03/12/1979“विश्व-कल्याणकारी ही विश्व का मालिक बन सकता है”10/12/1979“पुण्य आत्माओं के लक्षण”12/12/1979“रूहानी अलंकार और उनसे सजी हुई मूर्तियाँ”17/12/1979“होली हंस और अमृतवेला रूपी मानसरोवर”28/12/1979“सिद्धि स्वरूप होने की विधि - एकाग्रता”09/01/1980“अलौकिक ड्रेस और अलौकिक श्रृंगार”28/01/1980“सम्पूर्ण ब्रह्मा और ब्राह्मणों के सम्पूर्ण स्वरूप के अन्तर का कारण और निवारण”04/02/1980“भाग्य विधाता बाप और भाग्यशाली बच्चे”07/02/1980“विचित्र राज्य दरबार”20/01/1981“मन, बुद्धि, संस्कार के अधिकारी ही वरदानी मूर्त”07/03/1981“शान्ति स्वरूप के चुम्बक बन चारों ओर शान्ति की किरणें फैलाओ”09/03/1981“मेहनत समाप्त कर निरन्तर योगी बनो”11/03/1981“सफलता के दो मुख्य आधार”13/03/1981“डबल रूप से सेवा द्वारा ही आध्यात्मिक जागृति”25/03/1981“महानता का आधार - संकल्प, बोल, कर्म की चेकिंग”03/04/1981“ज्ञान मार्ग की यादगार भक्ति मार्ग”05/04/1981“समर्थ कर्मों का आधार - ‘धर्म’”11/04/1981“सत्यता की शक्ति से विश्व परिवर्तन”13/04/1981“रूहे-गुलाब की विशेषता”08/10/1981“ब्रह्मा बाप की एक शुभ आशा”24/10/1981“सच्चे आशिक की निशानी”27/10/1981“दीपावली के शुभ अवसर पर अव्यक्त बापदादा के उच्चारे हुए महावाक्य”01/11/1981“सेवा के सफलता की कुन्जी”03/11/1981“योद्धा नहीं दिलतख्तनशीन बनो”21/11/1981“छोड़ो तो छूटो”20/01/1982“प्रीत की रीत निभाने का सहज तरीका - गाना और नाचना”22/01/1982“बधाई और विदाई दो”07/03/1982“संकल्प की गति धैर्यवत होने से लाभ”12/03/1982“चैतन्य पुष्पों में रंग, रुप, खुशबू का आधार”14/03/1982“बापदादा द्वारा देश-विदेश का समाचार”19/03/1982“कर्म - आत्मा का दर्शन कराने का दर्पण”27/03/1982“बीजरुप स्थिति तथा अलौकिक अनुभूतियाँ”01/04/1982“भाग्य का आधार त्याग”08/04/1982“लौकिक, अलौकिक सम्बन्ध का त्याग”11/04/1982“व्यर्थ का त्याग कर समर्थ बनो”16/04/1982“संगमयुगी स्वराज्य दरबार ही सर्वश्रेष्ठ दरबार”18/04/1982“ऊंचे से ऊंचे ब्राह्मण कुल की लाज रखो”26/04/1982“बापदादा के दिलतख्तनशीन बनने का सर्व को समान अधिकार”28/04/1982“सर्वन्श त्यागी की निशानियाँ”31/12/1982“बापदादा की सर्व अलौकिक फ्रैण्ड्स को बधाई”11/01/1983“समर्थ की निशानी - संकल्प, बोल, कर्म, स्वभाव, संस्कार बाप समान”15/01/1983“सहजयोगी और प्रयोगी की व्याख्या”18/02/1983“सदा उमंग-उत्साह में रहने की युक्तियाँ”24/02/1983“दिलाराम बाप का दिलरूबा बच्चों से मिलन”27/03/1983“बाप समान बेहद की वृत्ति को धारण कर बाप समान बनो”13/04/1983“परचिन्तन तथा परदर्शन से हानियाँ”17/04/1983“कर्मातीत स्थिति के लिए समेटने और समाने की शक्तियों की आवश्यकता”27/04/1983“दृष्टि-वृत्ति परिवर्तन करने की युक्तियाँ”04/05/1983“सदा एक मत, एक ही रास्ते से एकरस स्थिति”23/05/1983“छोड़ो तो छूटो!”01/06/1983“नये ज्ञान और ज्ञान दाता को अथॉरिटी से प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”23/12/1983“डबल लाइट की स्थिति से मेहनत समाप्त”27/12/1983“भिखारी नहीं सदा के अधिकारी बनो”29/12/1983“संगमयुग - सहज प्राप्ति का युग”12/01/1984“सदा समर्थ सोचो तथा वर्णन करो”22/02/1984“संगम पर चार कम्बाइन्ड रूपों का अनुभव”24/02/1984“ब्राह्मण जन्म - अवतरित जन्म”12/04/1984“ब्राह्मण जीवन का फाउण्डेशन - पवित्रता”19/04/1984“भावुक आत्मा तथा ज्ञानी आत्मा के लक्षण”09/05/1984“सदा एकरस उड़ने और उड़ाने के गीत गाओ”21/11/1984“स्व-दर्शन धारी ही दिव्य दर्शनीय मूर्त”03/12/1984“सर्व समर्थ शिक्षक के श्रेष्ठ शिक्षाधारी बनो”10/12/1984“पुराने खाते की समाप्ति की निशानी”09/01/1985“श्रेष्ठ भाग्यवान आत्माओं की रूहानी पर्सनैलिटी”14/01/1985“शुभ चिन्तक बनने का आधार स्वचिन्तन और शुभ चिन्तन”16/01/1985“भाग्यवान युग में भगवान द्वारा वर्से और वरदानों की प्राप्ति”28/01/1985“विश्व सेवा का सहज साधन मन्सा सेवा”16/02/1985“हर श्वांस में खुशी का साज बजना ही इस श्रेष्ठ जन्म की सौगात है”27/02/1985“शिव शक्ति पाण्डव सेना की विशेषतायें”02/03/1985“वर्तमान ईश्वरीय जन्म - अमूल्य जन्म”18/03/1985“सन्तुष्टता”21/03/1985“स्वदर्शन चक्र से विजय चक्र की प्राप्ति”27/03/1985“कर्मातीत अवस्था”30/03/1985“तीन-तीन बातों का पाठ”01/01/1986“नया वर्ष रूहानी प्रभावशाली बनने का वर्ष”06/01/1986“संगमयुग - जमा करने का युग”08/01/1986“धरती के ‘होली’ सितारे”13/01/1986“ब्राह्मण जीवन - सदा बेहद की खुशियों का जीवन”20/01/1986“पुरुषार्थ और परिवर्तन के गोल्डन चांस का वर्ष”20/02/1986“उड़ती कला से सर्व का भला”01/03/1986“होली हंस बुद्धि, वृत्ति दृष्टि और मुख”07/03/1986“पढ़ाई की चारों सब्जेक्ट का यथार्थ यादगार - ‘महा-शिवरात्रि’”27/03/1986“सदा के स्नेही बनो”31/03/1986“सर्व शक्ति-सम्पन्न बनने तथा वरदान पाने का वर्ष”18/01/1987“कर्मातीत स्थिति की निशानियां”21/01/1987“स्व-राज्य अधिकारी ही विश्व-राज्य अधिकारी”20/02/1987“याद, पवित्रता और सच्चे सेवाधारी की तीन रेखाएं”18/03/1987“सच्चे रूहानी आशिक की निशानियां”20/03/1987“स्नेह और सत्यता की अथॉरिटी का बैलेन्स”14/10/1987“ब्राह्मण जीवन - बाप से सर्व सम्बन्ध अनुभव करने की जीवन”17/10/1987“ब्राह्मण जीवन का श्रृंगार - ‘पवित्रता’”21/10/1987“दीपराज और दीपरानियों की कहानी”02/11/1987“स्व-परिवर्तन का आधार - ‘सच्चे दिल की महसूसता’”14/11/1987“पूज्य देव आत्मा बनने का साधन - पवित्रता की शक्ति”18/11/1987“साइलेन्स पॉवर जमा करने का साधन - अन्तर्मुखी और एकान्तवासी स्थिति”22/11/1987“मदद के सागर से पद्मगुणा मदद लेने की विधि”27/11/1987“बेहद के वैरागी ही सच्चे राजऋषि”06/12/1987“सिद्धि का आधार - ‘श्रेष्ठ वृत्ति’”14/12/1987“संगमयुगी ब्राह्मण जीवन की तीन विशेषताएं”23/12/1987“मनन शक्ति और मगन स्थिति”27/12/1987“निश्चय बुद्धि विजयी रत्नों की निशानियाँ”06/01/1988“दिल के ज्ञानी तथा स्नेही बनो और लीकेज को बन्द करो”10/01/1988“मनन करने की विधि तथा मनन शक्ति को बढ़ाने की युक्तियां”14/01/1988“उदासी आने का कारण - छोटी-मोटी अवज्ञायें”22/01/1988“हिम्मत का पहला कदम - समर्पणता”03/02/1988“ब्रह्मा मात-पिता की अपने ब्राह्मण बच्चों के प्रति दो शुभ आशाएं”24/02/1988“वरदाता से प्राप्त हुए वरदानों को वृद्धि में लाने की विधि”

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